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वायरल, मलेरिया के साथ डेंगू का बढ़ा खतरा, बरतें सावधानी
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तीन दिन पहले डेंगू से पीड़ित बुजुर्ग की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
अब तक डेंगू के चार संदिग्ध केस मिले, मलेरिया के 37, पिछले साल मिले थे रिकार्ड 300 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में वायरल व मलेरिया के साथ अब डेंगू का खतरा बढ़ गया है। तीन दिन पहले डेंगू से पीड़ित 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। अब तक जिले में डेंगू के चार संदिग्ध केस मिले हैं। पिछले साल रिकार्ड 300 केस सामने आए थे।
मौसम में बदलाव के चलते वायरल का प्रकोप ज्यादा है। इसके साथ ही मलेरिया के केस भी हर महीने सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इस साल मलेरिया के 37 केस सामने आ चुके हैं। हर महीने पांच से छह केस मलेरिया के मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त टायफाइड के मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में आ रहे हैं। अब जिले में डेंगू का भी खतरा बढ़ गया है।
तीन दिन पहले डेंगू पीड़ित शामली निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग की गाजियाबाद के निजी अस्पताल में मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग को शुगर, लीवर व गुर्दे की समस्या के चलते परिजनों ने उसका शामली के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया। हालत नहीं सुधरने पर गाजियाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिला मलेरिया विभाग की टीम ने बुजुर्ग के घर के आसपास एंटी लार्वा व कीटनाशक का छिड़काव कराया। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
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हालांकि दूसरे जिले में डेंगू की पुष्टि होने व निजी अस्पताल में मौत होने पर विभाग इस केस को अपने जिले के रिकार्ड में दर्ज करने से बच रहा है। इससे पहले जिले में डेंगू के चार संदिग्ध केस मिल चुके हैं। हालांकि एलाइजा जांच में इसकी पुष्टि न होने पर स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अब तक डेंगू का कोई पुष्ट केस दर्ज नहीं है। पिछले साल जिले में रिकार्ड 300 केस डेंगू के मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बुखार आने पर प्रशिक्षित चिकित्सकों की सलाह से उपचार कराएं और सावधानी बरतें।
चेयरमैन की पत्नी की भी मौत
ऊन नगर पंचायत चेयरमैन कुलदीप मान की पत्नी की भी बुखार के चलते मौत हो गई। उनका उपचार पहले शामली और फिर मेरठ के अस्पताल में हुआ। हालत बिगड़ने पर गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती कराया गया। वहां बुधवार सुबह मौत हो गई थी।
डेंगू और मलेरिया के लक्षण
ठंड के साथ अचानक तेज बुखार होना।
मांसपेशियों, सिर, जोड़ों व आंखों के पिछले भाग में दर्द होना।
अत्यधिक कमजोरी होना।
भूख कम लगना व जी मिचलाना।
मुंह का स्वाद खराब होना।
शरीर पर लाल व भूरे रंग के चकत्ते होना।
बचाव के उपाय
घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें, सफाई रखें।
कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, टूटे बर्तन व पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकी व बर्तन को ढंककर रखें।
सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
शरीर को ज्यादा ढ़कने वाले कपड़े पहने।
खिड़की व दरवाजों पर बारीक जाली लगाएं।
ताजा बने भोजन का सेवन करें व साफ व ताजा पानी पीये।
बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
कटे हुए फल न खाएं।
अधिक ठंडा पानी व पेय पदार्थों का सेवन न करें।
चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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अब तक डेंगू के चार संदिग्ध केस मिले, मलेरिया के 37, पिछले साल मिले थे रिकार्ड 300 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में वायरल व मलेरिया के साथ अब डेंगू का खतरा बढ़ गया है। तीन दिन पहले डेंगू से पीड़ित 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। अब तक जिले में डेंगू के चार संदिग्ध केस मिले हैं। पिछले साल रिकार्ड 300 केस सामने आए थे।
मौसम में बदलाव के चलते वायरल का प्रकोप ज्यादा है। इसके साथ ही मलेरिया के केस भी हर महीने सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इस साल मलेरिया के 37 केस सामने आ चुके हैं। हर महीने पांच से छह केस मलेरिया के मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त टायफाइड के मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में आ रहे हैं। अब जिले में डेंगू का भी खतरा बढ़ गया है।
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तीन दिन पहले डेंगू पीड़ित शामली निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग की गाजियाबाद के निजी अस्पताल में मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग को शुगर, लीवर व गुर्दे की समस्या के चलते परिजनों ने उसका शामली के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया। हालत नहीं सुधरने पर गाजियाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिला मलेरिया विभाग की टीम ने बुजुर्ग के घर के आसपास एंटी लार्वा व कीटनाशक का छिड़काव कराया। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
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हालांकि दूसरे जिले में डेंगू की पुष्टि होने व निजी अस्पताल में मौत होने पर विभाग इस केस को अपने जिले के रिकार्ड में दर्ज करने से बच रहा है। इससे पहले जिले में डेंगू के चार संदिग्ध केस मिल चुके हैं। हालांकि एलाइजा जांच में इसकी पुष्टि न होने पर स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अब तक डेंगू का कोई पुष्ट केस दर्ज नहीं है। पिछले साल जिले में रिकार्ड 300 केस डेंगू के मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बुखार आने पर प्रशिक्षित चिकित्सकों की सलाह से उपचार कराएं और सावधानी बरतें।
चेयरमैन की पत्नी की भी मौत
ऊन नगर पंचायत चेयरमैन कुलदीप मान की पत्नी की भी बुखार के चलते मौत हो गई। उनका उपचार पहले शामली और फिर मेरठ के अस्पताल में हुआ। हालत बिगड़ने पर गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती कराया गया। वहां बुधवार सुबह मौत हो गई थी।
डेंगू और मलेरिया के लक्षण
ठंड के साथ अचानक तेज बुखार होना।
मांसपेशियों, सिर, जोड़ों व आंखों के पिछले भाग में दर्द होना।
अत्यधिक कमजोरी होना।
भूख कम लगना व जी मिचलाना।
मुंह का स्वाद खराब होना।
शरीर पर लाल व भूरे रंग के चकत्ते होना।
बचाव के उपाय
घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें, सफाई रखें।
कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, टूटे बर्तन व पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकी व बर्तन को ढंककर रखें।
सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
शरीर को ज्यादा ढ़कने वाले कपड़े पहने।
खिड़की व दरवाजों पर बारीक जाली लगाएं।
ताजा बने भोजन का सेवन करें व साफ व ताजा पानी पीये।
बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
कटे हुए फल न खाएं।
अधिक ठंडा पानी व पेय पदार्थों का सेवन न करें।
चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।