{"_id":"62f69264fdebaa7bcf0342c1","slug":"water-level-reached-near-warning-level-in-yamuna-shamli-news-mrt60093916","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में कुचाले भर रही लहरें, चेतावनी बिंदु के नजदीक जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में कुचाले भर रही लहरें, चेतावनी बिंदु के नजदीक जलस्तर
विज्ञापन
कैराना में बढ़ता युमना नदी का जलस्तर।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से करीब सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को यमुना में लहरें उठ रही हैं। जलस्तर में एकाएक डेढ़ मीटर की वृद्धि हुई है। यह चेतावनी बिंदु से महज 30 सेमी नीचे है। इसके चलते यमुना पुल के निकट मंदिर में फिर से पानी घुस गया। वहीं, खादर क्षेत्र में कई खेत जलमग्न हो गए। जिस कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
हथिनीकुंड बैराज से बृहस्पतिवार को यमुना में अधिकतम 2 दो 21 हजार 786 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इसके मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया था। खादर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी। यह पानी शुक्रवार को कैराना पहुंचा तो यमुना उफान पर पहुंच गई। यमुना के जलस्तर में एकाएक डेढ़ मीटर की वृद्धि होने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
गांव मवी-हैदरपुर के जंगल में एक किसान की ज्वार में पानी घुस गया। वहीं, बिजेंद्र ने मिर्च की फसल के बाद गाजर लगाने के लिए भूमि जुताई कर रखी थी। इसमें पानी भर गया। इसके अतिरिक्त कई किसानों के खेतों पर रिठान तक पानी पहुंच गया। इसके अतिरिक्त ब्रिज के निकट स्थित मंदिर में फिर पानी घुस गया। क्षेत्र में अधिक नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि किसानों की चिंता कम होती नजर नहीं आ रही है। जलस्तर शुक्रवार को 229.25 मीटर से बढ़कर 230.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर व खतरे का निशान 231.500 मीटर पर है।
विज्ञापन
ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता आशु कुमार ने बताया कि शुक्रवार को यमुना में पानी छोड़ने की मात्रा कम हो गई। सुबह आठ बजे 86 हजार 360 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। यह दोपहर तीन बजे घटकर 32 हजार 912 क्यूसेक पर आ गया। इससे अगले 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में गिरावट आने की संभावना है।
विज्ञापन
कैराना। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से करीब सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को यमुना में लहरें उठ रही हैं। जलस्तर में एकाएक डेढ़ मीटर की वृद्धि हुई है। यह चेतावनी बिंदु से महज 30 सेमी नीचे है। इसके चलते यमुना पुल के निकट मंदिर में फिर से पानी घुस गया। वहीं, खादर क्षेत्र में कई खेत जलमग्न हो गए। जिस कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
हथिनीकुंड बैराज से बृहस्पतिवार को यमुना में अधिकतम 2 दो 21 हजार 786 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इसके मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया था। खादर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी। यह पानी शुक्रवार को कैराना पहुंचा तो यमुना उफान पर पहुंच गई। यमुना के जलस्तर में एकाएक डेढ़ मीटर की वृद्धि होने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
विज्ञापन
गांव मवी-हैदरपुर के जंगल में एक किसान की ज्वार में पानी घुस गया। वहीं, बिजेंद्र ने मिर्च की फसल के बाद गाजर लगाने के लिए भूमि जुताई कर रखी थी। इसमें पानी भर गया। इसके अतिरिक्त कई किसानों के खेतों पर रिठान तक पानी पहुंच गया। इसके अतिरिक्त ब्रिज के निकट स्थित मंदिर में फिर पानी घुस गया। क्षेत्र में अधिक नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि किसानों की चिंता कम होती नजर नहीं आ रही है। जलस्तर शुक्रवार को 229.25 मीटर से बढ़कर 230.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर व खतरे का निशान 231.500 मीटर पर है।
विज्ञापन
ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता आशु कुमार ने बताया कि शुक्रवार को यमुना में पानी छोड़ने की मात्रा कम हो गई। सुबह आठ बजे 86 हजार 360 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। यह दोपहर तीन बजे घटकर 32 हजार 912 क्यूसेक पर आ गया। इससे अगले 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में गिरावट आने की संभावना है।