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आदर्श ग्राम तीतरवाड़ा ग्रुप ने गोवंशों की सेवा का उठाया बीड़ा
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तितरवाड़ा के ग्रामीणों ने उठाया गोवंशों की संरक्षण का बीड़ा
कैराना (शामली)। तितरवाड़ा के ग्रामीणों ने गोवंशों की संरक्षण का बीड़ा उठाया है। आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप ने गांव के जूनियर हाईस्कूल के जर्जर भवन में करीब 40 गोवंशों को रखा है।
पिछले दिनों तितरवाड़ा, झाड़खेड़ी और सहपत में ठंड के कारण कई गोवंश की मौत हो गई थी। आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्यों और ग्राम प्रधान ने गोवंशों की रक्षा और सेवा करने का मन बनाया। ग्रामीणों ने सहपत रोड पर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पुराने भवन में अस्थायी गोशाला बनाते हुए उसमें करीब 40 लावारिस गोवंशों को रख लिया है। तितरवाड़ा के ग्राम प्रधान संदीप व आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्य राजेंद्र कुमार फौजी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लावारिस गोवंश भूख और ठंड के कारण इधर-उधर भटक रहे थे। करीब 40 लावारिस गोवंशों को अस्थायी रूप से पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बंद पड़े भवन में रखा गया है। ग्रुप के सदस्य व ग्राम प्रधान गोवंशों के चारे पानी का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। इस कार्य में प्रवीण कुमार, संदीप कुमार, सतीश पहलवान, बिटटू, अजीत सिह, अंकुर शर्मा, अनिल शर्मा, विक्की कुमार, पंकज कुमार, मोनू, भोला, राजू, संजय कुमार, सुधीर कुमार, कुलदीप आदि आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्य अपना योगदान दे रहे हैं। इन युवकों के इस प्रयास की पूरे गांव में सराहना हो रही है। ग्रामीण भी इसकी मदद को आगे आने लगे हैं। आसपास के गांवों में भी यदि आवारा गोवंश के लिए लोग इसी तरह आगे आएं तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
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कैराना (शामली)। तितरवाड़ा के ग्रामीणों ने गोवंशों की संरक्षण का बीड़ा उठाया है। आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप ने गांव के जूनियर हाईस्कूल के जर्जर भवन में करीब 40 गोवंशों को रखा है।
पिछले दिनों तितरवाड़ा, झाड़खेड़ी और सहपत में ठंड के कारण कई गोवंश की मौत हो गई थी। आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्यों और ग्राम प्रधान ने गोवंशों की रक्षा और सेवा करने का मन बनाया। ग्रामीणों ने सहपत रोड पर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पुराने भवन में अस्थायी गोशाला बनाते हुए उसमें करीब 40 लावारिस गोवंशों को रख लिया है। तितरवाड़ा के ग्राम प्रधान संदीप व आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्य राजेंद्र कुमार फौजी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लावारिस गोवंश भूख और ठंड के कारण इधर-उधर भटक रहे थे। करीब 40 लावारिस गोवंशों को अस्थायी रूप से पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बंद पड़े भवन में रखा गया है। ग्रुप के सदस्य व ग्राम प्रधान गोवंशों के चारे पानी का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। इस कार्य में प्रवीण कुमार, संदीप कुमार, सतीश पहलवान, बिटटू, अजीत सिह, अंकुर शर्मा, अनिल शर्मा, विक्की कुमार, पंकज कुमार, मोनू, भोला, राजू, संजय कुमार, सुधीर कुमार, कुलदीप आदि आदर्श ग्राम तितरवाड़ा ग्रुप के सदस्य अपना योगदान दे रहे हैं। इन युवकों के इस प्रयास की पूरे गांव में सराहना हो रही है। ग्रामीण भी इसकी मदद को आगे आने लगे हैं। आसपास के गांवों में भी यदि आवारा गोवंश के लिए लोग इसी तरह आगे आएं तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
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