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जोखिम में जान, लकड़ी की कड़ी के सहारे कृष्णा नदी पार कर रहे ग्रामीण
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शामली क्षेत्र के गांव डागंरौल गांव के पास कृष्णा नदी पर लकड़ी की कड़ी से बने पुल से गुजरता बच्चा
- फोटो : SHAMLI
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जोखिम में जान : लकड़ी की कड़ी के सहारे कृष्णा नदी पार कर रहे ग्रामीण
शामली। दो जिलों की सीमा पर बह रही कृष्णा नदी पर डांगरौल गांव के सामने पुल न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर लकड़ी की कड़ी के सहारे नदी पार कर रहे हैं। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने डांगरौल में कृष्णा नदी पर पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन दूसरे पुलों की दूरी कम बताकर प्रस्ताव को लौटा दिया।
कृष्णा नदी शामली और मुजफ्फरनगर जिले की सीमा पर है। शामली के अंतिम गांव डांगरौल-भनेड़ा और मुजफ्फरनगर जिले के राजपुर गढ़ी, हरियाखेड़ा व बिराल है। कृष्णा नदी पर राजपुर गढ़ी और भनेड़ा गांव की सीमा पर लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल बने हैं। डांगरौल और राजपुर गढ़ी के कई ग्रामीणों के खेत नदी पार भी हैं। जिसके चलते उन्हें नदी पार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने डांगरौल में कृष्णा नदी पर पुल का प्रस्ताव तीन साल पहले सेतु निगम के माध्यम से शासन को भेजा था। लेकिन दूसरे पुलों की दूरी कम बताकर शासन ने विधायक के प्रस्ताव लौटा दिया था।
पुल न होने से डांगरौल गांव के सामने कृष्णा नदी पर लकड़ी की कड़ी डालकर किसान समीपवर्ती गांवों में जाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। डांगरौल निवासी राजन जावला का कहना है कि गांव के सामने पुल न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय नदी उफान पर होती है तो सभी रास्ते बंद हो जाते हैं।
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मुजफ्फरनगर जिले के राजपुर छाजपुर गांव के सोमपाल व वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल न होने से लकड़ी के सहारे लोग नदी पार करते हैं। संतुलन न बनने से कई ग्रामीण नदी में गिर चुके हैं। दोनों जिलों के ग्रामीणों नदी पार करने के लिए करीब 5-6 किमी दूर भनेड़ा या राजपुर छाजपुर से होकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने डांगरौल गांव में कृष्णा नदी पर स्थाई पुल का निर्माण कराने की मांग की है।
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शामली। दो जिलों की सीमा पर बह रही कृष्णा नदी पर डांगरौल गांव के सामने पुल न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर लकड़ी की कड़ी के सहारे नदी पार कर रहे हैं। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने डांगरौल में कृष्णा नदी पर पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन दूसरे पुलों की दूरी कम बताकर प्रस्ताव को लौटा दिया।
कृष्णा नदी शामली और मुजफ्फरनगर जिले की सीमा पर है। शामली के अंतिम गांव डांगरौल-भनेड़ा और मुजफ्फरनगर जिले के राजपुर गढ़ी, हरियाखेड़ा व बिराल है। कृष्णा नदी पर राजपुर गढ़ी और भनेड़ा गांव की सीमा पर लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल बने हैं। डांगरौल और राजपुर गढ़ी के कई ग्रामीणों के खेत नदी पार भी हैं। जिसके चलते उन्हें नदी पार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने डांगरौल में कृष्णा नदी पर पुल का प्रस्ताव तीन साल पहले सेतु निगम के माध्यम से शासन को भेजा था। लेकिन दूसरे पुलों की दूरी कम बताकर शासन ने विधायक के प्रस्ताव लौटा दिया था।
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पुल न होने से डांगरौल गांव के सामने कृष्णा नदी पर लकड़ी की कड़ी डालकर किसान समीपवर्ती गांवों में जाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। डांगरौल निवासी राजन जावला का कहना है कि गांव के सामने पुल न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय नदी उफान पर होती है तो सभी रास्ते बंद हो जाते हैं।
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मुजफ्फरनगर जिले के राजपुर छाजपुर गांव के सोमपाल व वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल न होने से लकड़ी के सहारे लोग नदी पार करते हैं। संतुलन न बनने से कई ग्रामीण नदी में गिर चुके हैं। दोनों जिलों के ग्रामीणों नदी पार करने के लिए करीब 5-6 किमी दूर भनेड़ा या राजपुर छाजपुर से होकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने डांगरौल गांव में कृष्णा नदी पर स्थाई पुल का निर्माण कराने की मांग की है।

शामली क्षेत्र के गांव डागंरौल गांव के पास लकड़ी की कड़ी का पुल बनाकर कृष्णा नदी पर साइकिल लेकर गु?- फोटो : SHAMLI