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Shamli News: वाटर टेस्टिंग लैब शुरू, होगी पानी के हेवी मेटल की जांच
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शामली में शुरू की गई अत्याधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब। संवाद।
शामली। सिंभालका में तैयार की जा रही अत्याधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब को शुरू करा दिया गया है। अब जिले के लोगाें को पानी के हेवी मेटल समेत अन्य पैरा मीटर की जांच के लिए मेरठ या फिर गाजियाबाद के चक्कर लगाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। मात्र 48 घंटे के अंदर पानी के सभी पैरामीटरों की जांच की जा सकेगी।
दरअसल, जल निगम ने रेलपार कॉलोनी में पानी के नमूनों की जांच के लिए लैब स्थापित है। मगर लैब में अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं होने के कारण, पीएच, टर्बीडीटी, टीडीएस, टोटल हार्डनेस, आयरन, क्लोराइड आदि की जांच ही यहां पर हो पाती थी। हेवी मेटल और अन्य जांचों के लिए विभागीय अधिकारियों या फिर लोगों को जांचों के लिए मेरठ या फिर गाजियाबाद सैंपलों को लेकर जाना पड़ता था। विभागीय अधिकारियों ने अत्याधुनिक लैब के लिए विभाग को पत्र लिखा था।
लैब इंचार्ज अमित कुमार और टेक्नीशियन मनीष ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर सिंभालका में अत्याधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब को बुधवार को शुरू करा दिया गया। जल निगम के एक्सईएन मौ. हाशिम ने लैब का जायजा लिया। मातहतों को लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बताया कि दो टीमों की भी तैनाती कर दी गई है। लोगों को भी लैब के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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- हर माह होती है 300 सैंपलों की जांच, हर साल दो बार कराएं जांच
लैब इंचार्ज अमित कुमार ने बताया कि हर साल 300 सैंपलों की जांच की जाती है। जिनमें स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, हैंडपंप, लोगों के घरों के पानी के नमूने शामिल होते हैं। लोगों से भी अपील की है कि साल में दो बार लोगों को अपने हैंडपंप या फिर टंकी के पानी की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए।
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दरअसल, जल निगम ने रेलपार कॉलोनी में पानी के नमूनों की जांच के लिए लैब स्थापित है। मगर लैब में अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं होने के कारण, पीएच, टर्बीडीटी, टीडीएस, टोटल हार्डनेस, आयरन, क्लोराइड आदि की जांच ही यहां पर हो पाती थी। हेवी मेटल और अन्य जांचों के लिए विभागीय अधिकारियों या फिर लोगों को जांचों के लिए मेरठ या फिर गाजियाबाद सैंपलों को लेकर जाना पड़ता था। विभागीय अधिकारियों ने अत्याधुनिक लैब के लिए विभाग को पत्र लिखा था।
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लैब इंचार्ज अमित कुमार और टेक्नीशियन मनीष ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर सिंभालका में अत्याधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब को बुधवार को शुरू करा दिया गया। जल निगम के एक्सईएन मौ. हाशिम ने लैब का जायजा लिया। मातहतों को लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बताया कि दो टीमों की भी तैनाती कर दी गई है। लोगों को भी लैब के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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- हर माह होती है 300 सैंपलों की जांच, हर साल दो बार कराएं जांच
लैब इंचार्ज अमित कुमार ने बताया कि हर साल 300 सैंपलों की जांच की जाती है। जिनमें स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, हैंडपंप, लोगों के घरों के पानी के नमूने शामिल होते हैं। लोगों से भी अपील की है कि साल में दो बार लोगों को अपने हैंडपंप या फिर टंकी के पानी की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए।