{"_id":"5f9328e88ebc3e9bb02fe30f","slug":"vijayadashami-festival-was-offered-to-corona-shamli-news-mrt5076551183","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की भेंट चढ़ा विजयदशमी का त्योहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की भेंट चढ़ा विजयदशमी का त्योहार
विज्ञापन
शामली। इस बार विजयदशमी का त्योहार कोरोना की भेंट चढ़ गया है। 68 साल में पहली बार रावण के पुतले का दहन नहीं होगा। न ही दशहरा महोत्सव का आयोजन होगा। इस बार दशमी तिथि 26 अक्तूूबर सोमवार को सुबह 9 बजे तक है, लेकिन विजयदशमी रविवार को मनाई जाएगी।
शारदीय श्री दुर्गा नवरात्र की शुरुआत शनिवार सर्वार्थसिद्धि योग में हुई थी। शुक्रवार को सप्तमी और अष्टमी को लेकर श्रद्धालु पशोपेश में रहे। शुक्रवार को सुबह 6.56 के बाद अष्टमी का प्रवेश हुआ। पूरे दिन और पूरी रात रहने शनिवार को सुबह 6.57 तक अष्टमी समाप्त हुई। अष्टमी की उदय तिथि शनिवार को होने के कारण अष्टमी और नवमी को मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना व्रत श्रेष्ठ माना गया। रविवार को दशहरा मनाया जाएगा।
पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक इस साल अष्टमी तिथि का प्रारंभ 23 अक्तूबर (शुक्रवार) को सुबह छह बजकर 57 मिनट पर हो रहा है, जो 24 अक्तूबर को सुबह छह बजकर 58 मिनट तक रहेगी। ऐसे में महा अष्टमी का व्रत 23 अक्तूबर (शुक्रवार) को मनाया गया। हालांकि उदय तिथि 24 अक्तूूबर को महागौरी की पूजा जाएगी। महानवमी तिथि का प्रारंभ शनिवार को सुबह छह बजकर 58 से हो रहा है, जो रविवार को सुबह सात बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि का प्रारंभ 25 अक्तूबर को सुबह सात बजकर 41 मिनट से हो रहा है, जो 26 अक्तूबर को सुबह नौ बजे तक है। ऐसे में दशहरा का पर्व 25 अक्तूबर यानी रविवार को मनाया जाएगा। हालांकि इस बार कोरोना महामारी की भेंट दशहरा उत्सव और मेला चढ़ गया है। 26 अक्तूबर को सुबह 06:29 बजे से सुबह 08:43 बजे के मध्य मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन कर देना चाहिए।
विज्ञापन
शारदीय श्री दुर्गा नवरात्र की शुरुआत शनिवार सर्वार्थसिद्धि योग में हुई थी। शुक्रवार को सप्तमी और अष्टमी को लेकर श्रद्धालु पशोपेश में रहे। शुक्रवार को सुबह 6.56 के बाद अष्टमी का प्रवेश हुआ। पूरे दिन और पूरी रात रहने शनिवार को सुबह 6.57 तक अष्टमी समाप्त हुई। अष्टमी की उदय तिथि शनिवार को होने के कारण अष्टमी और नवमी को मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना व्रत श्रेष्ठ माना गया। रविवार को दशहरा मनाया जाएगा।
विज्ञापन
पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक इस साल अष्टमी तिथि का प्रारंभ 23 अक्तूबर (शुक्रवार) को सुबह छह बजकर 57 मिनट पर हो रहा है, जो 24 अक्तूबर को सुबह छह बजकर 58 मिनट तक रहेगी। ऐसे में महा अष्टमी का व्रत 23 अक्तूबर (शुक्रवार) को मनाया गया। हालांकि उदय तिथि 24 अक्तूूबर को महागौरी की पूजा जाएगी। महानवमी तिथि का प्रारंभ शनिवार को सुबह छह बजकर 58 से हो रहा है, जो रविवार को सुबह सात बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि का प्रारंभ 25 अक्तूबर को सुबह सात बजकर 41 मिनट से हो रहा है, जो 26 अक्तूबर को सुबह नौ बजे तक है। ऐसे में दशहरा का पर्व 25 अक्तूबर यानी रविवार को मनाया जाएगा। हालांकि इस बार कोरोना महामारी की भेंट दशहरा उत्सव और मेला चढ़ गया है। 26 अक्तूबर को सुबह 06:29 बजे से सुबह 08:43 बजे के मध्य मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन कर देना चाहिए।