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219 विद्यालयों में बालक और 213 में नहीं हैं बालिका मूत्रालय

Fri, 24 Jun 2022 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 12:21 AM IST
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Waiting for boys and girls toilets in 432 schools
परिषदीय विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति भी खराब, कहीं पानी नहीं तो कहीं टोंटी गायब
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शासन ने सभी विद्यालयों में मूत्रालय व दिव्यांग शौचालयों का निर्माण कराने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में सुधार करने और पठन पाठन की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शासन ने विभिन्न कार्यक्रम चलाए हुए हैं। इसके बावजूद बच्चों के लिए विद्यालयों में अभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिले के लगभग 37 फीसदी विद्यालयों में बालक-बालिका टॉयलेट और 32 प्रतिशत में दिव्यांग शौचालय की सुविधा नहीं है। कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां बालक और बालिका दोनों के लिए ही टॉयलेट नहीं हैं। कुछ विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। इनमें कहीं सफाई नहीं, तो कहीं पानी की समस्या है।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट 596 विद्यालय संचालित हैं। शासन द्वारा विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं संचालित हैं। इनमें बच्चों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिले में करीब 37 प्रतिशत विद्यालयों में टॉयलेट नहीं हैं। करीब 219 विद्यालयों में बालक टॉयलेट और 213 विद्यालयों में बालिका टॉयलेट नहीं हैं। वहीं, 192 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय नहीं है। कुछ विद्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी विद्यालयों में 15 जुलाई तक बालक-बालिका के अलग-अलग मूत्रालय और दिव्यांग शौचालयों का निर्माण व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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विद्यालयों में ये है स्थिति
- गांव बधेव स्थित कंपोजिट विद्यालय में शौचालय ठीक हैं, लेकिन टोंटी नहीं है। मूत्रालय नहीं है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका गीता ने बताया इस बाबत अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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- नया गांव के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय के दरवाजे की कुंडी टूटी और हैंडपंप खराब है। मूत्रालय भी नहीं है। वहीं, प्रधानाध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

- शामली ब्लॉक के गांव धनैना के प्राथमिक विद्यालय में बालक मूत्रालय नहीं है।
- कांधला ब्लॉक के गांव मखमूलपुर के जूनियर हाईस्कूल में बालक व बालिका मूत्रालय नहीं हैं।
- कैराना बस्ती बंजारा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बालक-बालिका मूत्रालय नहीं हैं।
कोट
शासन की तरफ से सभी विद्यालयों में बालक-बालिका के अलग-अलग मूत्रालय और दिव्यांग शौचालय बनाए जाने के निर्देश हैं। ग्राम पंचायत निधि के सहयोग से इन्हें जल्द पूरा कराया जाएगा।-राहुल कुमार, जिला समन्वयक निर्माण, बेसिक शिक्षा
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