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Shamli News: माथे पे चाहे जो लिखा हो, सीने में हिंदोस्तान होना चाहिए

Mon, 10 Mar 2025 12:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:55 AM IST
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Whatever is written on the forehead, there must be Hindustan in the heart
वीवी पीजी डिग्री कॉलेज में आयोजित शामली महोत्सव में मुशायरे का दीप जला कर शुभारंभ करते एडीएम
शामली। वीवी पीजी कॉलेज में चल रहे शामली महोत्सव में अखिल भारतीय मुशायरा आयोजित किया गया। मुशायरे में मशहूर शायरों ने भाग लिया और शानदार कलाम पेश किए।
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शनिवार देर रात तक चले मुशायरे की शुरूआत जावेद आसी के देश भक्ति गीत से हुई। मशहूर शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए। आपके माथे पे चाहे जो लिखा हो मगर, मगर सीने में हिंदोस्तान होना चाहिए। शायर खुर्शीद हैदर ने कहा गैर परों पर उड़ सकते हैं, हद से हद दीवारों तक। आसमान तक वही उड़ेगा, जिसके अपने पर होंगे। शायर प्रदीप मायूस ने कहा कि भले नफरत हो जितनी भी यूं तेरे जहन में जालिम, मुहब्बत का हसीं ये कारवां तो रुक नहीं सकता। तू कितनी कोशिशें कर लें, मगर ये कोल है अपना, हमारे देश का झंडा कभी भी झुक नहीं सकता।
आगरा की शायरा डॉ. आरिफा शबनम ने पढ़ा, मैने कोई सूरज कोई तारा नहीं देखा, होता है कैसा दुनिया का नजारा भी देखा। हास्य शायर जहाज देवबंदी ने अपने अंदाज में लोगों को हंसाते हुए लोटपोट कर दिया। शायर अंसार सिद्दीकी ने कलाम पेश करते हुए कहा, मैंने सोचा था कि उसके ख्वाब में शिरकत करूं, क्या खबर थी आज वो भी जागता रह जाएगा।
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वरिष्ठ रचनाकार योगेंद्र सुंदरियाल ने सभी को गुदगुदाया। मनु बदायूंनी ने जिंदगी पर कलाम पेश किया। जुनैद अख्तर कांधलवी ने खूबसूरत अंदाज में गजल पेश की। वसीम झिंझानवी ने कहा कि तू मेरी जान है, तू मेरी जान है। मेरे धड़कन है तू ,मेरा उनवान है तू मेरी जान है।
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शायर कौसर जैदी, नवाजिश नजर ने शानदार गजलें पेश की। कार्यक्रम संयोजक एडीएम संतोष सिंह ने कलाम पेश किया, मेरे एक हाथ में जम जम दूजे में गंगा हो, जब मेरा दम निकले तो मेरा कफन तिरंगा हो। कार्यक्रम में अरुण शर्मा, मीनाक्षी, दिनेश, डॉ. अनुराग शर्मा ने भी काव्यपाठ किया ।

कार्यक्रम में सुरजीत सिंह, गौरव, विवेक, आस मोहम्मद , लवली सिंह टांक, सुधीर जगधर आदि मौजूद रहे। एडीएम संतोष सिंह व सहसंयोजक प्रसिद्ध शायर प्रदीप मायूस ने सभी शायरों को शाल एवं शामली की पहचान पारंपरिक गुड़ भेंट किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम संतोष कुमार व डॉ. नवाज देवबंदी ने संयुक्त रूप से शमा रोशन करके किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कौसर जैदी कैरानवी ने की और संचालन गुलजार जिगर ने किया ।
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