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आरक्षण होते ही कई दावेदारों के मंसूबों पर फिरा पानी
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शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होते ही कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फिर गया। जाट, चौहान और मुस्लिम समाज के कई नेता जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे थे। जिला पंचायत सदस्य की दो सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होनी हैं।
शामली जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। बीते चुनाव में यह महिला के लिए आरक्षित था। शुक्रवार को आरक्षण घोषित होते ही कई दावेदारों का जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना टूट गया है। जाट, चौहान और मुस्लिम समाज के कई नेता अध्यक्ष बनने की कतार में थे परंतु अब उन्होंने अपने पक्ष की अनुसूचित जाति की महिला दावेदार की तलाश शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्य के 19 पदों में से एक अनुसूचित जाति तथा एक अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होगा। अध्यक्ष पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने से दोनों सीटों पर महिलाओं का बोलबाला रहेगा। इन सीटों पर चुनाव लड़ने का सपना देख रहे पुरुष अब अपने परिवार की महिलाओं को ही चुनाव लड़ाएंगे। इसके साथ ही सदस्य के आठ पद अनारक्षित हैं तथा चार पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन पर भी अनुसूचित जाति की महिला चुनाव लड़ सकती हैं। फिलहाल राजनीतिक दलों ने पत्ते नहीं खोले हैं। यदि राजनीतिक दल अध्यक्ष पद कब्जाना चाहते हैं तो उन्हें अनुसूचित जाति की मजबूत महिला दावेदार को आगे लाना होगा। राजनीतिक दल अनारक्षित सीटों पर भी एससी महिला दावेदारों को उतार सकते हैं। हालांकि मंथन शुरू हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर का कहना है कि जिला पंचायत चुनाव के लिए दावेदारों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। हालांकि स्थिति जल्द साफ हो जाएगी।
अब निगाह सदस्यों के आरक्षण पर
जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण निर्धारित होने के बाद अब निगाह सदस्य पद के आरक्षण पर है। दो या तीन मार्च तक आरक्षण का निर्धारण कर प्रकाशन कर दिया जाएगा। चार से आठ मार्च तक आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद 13-14 मार्च तक आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
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16-17 को लखनऊ में होगा प्रशिक्षण
ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख पद पर आरक्षण निर्धारण के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दोनों अधिकारियों को 16 और 17 फरवरी को लखनऊ बुलाया है।
2015 में जिला पंचायत सदस्य पद का आरक्षण
अनारक्षित : 08
अन्य पिछड़ा वर्ग : 03
अन्य पिछड़ा वर्ग महिला : 02
अनुसूचित जाति : 01
अनुसूचित जाति महिला : 01
महिला : 04
कुल: 19
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शामली जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। बीते चुनाव में यह महिला के लिए आरक्षित था। शुक्रवार को आरक्षण घोषित होते ही कई दावेदारों का जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना टूट गया है। जाट, चौहान और मुस्लिम समाज के कई नेता अध्यक्ष बनने की कतार में थे परंतु अब उन्होंने अपने पक्ष की अनुसूचित जाति की महिला दावेदार की तलाश शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्य के 19 पदों में से एक अनुसूचित जाति तथा एक अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होगा। अध्यक्ष पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने से दोनों सीटों पर महिलाओं का बोलबाला रहेगा। इन सीटों पर चुनाव लड़ने का सपना देख रहे पुरुष अब अपने परिवार की महिलाओं को ही चुनाव लड़ाएंगे। इसके साथ ही सदस्य के आठ पद अनारक्षित हैं तथा चार पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन पर भी अनुसूचित जाति की महिला चुनाव लड़ सकती हैं। फिलहाल राजनीतिक दलों ने पत्ते नहीं खोले हैं। यदि राजनीतिक दल अध्यक्ष पद कब्जाना चाहते हैं तो उन्हें अनुसूचित जाति की मजबूत महिला दावेदार को आगे लाना होगा। राजनीतिक दल अनारक्षित सीटों पर भी एससी महिला दावेदारों को उतार सकते हैं। हालांकि मंथन शुरू हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर का कहना है कि जिला पंचायत चुनाव के लिए दावेदारों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। हालांकि स्थिति जल्द साफ हो जाएगी।
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अब निगाह सदस्यों के आरक्षण पर
जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण निर्धारित होने के बाद अब निगाह सदस्य पद के आरक्षण पर है। दो या तीन मार्च तक आरक्षण का निर्धारण कर प्रकाशन कर दिया जाएगा। चार से आठ मार्च तक आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद 13-14 मार्च तक आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
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16-17 को लखनऊ में होगा प्रशिक्षण
ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख पद पर आरक्षण निर्धारण के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दोनों अधिकारियों को 16 और 17 फरवरी को लखनऊ बुलाया है।
2015 में जिला पंचायत सदस्य पद का आरक्षण
अनारक्षित : 08
अन्य पिछड़ा वर्ग : 03
अन्य पिछड़ा वर्ग महिला : 02
अनुसूचित जाति : 01
अनुसूचित जाति महिला : 01
महिला : 04
कुल: 19