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Shamli News: विकास कार्यों के बाउचर, बिल के नाम पर अपलोड कर दी निपुण तालिका, कोरे कागज, उपस्थिति पंजिका

Sun, 22 Jun 2025 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 22 Jun 2025 01:01 AM IST
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Vouchers for development works, expert table uploaded in the name of bill, blank papers, attendance register
शामली। भले ही विभिन्न ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा, बाउचर ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर ऑनलाइन करने निर्देश ग्राम सचिव और अन्य का दिए गए हो मगर शामली में निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।
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पड़ताल के दौरान सामने आया है कि वर्ष 2024-2025 में विकास कार्यों के बाउचर, बिल के नाम पर शिक्षा विभाग की निपुण तालिका और कोरे कागज ,उपस्थिति पंजिका पोर्टल पर अपलोड कर दी। मामले का पता चलने पर जिलाधिकारी, डीपीआरओ ने मामले में जांच बैठा दी है।
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पचास से अधिक ग्राम सचिवों की जांच शुरू करा दी गई है। माना जा रहा है कि गोलमाल के उद्देश्य से अधूरा ब्योरा व गलत बाउचर, कोरे कागज अपलोड किए गए।
पड़ताल के दौरान यह स्थिति सामने आईं....
: वर्ष 2024-25 में अप्रैल, मई, जून माह की ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल में यह बातें सामने आईं
: बलवा गांव में सीसी निर्माण कार्य भीम कश्यप के मकान से विपिन पुत्र बुल्ला के मकान तक दर्शाया गया। बाउचर के स्थान पर उपस्थिति पंजिका अपलोड कर दी।
: बलवा गांव में ही 11 हजार के निर्माण कार्य दर्शाकर बाउचर के स्थान पर सिर्फ कोरा कागज अपलोड किया गया।
: बलवा गांव में ही कैमरा मेंटीनेंस के नाम पर 10400 रुपये खर्च दिए गए। उसके बिल या बाउचर के स्थान पर शिक्षा विभाग की निपुण तालिका अपलोड कर दी, जिसमें बच्चों की दक्षता का विवरण भरा जाता है।
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: भैंसवाल गांव के शमशान घाट में मेन रोड निर्माण पर 303,954 रुपये खर्च दर्शाए गए मगर बिल के बजाए कोरा कागज पोर्टल पर अपलोड कर दिया।
: गोहरनी गांव में बीस हजार का पेमेंट दर्शाया गया मगर न तो उसकी डिटेल दी गई न ही बिल अपलोड किया गया।
: काबड़ौत में सीसी निर्माण पर 5.44 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए, जबकि बिल अपलोड नहीं किया। मगर सीसी रोड कहां पर बनाया गया, यहां ब्योरा भी नहीं दिया गया।
: कासमपुर गांव में 1.22 लाख कैश बुक के लिए खर्च दिखाया गया मगर बाउचर के बजाए खाली पर्चा अपलोड कर दिया।
.....
इन गांवों के खर्च के बाउचर मिले बिल्कुल स्पष्ट
: सिक्का गांव के प्राइमरी स्कूल में 39,872 रुपये से कार्य दर्शाए गए, जिनका स्पष्ट बाउचर अपलोड मिला।
: लिलौन गांव की वाल्मिकी चौपाल में सीसी निर्माण कार्य पर 1.73 लाख रुपये दर्शाए गए, जिनका बिल अपलोड मिला।

: झाल गांव में छह हजार में रेहडा मरम्मत कार्य दर्शाया गया जिसका बिल अपलोड किया गया था।
: खेड़ी करमू में 1.80 लाख में मैन रोड से रुहेला मर्ग तक इंटरलॉकिंग निर्माण दर्शाया, जिसका बिल अपलोड किया गया था।


यह है ई ग्राम स्वराज प्रोजेक्ट....
शासन की सबसे छोटी इकाई के ग्राम पंचायतों के कामकाज को पारदर्शी बनाने और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लिहाज से ई स्वराज प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन को ग्राम सभा में बनाए गए विकास के अपने प्लान को ऑनलाइन करना होता है। ताकि गांव के लोगों से लेकर उच्चाधिकारी या जनप्रतिनिधि यह जान सकें कि पंचायत में क्या-क्या विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी या भेदभाव तो नहीं हो रहा। केंद्र सरकार इसकी निगरानी रखती है कि फंड का सही उपयोग हो रहा है या नहीं।

पूर्व में 20 से अधिक को नोटिस किए थे जारी
विकास कार्यों के स्पष्ट बाउचर और बिल ई स्वराज पोर्टल पर स्पष्ट अपलोड नहीं करने पर करीब एक साल पूर्व 20 सचिवों को नोटिस जारी किए गए थे। कहा था कि स्पष्ट बाउचर ही जमा करें, ताकि भी विकास कार्यों पर किए गए खर्च को आम लोग भी आसानी से देख सके।

आखिर क्यों बाउचर अपलोड करने में लापरवाही कर रहे सचिव
विभागीय अधिकारियों ने भी जांच शुरू करा दी है कि आखिर ग्राम सचिवों ने कराए गए विकास कार्यों के बाउचर, बिल गलत व बिल के स्थान पर कोरे कागज क्यों अपलोड किए। कहीं गोलमाल तो नहीं किया। आखिर किसकी गलती से लोगों को भ्रमित करने के लिए शिक्षा विभाग की निपुण तालिका, उपस्थिति पंजिका अपलोड की गई।

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ई स्वराज पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने का मामला गंभीर है। मामले में डीपीआरओ को निर्देशित किया जाएगा। गोलमाल या फिर लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कराई जा रही है। - अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी शामली
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