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Shamli News: खेतों में बदलाव की बयार, ड्रैगन फ्रूट ने किया किसानों का उद्धार
Sat, 26 Jul 2025 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:43 AM IST
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कस्बा बनत में किसान राजबीर खेत में ड्रैगन फ्रूट दिखाते हुए। संवाद
शामली। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक और मुनाफेदार खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। चंदन और लीची के बाद अब किसानों में विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट की खेती का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। इससे किसानों की आमदनी में इजाफा हो रहा है, साथ ही लोग स्वस्थ जीवनशैली की ओर भी प्रेरित हो रहे हैं।
कस्बा बनत के सतबीर सिंह, जो 2019 में उद्यान विभाग से सेवानिवृत्त हुए, उन्होंने 2021 में अपने तीन बीघा खेत में ड्रैगन फ्रूट की शुरुआत की। वहीं, गांव भिक्की देह के किसान सुनील ने पांच बीघा खेत में इसकी खेती शुरू कर दी है। दोनों किसान आज न केवल जिले में बल्कि दिल्ली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में अपने फल भेजकर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।
- कम पानी, ज्यादा मुनाफा
ड्रैगन फ्रूट की खेती में पानी की खपत बेहद कम है और एक बार पौधे लगाने पर यह 25 साल तक फल देता है। सतबीर सिंह ने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई का सिस्टम लगाया है और फल को स्थानीय बाजार में 70 से 100 रुपये प्रति नग तक बेचते हैं। दिल्ली मंडी में इसकी कीमत और भी ज्यादा मिलती है।
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आधुनिक खेती अपनाई
सुनील ने बताया कि पहले वह गन्ना उगाते थे, जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा कम होता था। लेकिन जब उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती की जानकारी ली और सतबीर से पौधे व सलाह ली, तो उन्होंने पांच बीघा में इसकी फसल तैयार की। इस साल से उनके खेत में भी फल आने शुरू हो जाएंगे।
किसानों का संदेश
किसान सतबीर और सुनील का कहना है कि अगर किसान कुछ अलग करना चाहते हैं और मुनाफे वाली खेती अपनाना चाहते हैं, तो ड्रैगन फ्रूट एक बेहतरीन विकल्प है। पारंपरिक खेती से हटकर अब समय है तकनीक और स्मार्ट कृषि का।
20 से 30 डिग्री तापमान में फलता-फूलता है यह विदेशी फल
भिक्की देह गांव के किसान सुनील ने बताया कि पहले वह गन्ने की खेती करते थे, जिसमें खर्च अधिक और मुनाफा कम होता था। उन्होंने इंटरनेट पर जानकारी लेकर आधुनिक खेती का रास्ता चुना और ड्रैगन फ्रूट की ओर रुख किया। यह फल सितंबर से फरवरी तक उत्पादन देता है। इसकी खेती के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान को आदर्श माना जाता है।
- स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
जिला अस्पताल के डॉ. कर्मवीर के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट शरीर को अनेक लाभ देता है :
आयरन की कमी दूर करता है
शुगर को नियंत्रित करने में सहायक
त्वचा को बनाता है चमकदार
वजन घटाने और पाचन में मददगार।
-- - जानिए... ड्रैगन फ्रूट की खासियतें
यह पौधा कैक्टस की प्रजाति का होता है, बेल की तरह फैलता है।
पौधरोपण के 18 महीने बाद फल देना शुरू करता है।
एक पौधा 25 साल तक फल दे सकता है।
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कस्बा बनत के सतबीर सिंह, जो 2019 में उद्यान विभाग से सेवानिवृत्त हुए, उन्होंने 2021 में अपने तीन बीघा खेत में ड्रैगन फ्रूट की शुरुआत की। वहीं, गांव भिक्की देह के किसान सुनील ने पांच बीघा खेत में इसकी खेती शुरू कर दी है। दोनों किसान आज न केवल जिले में बल्कि दिल्ली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में अपने फल भेजकर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।
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- कम पानी, ज्यादा मुनाफा
ड्रैगन फ्रूट की खेती में पानी की खपत बेहद कम है और एक बार पौधे लगाने पर यह 25 साल तक फल देता है। सतबीर सिंह ने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई का सिस्टम लगाया है और फल को स्थानीय बाजार में 70 से 100 रुपये प्रति नग तक बेचते हैं। दिल्ली मंडी में इसकी कीमत और भी ज्यादा मिलती है।
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आधुनिक खेती अपनाई
सुनील ने बताया कि पहले वह गन्ना उगाते थे, जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा कम होता था। लेकिन जब उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती की जानकारी ली और सतबीर से पौधे व सलाह ली, तो उन्होंने पांच बीघा में इसकी फसल तैयार की। इस साल से उनके खेत में भी फल आने शुरू हो जाएंगे।
किसानों का संदेश
किसान सतबीर और सुनील का कहना है कि अगर किसान कुछ अलग करना चाहते हैं और मुनाफे वाली खेती अपनाना चाहते हैं, तो ड्रैगन फ्रूट एक बेहतरीन विकल्प है। पारंपरिक खेती से हटकर अब समय है तकनीक और स्मार्ट कृषि का।
20 से 30 डिग्री तापमान में फलता-फूलता है यह विदेशी फल
भिक्की देह गांव के किसान सुनील ने बताया कि पहले वह गन्ने की खेती करते थे, जिसमें खर्च अधिक और मुनाफा कम होता था। उन्होंने इंटरनेट पर जानकारी लेकर आधुनिक खेती का रास्ता चुना और ड्रैगन फ्रूट की ओर रुख किया। यह फल सितंबर से फरवरी तक उत्पादन देता है। इसकी खेती के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान को आदर्श माना जाता है।
- स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
जिला अस्पताल के डॉ. कर्मवीर के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट शरीर को अनेक लाभ देता है :
आयरन की कमी दूर करता है
शुगर को नियंत्रित करने में सहायक
त्वचा को बनाता है चमकदार
वजन घटाने और पाचन में मददगार।
यह पौधा कैक्टस की प्रजाति का होता है, बेल की तरह फैलता है।
पौधरोपण के 18 महीने बाद फल देना शुरू करता है।
एक पौधा 25 साल तक फल दे सकता है।