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Shamli News: विनोद हत्याकांड में चचेरे भाई और उसके दो बेटों को उम्रकैद
Tue, 04 Aug 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:19 AM IST
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कैराना (शामली)। तीन जनवरी 2022 को गांव लांक में किसान विनोद की हत्या और उसके बेटे पर जानलेवा हमला करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की न्यायाधीश ऋतु नागर ने सोमवार को विनोद के चचेरे भाई कृष्णपाल, कृष्णपाल के दो बेटों विवेक उर्फ केकड़ा और विशांत को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 1.48 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि हत्या करना जघन्य अपराध है और ऐसे अपराध में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि तीन जनवरी 2022 को गांव लांक में गोली मारकर किसान विनोद की हत्या और उसके बेटे लोमेश पर फायरिंग की गई थी।
चार जनवरी 2022 को विनोद के भाई यशपाल ने शामली कोतवाली में चचेरे भाई और दो भतीजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलने के कारण तीनों आरोपी अब तक जेल में बंद थे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ऋतु नागर ने फैसला सुनाया।
मृतक के भाई ने कहा, दोषियों को मिलनी चाहिए थी फांसी
मृतक विनोद के भाई हरेंद्र मलिक ने कहा कि दोषियों ने हत्या कर गांव में दहशत का माहौल फैलाया था। ऐसे में उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।
कोर्ट में 12 तारीखों पर हुई सुनवाई
किसान विनोद हत्याकांड में अदालत में 12 तारीखों पर सुनवाई हुई। पुलिस ने मामले में करीब 150 पेज की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
हत्या का चश्मदीद बनने पर की थी विनोद की हत्या
पुलिस के अनुसार तीन जनवरी 2022 को गांव लांक निवासी पालेराम की हत्या के दौरान किसान विनोद ने आरोपी चचेरे भाई और भतीजों को पालेराम का शव गांव के ही एक खेत में छिपाते करते देख लिया था। इसी वजह से आरोपियों ने करीब डेढ़ घंटे बाद हथियार से वार कर और गोली मारकर विनोद की हत्या कर दी।
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पालेराम हत्याकांड में फैसला अभी बाकी
कैराना। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि पालेराम हत्याकांड में अभी फैसला नहीं आया है। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय होगी। सोमवार को केवल किसान विनोद हत्याकांड में फैसला सुनाया गया।
तीन घंटे तक बोरी में छिपाकर रखा था शव
कैराना। पुलिस के अनुसार, पालेराम की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को करीब तीन घंटे तक बोरी में गांव के बाहर छिपाकर रखा था। बाद में पुलिस ने शव बरामद किया। दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी बरामद किया गया।
सजा के बाद भी आरोपियों के चेहरे पर नहीं दिखी शिकन
कैराना। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद तीनों दोषियों के चेहरे पर शिकन के निशान नहीं दिखे। पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना था कि फैसला सुनने के बाद भी आरोपी सामान्य भाव से अदालत से बाहर निकले।
हत्याकांड के बाद गांव में बोलने से बचते रहे लोग
कैराना। चर्चित हत्याकांड में फैसला आने के बाद भी गांव लांक में लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। अधिकांश ग्रामीणों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक बुजुर्ग ने केवल इतना कहा कि मामला गलत हुआ था, लेकिन दोनों पक्ष गांव के ही हैं, इसलिए वह किसी के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि तीन जनवरी 2022 को गांव लांक में गोली मारकर किसान विनोद की हत्या और उसके बेटे लोमेश पर फायरिंग की गई थी।
चार जनवरी 2022 को विनोद के भाई यशपाल ने शामली कोतवाली में चचेरे भाई और दो भतीजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलने के कारण तीनों आरोपी अब तक जेल में बंद थे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ऋतु नागर ने फैसला सुनाया।
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मृतक के भाई ने कहा, दोषियों को मिलनी चाहिए थी फांसी
मृतक विनोद के भाई हरेंद्र मलिक ने कहा कि दोषियों ने हत्या कर गांव में दहशत का माहौल फैलाया था। ऐसे में उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।
कोर्ट में 12 तारीखों पर हुई सुनवाई
किसान विनोद हत्याकांड में अदालत में 12 तारीखों पर सुनवाई हुई। पुलिस ने मामले में करीब 150 पेज की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
हत्या का चश्मदीद बनने पर की थी विनोद की हत्या
पुलिस के अनुसार तीन जनवरी 2022 को गांव लांक निवासी पालेराम की हत्या के दौरान किसान विनोद ने आरोपी चचेरे भाई और भतीजों को पालेराम का शव गांव के ही एक खेत में छिपाते करते देख लिया था। इसी वजह से आरोपियों ने करीब डेढ़ घंटे बाद हथियार से वार कर और गोली मारकर विनोद की हत्या कर दी।
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पालेराम हत्याकांड में फैसला अभी बाकी
कैराना। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि पालेराम हत्याकांड में अभी फैसला नहीं आया है। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय होगी। सोमवार को केवल किसान विनोद हत्याकांड में फैसला सुनाया गया।
तीन घंटे तक बोरी में छिपाकर रखा था शव
कैराना। पुलिस के अनुसार, पालेराम की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को करीब तीन घंटे तक बोरी में गांव के बाहर छिपाकर रखा था। बाद में पुलिस ने शव बरामद किया। दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी बरामद किया गया।
सजा के बाद भी आरोपियों के चेहरे पर नहीं दिखी शिकन
कैराना। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद तीनों दोषियों के चेहरे पर शिकन के निशान नहीं दिखे। पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना था कि फैसला सुनने के बाद भी आरोपी सामान्य भाव से अदालत से बाहर निकले।
हत्याकांड के बाद गांव में बोलने से बचते रहे लोग
कैराना। चर्चित हत्याकांड में फैसला आने के बाद भी गांव लांक में लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। अधिकांश ग्रामीणों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक बुजुर्ग ने केवल इतना कहा कि मामला गलत हुआ था, लेकिन दोनों पक्ष गांव के ही हैं, इसलिए वह किसी के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते।