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जापानी फुकुओका पद्घति से होगा अपशिष्ट का निस्तारण
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जापानी फुकुओका पद्धति से होगा अपशिष्ट का निस्तारण
शामली। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम के दिए निर्देशों पर जापानी पद्घति विशेषज्ञ डॉ. सोनिया ने शुक्रवार को गांव खेड़ीकरमु व नाला का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ ग्रीन इंडिया कारपोरेशन से सोनू कुमार, पूजा सिन्हा, इको नाईन संस्था पर्यावरण विशेषज्ञ सुशील राघव आदि ने ठोस अपशिष्ट का निस्तारण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई।
डॉ. सोनिया मुरादिया ने बताया कि जिला विकास अधिकारी व जिला पंचायत अधिकारी और डॉ. उमर सैफ के आग्रह पर उनकी टीम ने जनपद के कुछ ग्राम सभाओं को ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की जिम्मेदार ली है। इस कार्य में सैटेलाइट व रिमोट सेंसिंग तकनीक की सहायता ली जाएगी। जापानी मशीनों व पद्घतियों को उपयोग कर समस्याओं के समाधान कराए जाएंगे। ग्राम सभा खेड़ी व नाला के प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने में मदद की जाएगी। इस अवसर पर मौजूद डॉ. उमर सैफ ने फुकुओका पद्घति के बारे में बताया कि इसमें सड़ाने के बजाय ऑक्सीजन से उपचार किया जाता है। जिससे दुर्गंध नहीं आती है और मीथेन व हाईड्रोजन सल्फाइड जैसी गैस भी वातावरण में विसरित नहीं होती है।
खेड़ीकरमु की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि ग्राम सभा में अभी ठोस अपशिष्ट की प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब है। ग्राम सभा को प्राप्त धन को मितव्यवयिता के साथ वैज्ञानिक तरीके से खर्च किया जाएगा। कूड़े से ऊर्जा बनाने व आय के साधन विकसित किए जाएंगे।
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गांव नाला के प्रधान प्रवीन कुमार ने बताया कि कूड़े का निस्तारण चिंता का विषय है। इसी चिंता को लेकर हम गंभीरता से कार्य कर रहे है। हमारे यहां सबसे पहले प्रदूषण रहित कूड़ा गाड़ी खरीदी गई हैं। इनमें जीपीएस लगाए गए हैं। 2022 से पहले ग्राम सभा में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन करने का प्रयास कर रहे हैं।
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शामली। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम के दिए निर्देशों पर जापानी पद्घति विशेषज्ञ डॉ. सोनिया ने शुक्रवार को गांव खेड़ीकरमु व नाला का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ ग्रीन इंडिया कारपोरेशन से सोनू कुमार, पूजा सिन्हा, इको नाईन संस्था पर्यावरण विशेषज्ञ सुशील राघव आदि ने ठोस अपशिष्ट का निस्तारण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई।
डॉ. सोनिया मुरादिया ने बताया कि जिला विकास अधिकारी व जिला पंचायत अधिकारी और डॉ. उमर सैफ के आग्रह पर उनकी टीम ने जनपद के कुछ ग्राम सभाओं को ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की जिम्मेदार ली है। इस कार्य में सैटेलाइट व रिमोट सेंसिंग तकनीक की सहायता ली जाएगी। जापानी मशीनों व पद्घतियों को उपयोग कर समस्याओं के समाधान कराए जाएंगे। ग्राम सभा खेड़ी व नाला के प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने में मदद की जाएगी। इस अवसर पर मौजूद डॉ. उमर सैफ ने फुकुओका पद्घति के बारे में बताया कि इसमें सड़ाने के बजाय ऑक्सीजन से उपचार किया जाता है। जिससे दुर्गंध नहीं आती है और मीथेन व हाईड्रोजन सल्फाइड जैसी गैस भी वातावरण में विसरित नहीं होती है।
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खेड़ीकरमु की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि ग्राम सभा में अभी ठोस अपशिष्ट की प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब है। ग्राम सभा को प्राप्त धन को मितव्यवयिता के साथ वैज्ञानिक तरीके से खर्च किया जाएगा। कूड़े से ऊर्जा बनाने व आय के साधन विकसित किए जाएंगे।
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गांव नाला के प्रधान प्रवीन कुमार ने बताया कि कूड़े का निस्तारण चिंता का विषय है। इसी चिंता को लेकर हम गंभीरता से कार्य कर रहे है। हमारे यहां सबसे पहले प्रदूषण रहित कूड़ा गाड़ी खरीदी गई हैं। इनमें जीपीएस लगाए गए हैं। 2022 से पहले ग्राम सभा में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन करने का प्रयास कर रहे हैं।