{"_id":"6ac55456ce47a0c19c0ceb2f","slug":"vivek-had-gone-for-the-ghaziabad-police-recruitment-drive-his-body-returned-wrapped-in-a-shroud-shamli-news-c-26-1-sal1002-175548-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: गाजियाबाद पुलिस भर्ती में गया था विवेक, कफन में लिपटा शव आया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: गाजियाबाद पुलिस भर्ती में गया था विवेक, कफन में लिपटा शव आया
Wed, 07 Oct 2026 01:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
पुरमाफी के विवेक का फाइल फोटो। परिजन
झिंझाना। गांव पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक पुलिस भर्ती की दौड़ में शामिल होने गाजियाबाद गया था। जहां दाैड़ते समय गिरने पर उसकी मौत हो गई।
विवेक के चाचा देशपाल सिंह ने बताया कि घर से निकलते समय उसने कहा था कि वह दौड़ में अच्छे नंबर लाकर पुलिस में भर्ती होगा और वर्दी पहनकर उनका नाम रोशन करेगा। परिवार को क्या पता था कि जिस उम्मीद के साथ वह घर से निकला है, वह नहीं लौटेगा।
चाचा देशपाल सिंह ने बताया कि विवेक ने लिखित परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी और पुलिस में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। उसने दौड़ में भी पूरी मेहनत की।
विवेक ने दौड़ के नौ चक्कर पूरे कर लिए थे। इसके बाद उसके सीने में दर्द हुआ तो वह एक पोल पकड़कर खड़ा हो गया। कुछ देर आराम करने के बाद वह दोबारा दौड़ने लगा। कुछ दूरी पर पहुंचते ही अचानक गिर पड़ा। पुलिसकर्मी विवेक को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
गांव में विवेक की माैत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन गाजियाबाद रवाना हुए। परिजनों ने बताया कि विवेक पूरी तरह स्वस्थ था और खाकी पहनकर समाज सेवा करना चाहता था।
विवेक के पिता बालेंद्र किसान हैं। दो भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर पर था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
शाम करीब चार बजे परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया। इस दाैरान भारी संख्या में ग्रामीण माैजूद रहे।
विज्ञापन
विवेक के चाचा देशपाल सिंह ने बताया कि घर से निकलते समय उसने कहा था कि वह दौड़ में अच्छे नंबर लाकर पुलिस में भर्ती होगा और वर्दी पहनकर उनका नाम रोशन करेगा। परिवार को क्या पता था कि जिस उम्मीद के साथ वह घर से निकला है, वह नहीं लौटेगा।
चाचा देशपाल सिंह ने बताया कि विवेक ने लिखित परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी और पुलिस में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। उसने दौड़ में भी पूरी मेहनत की।
विज्ञापन
विवेक ने दौड़ के नौ चक्कर पूरे कर लिए थे। इसके बाद उसके सीने में दर्द हुआ तो वह एक पोल पकड़कर खड़ा हो गया। कुछ देर आराम करने के बाद वह दोबारा दौड़ने लगा। कुछ दूरी पर पहुंचते ही अचानक गिर पड़ा। पुलिसकर्मी विवेक को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
गांव में विवेक की माैत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन गाजियाबाद रवाना हुए। परिजनों ने बताया कि विवेक पूरी तरह स्वस्थ था और खाकी पहनकर समाज सेवा करना चाहता था।
विवेक के पिता बालेंद्र किसान हैं। दो भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर पर था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
शाम करीब चार बजे परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया। इस दाैरान भारी संख्या में ग्रामीण माैजूद रहे।

पुरमाफी के विवेक का फाइल फोटो। परिजन

पुरमाफी के विवेक का फाइल फोटो। परिजन