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पिछली तिथि में जमा नहीं कर सकेंगे शस्त्र
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पिछली तिथि में जमा नहीं कर सकेंगे शस्त्र
शामली। लाइसेंसी शस्त्र धारकों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। अब शस्त्र थाने या निजी दुकानों पर जमा करने के लिए उसी तिथि का राष्ट्रीयकृत बैंक का 100 रुपये का चालान भी प्रस्तुत करना जरूरी होगा। ऐसा होने से शस्त्र धारक पिछली तिथि में शस्त्र जमा नहीं कर पाएंगे।
लाइसेंस धारक अपने शस्त्र का दुरुपयोग करने के बाद कार्रवाई से बचने या साक्ष्य मिटाने के लिए शस्त्र को पिछली तिथि में मालखाने और निजी क्षेत्र की दुकानों में जमा करा देते हैं। वह साबित करने का प्रयास करते हैं कि अपराध की तिथि पर उनका शस्त्र मालखाने या निजी दुकान में जमा था। इस दुरुपयोग को रोकने के लिए शस्त्र जमा करते समय लाइसेंस धारक को 100 रुपये का उसी तिथि का चालान राष्ट्रीयकृत बैंक से प्राप्त कर शस्त्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। यह प्रक्रिया थाने स्तर पर भी इसी प्रकार लागू होगी। शस्त्रों का मिलान शस्त्र अनुभाग में उपस्थित होकर समस्त थानेदार अनिवार्य रूप से करेंगे।
निजी दुकानों पर जमा शस्त्रों का दुरुपयोग न हों, इसे रोकने के लिए एसडीएम व सीओ औचक निरीक्षण कर जमा शस्त्रों का सत्यापन समय-समय पर करेंगे। यदि पुलिस को ऐसा लगता है कि किसी शस्त्र व्यवसायी के यहां जमा शस्त्र का दुरुपयोग किया जा सकता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद व्यवसायी के यहां जमा किसी विशेष लाइसेंस धारक के शस्त्रों को थाने पर जमा करा सकते हैं। लाइसेंस धारक अपने शस्त्र यदि किसी दुकान पर जमा कराते हैं तो उनको सेफ कस्टडी रजिस्टर में विधिवत अंकित करते हुए जमा कराने की रसीद जारी करेंगे।
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शामली। लाइसेंसी शस्त्र धारकों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। अब शस्त्र थाने या निजी दुकानों पर जमा करने के लिए उसी तिथि का राष्ट्रीयकृत बैंक का 100 रुपये का चालान भी प्रस्तुत करना जरूरी होगा। ऐसा होने से शस्त्र धारक पिछली तिथि में शस्त्र जमा नहीं कर पाएंगे।
लाइसेंस धारक अपने शस्त्र का दुरुपयोग करने के बाद कार्रवाई से बचने या साक्ष्य मिटाने के लिए शस्त्र को पिछली तिथि में मालखाने और निजी क्षेत्र की दुकानों में जमा करा देते हैं। वह साबित करने का प्रयास करते हैं कि अपराध की तिथि पर उनका शस्त्र मालखाने या निजी दुकान में जमा था। इस दुरुपयोग को रोकने के लिए शस्त्र जमा करते समय लाइसेंस धारक को 100 रुपये का उसी तिथि का चालान राष्ट्रीयकृत बैंक से प्राप्त कर शस्त्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। यह प्रक्रिया थाने स्तर पर भी इसी प्रकार लागू होगी। शस्त्रों का मिलान शस्त्र अनुभाग में उपस्थित होकर समस्त थानेदार अनिवार्य रूप से करेंगे।
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निजी दुकानों पर जमा शस्त्रों का दुरुपयोग न हों, इसे रोकने के लिए एसडीएम व सीओ औचक निरीक्षण कर जमा शस्त्रों का सत्यापन समय-समय पर करेंगे। यदि पुलिस को ऐसा लगता है कि किसी शस्त्र व्यवसायी के यहां जमा शस्त्र का दुरुपयोग किया जा सकता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद व्यवसायी के यहां जमा किसी विशेष लाइसेंस धारक के शस्त्रों को थाने पर जमा करा सकते हैं। लाइसेंस धारक अपने शस्त्र यदि किसी दुकान पर जमा कराते हैं तो उनको सेफ कस्टडी रजिस्टर में विधिवत अंकित करते हुए जमा कराने की रसीद जारी करेंगे।
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