झिंझाना। जश्न-ए-आजादी की एक शाम देश के नाम में एक आल इंडिया मुशायरे का आयोजन ऊन रोड बरातघर में किया गया। हिंदू मुस्लिम एकता, भाईचारा का प्रतीक रहा।
मंगलवार रात नगर पंचायत चेयरमैन नौशाद, पूर्व चेयरमैन राकेश गोयल ने शमा रोशन कर मुशायरे की शुरुआत की। कुरआन शरीफ पूरा करने वाले मदरसे के 25 बच्चों को कुरआन दिया गया। वहीं गुरुकुल के बच्चों को गीता भेंट कर हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की। लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से भी बच्चों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। झिंझाना चेयरमैन नौशाद ने मुशायरे की अध्यक्षता की और गुलजार देवबंदी ने संचालन किया। शायर वसीम ने नाते पाक से मुशायरे की शुरुआत की। इसे बाद उन्होंने सुनाया ‘मुस्लिम का ये प्यार दुलारा लगता है, हमको तिरंगा जान से प्यारा लगता है, सरहद के उस पार भला हम क्यों जाएं, हिंद का झंडा प्यारा लगता है’। खतौली के शायर अमजद ने कहा ‘लहू जब तक रगों में है हमारी, तिरंगा यूं ही लहराता रहेगा’। अख्तर इलाहाबादी ने आपसी भाईचारे और वतन के प्रति इस तरह तरजीह दी ‘मेरे हाथों में दम हो, मेरे हाथ में गंगा हो, दोबारा फिर कभी हिंदू-मुस्लिम का दंगा न हो’। मुशायरे में आए शायरों में हैदर, अब्दुल माजिद, साहिल, फाजिल, जुनैद अख्तर, नवाजिश खान, मुरसलीन व इमरान झिंझानवीं, अब्दुल वारिस और जावेद ने अपनी गजलें और शायरी से महफिल को नवाजा। जश्न-ए-आजादी पर मुशायरे का आयोजन में विशिष्ट अतिथि राकेश गोयल, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष विनोद संगल, कारी इरशाद, हाफिज अय्यूब आदि मेहमानों का स्वागत किया गया।

झिंझाना मुशायरे में कलाम पेश करते शायर।- फोटो : SHAMLI