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Shamli News: कलक्ट्रेट में घुसने से रोका तो हाईवे पर पहुंंचे किसान
Tue, 08 Oct 2024 02:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 08 Oct 2024 02:20 AM IST
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शामली में बैरियर हटा कर कलक्ट्रेट में जाते किसान । संवाद
शामली। बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग करते हुए सोमवार को किसानों ने कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। कलक्ट्रेट में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा किसानों घुसने से रोक दिया और गेट का ताला लगा दिया। किसान गेट पर चढ़ गए। इस दौरान अधिकारियों से नोकझोंक हुई। गुस्साए किसान कलक्ट्रेट चौराहे के सामने हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक पानीपत -खटीमा, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर वाहनों के पहिए थम गए।
शामली मिल पर वर्ष 2022-23 का किसानाें का करीब 188 करोड़ रुपया बकाया है। किसान शामली शुगर मिल में पिछले 11 दिन से धरना दे रहे हैं। सोमवार करीब 3:30 बजे किसान शामली शुगर मिल से ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट में धरना देने के लिए पहुंचे। किसानों ने ट्रैक्टर आदि को कलक्ट्रेट में घुसाने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा किसानों को अंदर जाने से रोक दिया। यहां तक कि गेट का ताला लगा दिया। किसान गेट पर चढ़ गए। उनकी शामली कोतवाल, आदर्श मंडी थाना प्रभारी से जमकर नोकझोंक हुई।
गुस्साए किसान कलक्ट्रेट के सामने हाईवे पर पहुंच गए और वहां धरना देकर बैठ गए। किसानों ने मिल प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों से वार्ता करने के लिए तीन बार एसडीएम हामिद हुसैन पहुंचे मगर किसान कलक्ट्रेट के अंदर धरना देने और बकाया भुगतान की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान तीन घंटे तक हाईवे वाहनों का आवागमन ठप रहा।
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किसानों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अनिश्चितकाल के लिए भी हाईवे को जाम करने को बाध्य होंगे। इस दौरान संजीव शास्त्री,प्रभात मलिक, वीरेंद्र मलिक, जयवीर मलिक, बाबा राजेंद्र मलिक, सतबीर सिंह, मुकेश , सनी, विनोद मलिक, प्रमोद कुमार, राजेश, मनीष कुमार, रितिक आदि शामिल रहे।
चाहे मुकदमा दर्ज हो जाए, मगर बकाया भुगतान लेकर रहेंगे
किसान संजीव शास्त्री, बाबा राजेंद्र मलिक, प्रभात आदि ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों की सुनवाई नहीं कर रहा। किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि चाहे मुकदमा दर्ज ही क्यों न हो जाए मगर हम बकाया भुगतान हर हाल में लेकर रहेंगे।
तीनों मिलों का बकाया मांग कर रहे किसान
शामली चीनी पर पर किसानों का 188 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 46 करोड़ और थानाभवन चीनी मिल पर किसानों का 86 करोड़ रुपये पिछले सत्र का बकाया चल रहा है। बार-बार मांग के बावजूद किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा, जिसके कारण किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।
हाईवे पर लग जाम, वाहन चालक परेशान
शामली। किसानों के कलक्ट्रेट चौराहे पर जाम के कारण पानीपत खटीमा हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर, शामली में एसटी तिराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, किसानों ने एंबुलेंस और अन्य वाहनों को खुद जाम से निकलवाया भी।
किसानों को कमेटी बनाने के लिए कहा जा रहा है। मगर वह कमेटी नहीं बना रहे। कमेटी बनाने पर किसानों की मिल प्रशासन से वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद उनका बकाया भुगतान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
संतोष कुमार, एडीएम शामली
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शामली मिल पर वर्ष 2022-23 का किसानाें का करीब 188 करोड़ रुपया बकाया है। किसान शामली शुगर मिल में पिछले 11 दिन से धरना दे रहे हैं। सोमवार करीब 3:30 बजे किसान शामली शुगर मिल से ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट में धरना देने के लिए पहुंचे। किसानों ने ट्रैक्टर आदि को कलक्ट्रेट में घुसाने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा किसानों को अंदर जाने से रोक दिया। यहां तक कि गेट का ताला लगा दिया। किसान गेट पर चढ़ गए। उनकी शामली कोतवाल, आदर्श मंडी थाना प्रभारी से जमकर नोकझोंक हुई।
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गुस्साए किसान कलक्ट्रेट के सामने हाईवे पर पहुंच गए और वहां धरना देकर बैठ गए। किसानों ने मिल प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों से वार्ता करने के लिए तीन बार एसडीएम हामिद हुसैन पहुंचे मगर किसान कलक्ट्रेट के अंदर धरना देने और बकाया भुगतान की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान तीन घंटे तक हाईवे वाहनों का आवागमन ठप रहा।
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किसानों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अनिश्चितकाल के लिए भी हाईवे को जाम करने को बाध्य होंगे। इस दौरान संजीव शास्त्री,प्रभात मलिक, वीरेंद्र मलिक, जयवीर मलिक, बाबा राजेंद्र मलिक, सतबीर सिंह, मुकेश , सनी, विनोद मलिक, प्रमोद कुमार, राजेश, मनीष कुमार, रितिक आदि शामिल रहे।
चाहे मुकदमा दर्ज हो जाए, मगर बकाया भुगतान लेकर रहेंगे
किसान संजीव शास्त्री, बाबा राजेंद्र मलिक, प्रभात आदि ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों की सुनवाई नहीं कर रहा। किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि चाहे मुकदमा दर्ज ही क्यों न हो जाए मगर हम बकाया भुगतान हर हाल में लेकर रहेंगे।
तीनों मिलों का बकाया मांग कर रहे किसान
शामली चीनी पर पर किसानों का 188 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 46 करोड़ और थानाभवन चीनी मिल पर किसानों का 86 करोड़ रुपये पिछले सत्र का बकाया चल रहा है। बार-बार मांग के बावजूद किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा, जिसके कारण किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।
हाईवे पर लग जाम, वाहन चालक परेशान
शामली। किसानों के कलक्ट्रेट चौराहे पर जाम के कारण पानीपत खटीमा हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर, शामली में एसटी तिराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, किसानों ने एंबुलेंस और अन्य वाहनों को खुद जाम से निकलवाया भी।
किसानों को कमेटी बनाने के लिए कहा जा रहा है। मगर वह कमेटी नहीं बना रहे। कमेटी बनाने पर किसानों की मिल प्रशासन से वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद उनका बकाया भुगतान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
संतोष कुमार, एडीएम शामली

शामली में बैरियर हटा कर कलक्ट्रेट में जाते किसान । संवाद