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हवा हुई जहरीली, एक्यूआई 238 के पार
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शामली में रेलवे लाइन पर फैला स्मॉग।
- फोटो : SHAMLI
शामली। एनसीआर में शामिल जनपद शामली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। बृहस्पतिवार को दिनभर धुंध छायी रही। पिछले छह दिन से लगातार वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स 238 के पार पहुंच गया है।
पिछले छह दिन से छाई स्मॉग की चादर हटने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को स्मॉग की चादर पूरे दिन ही छायी रही। बच्चों को भी छायी धुंध के बीच स्कूल जाने के लिए विवश होना पड़ा। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकली, जिससे थोड़ी राहत महसूस हुई हालांकि स्मॉग का असर लगातार बना रहा। इसके बाद से फिर से स्मॉग की धुंध छा गई और धूप गायब हो गई। तीन बजे ही ऐसा लगने लगा कि जैसे शाम हो गई हो। बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाए बढ़ गया। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने एयर क्वालिटी इंडेक्स 238 तक पहुंचना बताया गया है। चिकित्सकों ने लगाता बढ़ रहे वायु प्रदूषण में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जिस तरह से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जरा सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
धूप न खिलने से ठंड का अहसास
स्मॉग के कारण धूप न खिलने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है, जिसके चलते लोगों को दिन में भी ठंड का अहसास हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था। बृहस्पतिवार को तापमान एक डिग्री गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि स्मॉग के कारण दिन में धूप न खिलने के कारण तापमान में गिरावट आई है।
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स्मॉग से बचाव
आंखों पर चश्मा पहनकर बाहर निकले।
मुंह पर कपड़ा या रुमाल बांधे।
सांस और हृदय रोगी बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकले।
किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह ले।
इस तरह बढ़ रहा वायु प्रदूषण
तिथि - एक्यूआई
8 नवंबर- 186
10 नवंबर- 203
11 नवंबर- 224
13 नवंबर - 231
14 नवंबर -238
दीपावली के बाद बढ़ा वायु प्रदूषण एक बार खत्म हो गया था, लेकिन पिछले कई दिन से फिर से बढ़ रहा है। स्मॉग का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके चलते सबसे ज्यादा सांस और हृदय रोगियों को परेशानी हो सकती है। ऐसे रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह ले। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
स्मॉग से आंखों में जलन होने की समस्या होती है। इससे आंखों में एलर्जी की बीमारी होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। स्मॉग के कारण आंख में जलन की समस्या को लेकर दो-तीन मरीज रोज उपचार के लिए आ रहे हैं। - डॉ. अशोक सिंघल, नेत्र रोग विशेषज्ञ।
स्मॉग की धुंध से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसमें सावधानी बरतने की जरूरत है। स्मॉग के कारण सांस और हृदय रोगियों को ज्यादा परेेेशानी होती है। इस तरह के रोगियों को घर में ही रहना चाहिए और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलना चाहिए। - डॉ. रमेश चंद्रा, चिकित्साधीक्षक सीएचसी।
वायु प्रदूषण से पैदा होने वाले महीन कण वातावरण में रहते हैं। ये इतने महीन होते हैं कि सांस लेने के दौरान व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं। जो सीधे फेफड़ों में पहुंचकर सांस लेने में परेशानी पैदा करते हैं। इससे बचने के लिए मुंह और नाक पर कपड़ा या मास्क पहनना चाहिए। - डॉ. विजेंद्र मलिक, मेडिकल ऑफिसर सीएचसी।
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पिछले छह दिन से छाई स्मॉग की चादर हटने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को स्मॉग की चादर पूरे दिन ही छायी रही। बच्चों को भी छायी धुंध के बीच स्कूल जाने के लिए विवश होना पड़ा। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकली, जिससे थोड़ी राहत महसूस हुई हालांकि स्मॉग का असर लगातार बना रहा। इसके बाद से फिर से स्मॉग की धुंध छा गई और धूप गायब हो गई। तीन बजे ही ऐसा लगने लगा कि जैसे शाम हो गई हो। बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाए बढ़ गया। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने एयर क्वालिटी इंडेक्स 238 तक पहुंचना बताया गया है। चिकित्सकों ने लगाता बढ़ रहे वायु प्रदूषण में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जिस तरह से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जरा सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
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धूप न खिलने से ठंड का अहसास
स्मॉग के कारण धूप न खिलने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है, जिसके चलते लोगों को दिन में भी ठंड का अहसास हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था। बृहस्पतिवार को तापमान एक डिग्री गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि स्मॉग के कारण दिन में धूप न खिलने के कारण तापमान में गिरावट आई है।
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स्मॉग से बचाव
आंखों पर चश्मा पहनकर बाहर निकले।
मुंह पर कपड़ा या रुमाल बांधे।
सांस और हृदय रोगी बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकले।
किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह ले।
इस तरह बढ़ रहा वायु प्रदूषण
तिथि - एक्यूआई
8 नवंबर- 186
10 नवंबर- 203
11 नवंबर- 224
13 नवंबर - 231
14 नवंबर -238
दीपावली के बाद बढ़ा वायु प्रदूषण एक बार खत्म हो गया था, लेकिन पिछले कई दिन से फिर से बढ़ रहा है। स्मॉग का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके चलते सबसे ज्यादा सांस और हृदय रोगियों को परेशानी हो सकती है। ऐसे रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह ले। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
स्मॉग से आंखों में जलन होने की समस्या होती है। इससे आंखों में एलर्जी की बीमारी होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। स्मॉग के कारण आंख में जलन की समस्या को लेकर दो-तीन मरीज रोज उपचार के लिए आ रहे हैं। - डॉ. अशोक सिंघल, नेत्र रोग विशेषज्ञ।
स्मॉग की धुंध से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसमें सावधानी बरतने की जरूरत है। स्मॉग के कारण सांस और हृदय रोगियों को ज्यादा परेेेशानी होती है। इस तरह के रोगियों को घर में ही रहना चाहिए और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलना चाहिए। - डॉ. रमेश चंद्रा, चिकित्साधीक्षक सीएचसी।
वायु प्रदूषण से पैदा होने वाले महीन कण वातावरण में रहते हैं। ये इतने महीन होते हैं कि सांस लेने के दौरान व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं। जो सीधे फेफड़ों में पहुंचकर सांस लेने में परेशानी पैदा करते हैं। इससे बचने के लिए मुंह और नाक पर कपड़ा या मास्क पहनना चाहिए। - डॉ. विजेंद्र मलिक, मेडिकल ऑफिसर सीएचसी।