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मासूमों पर बरपा गर्मी का कहर

Thu, 04 Jul 2019 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:18 AM IST
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Wasting of the heat on the innocent
शामली प्राइवेट नर्सिग होम में भर्ती बीमार बच्ची - फोटो : SHAMLI
- डायरिया, टाइफाइड और पीलिया से बीमार हो रहे बच्चे
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- सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगी भीड़
फोटो...
शामली। जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी मासूम बच्चों पर कहर बनकर टूट रही है। गर्मी के कारण बच्चे डायरिया, टाइफाइड और पीलिया से पीड़ित हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में बीमार बच्चों की भीड़ लग रही है।
उमस के साथ भीषण गर्मी लोगों को प्रभावित कर रही है, लेकिन मासूम बच्चों पर आफत बनकर टूट रही है। अस्पतालों में बीमार बच्चों की भीड़ लगी है। चिकित्सकों के मुताबिक दो साल तक के बच्चों में डायरिया के मामले अधिक हैं, जबकि इससे अधिक उम्र के बच्चों में वायरल के साथ टाइफाइड बुखार और हेपेटाइटिस ए (सामान्य पीलिया) से बीमारों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी में ज्यादा ठंडे पेय पदार्थ पीने और धूप में आते ही नहाने से वायरल और टाइफाइड हो जाता है। बाजार में बिकने वाले गन्ने का जूस, फलों का जूस, शिकंजी या अन्य कोई तरल पदार्थ और कटे हुए फल खाने से पेट की बीमारियां होने से उल्टी दस्त और पीलिया हो जाता है। चिकित्सकों की सलाह है कि गर्मी के इस मौसम में बाजार में खाने पीने की चीज से परहेज करें। घर पर बने पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह ले और उपचार कराएं।
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पीलिया से घबराएं नहीं, समय पर उपचार कराएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वेदभानू मलिक का कहना है कि अभी तक बच्चों में हेपेटाइटिस ए (सामान्य पीलिया) के केस आ रहे हैं। प्रतिदिन कुल मरीजों में दो प्रतिशत बच्चे पीलिया के केस आ रहे हैं। गलत और अनियमित खानपान की वजह से पीलिया होता है। पीलिया होने पर झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े। इससे सेहत बिगड़ने संभावना अधिक रहती है। बीमार बच्चे का सीधे चिकित्सक से उपचार कराएं। इस बीमारी से बचाव के लिए बच्चों में टीकाकरण भी कराना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि गर्मी के कारण उल्टी दस्त से पीड़ित सबसे ज्यादा बच्चेे आ रहे हैं। दस में से आठ बच्चे उल्टी दस्त से पीड़ित आ रहे हैं। बीमारियों से बचाव के लिए गर्मी में शुद्ध और ताजा खानपान करना चाहिए।
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निजी अस्पतालों में भी भर्ती मिले बच्चे
शहर के एक निजी अस्पताल में चुन्नू निवासी पानीपत, अरमान निवासी भड़ल, साजिया निवासी बिराल सभी की उम्र करीब तीन साल, भगत सिंह भाज्जू, आरजू निवासी गढ़ी दौलत, तैय्यब निवासी खंदरावली, शाहजहां निवासी ख्वाजपुरा सभी की उम्र करीब चार साल, आरिश तीन साल निवासी रामपुर, अरहम आठ माह निवासी शामली, ऋषभ तीन साल निवासी शामली, आरजू डेढ़ साल निवासी लांक, परी आठ साल साल्हाखेड़ी।

बीमारियों से बचाव
तेज धूप में निकलने से परहेज करें। जरूरी होने पर सिर पर सूती कपड़ा रखें।
बाजार के पेय पदार्थ और कटे हुए फलों को न खाएं।
घर में और अपने आसपास साफ-सफाई रखें।
धूप से आने के बाद तुरंत न नहाए, कुछ देर छाया में शरीर को ठंडा करें।
ज्यादा ठंडी चीज का सेवन करने से परहेज करें।
बीमार होने पर समय रहते चिकित्सक की सलाह लें।
कोट
गर्मी के मौसम में बुखार और उल्टी दस्त से बीमार होने की संभावना अधिक रहती है। पिछले महीने सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाकर लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया था। अब 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण माह चल रहा है। इसमें लोगों को बीमारियों से बचाव की जानकारी और उपचार किया जा रहा है। जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। - डाक्टर संजय भटनागर, सीएमओ।
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