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ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के लिए किया जागरूक
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- तितरवाड़ा में मलेरिया विभाग की टीम ने कराया एंटी लार्वा का छिड़काव, पानी के चार नमूने लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण मलेरिया माह के तहत शुक्रवार को जिला मलेरिया विभाग की टीम ने गांव तीतरवाड़ा में ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव की जानकारी देकर जागरूक किया। इस दौरान एंटी लार्वा का छिड़काव कराया और जांच के लिए पानी के चार नमूने लिए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि बरसात का मौसम आने वाला है, जिसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, जेई, एईएस आदि बीमारियों का बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए अपने घर के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और आसपास कहीं पर भी पानी एकत्रित न होने दें। यदि कहीं पानी इकट्ठा हो तो उसको मिट्टी का भराव कर दे और संभव हो तो सप्ताह में दो बार मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ मोबिल आयल डालें।
उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के सहयोग से ग्रामीणों और आशा के साथ बैठक की। ग्रामीणों को पोस्टर व पत्रक के माध्यम से बीमारियों से बचाव व रोकथाम के लिए जागरूक किया गया। आशाओं को मलेरिया रक्त पट्टिका बनाने की ट्रेनिंग दी गई और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल हेतु क्लोरीन की गोली वितरित की। गांव में एंटी लारवा कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया और 20 घरों में लारवा ब्रैडिंग चेक किया गया, जिसमें किसी भी घर में लार्वा नहीं पाया गया। इस दौरान गांव में पानी के चार नमूने जांच के लिए लिए गए। मलेरिया निरीक्षक सुबोध गौतम, रवि धवन, लैब असिस्टेंट अवधेश वाडेकर, छिड़काव कर्मचारी मोमीन आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण मलेरिया माह के तहत शुक्रवार को जिला मलेरिया विभाग की टीम ने गांव तीतरवाड़ा में ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव की जानकारी देकर जागरूक किया। इस दौरान एंटी लार्वा का छिड़काव कराया और जांच के लिए पानी के चार नमूने लिए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि बरसात का मौसम आने वाला है, जिसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, जेई, एईएस आदि बीमारियों का बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए अपने घर के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और आसपास कहीं पर भी पानी एकत्रित न होने दें। यदि कहीं पानी इकट्ठा हो तो उसको मिट्टी का भराव कर दे और संभव हो तो सप्ताह में दो बार मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ मोबिल आयल डालें।
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उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के सहयोग से ग्रामीणों और आशा के साथ बैठक की। ग्रामीणों को पोस्टर व पत्रक के माध्यम से बीमारियों से बचाव व रोकथाम के लिए जागरूक किया गया। आशाओं को मलेरिया रक्त पट्टिका बनाने की ट्रेनिंग दी गई और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल हेतु क्लोरीन की गोली वितरित की। गांव में एंटी लारवा कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया और 20 घरों में लारवा ब्रैडिंग चेक किया गया, जिसमें किसी भी घर में लार्वा नहीं पाया गया। इस दौरान गांव में पानी के चार नमूने जांच के लिए लिए गए। मलेरिया निरीक्षक सुबोध गौतम, रवि धवन, लैब असिस्टेंट अवधेश वाडेकर, छिड़काव कर्मचारी मोमीन आदि मौजूद रहे।
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