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मांग पूरी होने तक मुआवजा नहीं लेंगे
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शामली कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : SHAMLI
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मांग पूरी होने तक मुआवजा नहीं लेंगे
शामली। दिल्ली-देहरादनू हाईवे किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को कई गांवों के किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। दिल्ली-देहरादून हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में उन्होंने अनियमितताओं का आरोप लगाया। मुआवजा बढ़ाने समेत दस सूत्रीय मांग पत्र डीएम जसजीत कौर को सौंपा। चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक किसान मुआवजा नहीं लेंगे और हाईवे का कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
समिति के अध्यक्ष वीर सिंह और सचिव विदेश मलिक ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे के भूमि अधिग्रहण में किसानों को कई समस्याएं सामने आ रही हैं। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, किसान अपनी भूमि हरगिज नहीं देंगे। हाईवे निर्माण का कार्य भी शुरू नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि 2015 के सर्किल रेट के हिसाब से 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि करते हुए दोबारा अवार्ड किया जाए।
अधिग्रहण की जद में आए नलकूप, मकान और वृक्षों कीमत का दोबारा मूल्यांकन कराया जाए। किसानों को सर्विस रोड, अंडरपास और सिंचाई के लिए नाली की सुविधा दी जाए। जिस किसान की भूमि में फसल खड़ी है, उसका मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की भूमि हाईवे के दोनों ओर बचती है, उन्हें भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के अनुसार बढ़ाकर प्रतिकर दिलाया जाए, जो इस अवार्ड में नहीं दिया गया है। हाईवे की वजह से किसानों को दिक्कत आएगी, उन्हें नियमानुसार बढ़ाकर प्रतिकर दिलाया जाए। किसानों की जो भूमि 1000 मीटर से कम हाईवे के पास बचती है।
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जिस कृषि कार्य नहीं कर सकते, उसका अधिग्रहण इसी प्रक्रिया के तहत किया जाए। प्रभावित किसानों के परिवारों के भरण पोषण और पुर्नवास के लिए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या एकमुश्त धनराशि दी जाए। सभी प्रभावित किसानों को एनएचएआई की तरफ से टोल में छूट के लिए ग्रीन कार्ड दिलाए जाएं। किसानों को स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाए। डीएम ने किसानों से ज्ञापन लेकर समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। धरने में बिजेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, बीरपाल ठेकेदार, हाजी तुफैल, सुरेश राणा, प्रमोद, युद्धवीर, धीर सिंह, आशीष पुंडीर आदि मौजूद रहे।
इन गांवों के किसान धरने में हुए शामिल
धरने में मौजा बाबरी, बंतीखेड़ा, भैसानी इस्लामपुर, अब्दुल्लापुर, भाजू, भिक्का माजरा, बुटराड़ा, चूनसा, गोगवान, कैड़ी, हसनपुर लुहारी, कांजरहेड़ी, कासमपुर, खानपुर, खेड़ी पट्टी, ख्यावड़ी, लाडो मजरी, नांगल रायपुर, उमरपुर, लांक आदि गांव के किसान शामिल हुए और मांग जल्द पूरी करने की मांग की।
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शामली। दिल्ली-देहरादनू हाईवे किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को कई गांवों के किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। दिल्ली-देहरादून हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में उन्होंने अनियमितताओं का आरोप लगाया। मुआवजा बढ़ाने समेत दस सूत्रीय मांग पत्र डीएम जसजीत कौर को सौंपा। चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक किसान मुआवजा नहीं लेंगे और हाईवे का कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
समिति के अध्यक्ष वीर सिंह और सचिव विदेश मलिक ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे के भूमि अधिग्रहण में किसानों को कई समस्याएं सामने आ रही हैं। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, किसान अपनी भूमि हरगिज नहीं देंगे। हाईवे निर्माण का कार्य भी शुरू नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि 2015 के सर्किल रेट के हिसाब से 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि करते हुए दोबारा अवार्ड किया जाए।
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अधिग्रहण की जद में आए नलकूप, मकान और वृक्षों कीमत का दोबारा मूल्यांकन कराया जाए। किसानों को सर्विस रोड, अंडरपास और सिंचाई के लिए नाली की सुविधा दी जाए। जिस किसान की भूमि में फसल खड़ी है, उसका मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की भूमि हाईवे के दोनों ओर बचती है, उन्हें भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के अनुसार बढ़ाकर प्रतिकर दिलाया जाए, जो इस अवार्ड में नहीं दिया गया है। हाईवे की वजह से किसानों को दिक्कत आएगी, उन्हें नियमानुसार बढ़ाकर प्रतिकर दिलाया जाए। किसानों की जो भूमि 1000 मीटर से कम हाईवे के पास बचती है।
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जिस कृषि कार्य नहीं कर सकते, उसका अधिग्रहण इसी प्रक्रिया के तहत किया जाए। प्रभावित किसानों के परिवारों के भरण पोषण और पुर्नवास के लिए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या एकमुश्त धनराशि दी जाए। सभी प्रभावित किसानों को एनएचएआई की तरफ से टोल में छूट के लिए ग्रीन कार्ड दिलाए जाएं। किसानों को स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाए। डीएम ने किसानों से ज्ञापन लेकर समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। धरने में बिजेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, बीरपाल ठेकेदार, हाजी तुफैल, सुरेश राणा, प्रमोद, युद्धवीर, धीर सिंह, आशीष पुंडीर आदि मौजूद रहे।
इन गांवों के किसान धरने में हुए शामिल
धरने में मौजा बाबरी, बंतीखेड़ा, भैसानी इस्लामपुर, अब्दुल्लापुर, भाजू, भिक्का माजरा, बुटराड़ा, चूनसा, गोगवान, कैड़ी, हसनपुर लुहारी, कांजरहेड़ी, कासमपुर, खानपुर, खेड़ी पट्टी, ख्यावड़ी, लाडो मजरी, नांगल रायपुर, उमरपुर, लांक आदि गांव के किसान शामिल हुए और मांग जल्द पूरी करने की मांग की।