शामली। औद्योगिक इकाईयों में उत्पाद के निर्माण में अनुदानित यूरिया के इस्तेमाल की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई। टीम ने पांच औद्योगिक इकाईयों की जांच की गई।
अनुदानित यूरिया का रॉ मेटेरियल के रुप में प्रयोग किए जाने के संबंध में मामला नहीं मिला। जिला कृषि अधिकारी हरी शंकर सिंह ने बताया कि डीएम जसजीत कौर के निर्देश पर जिलेभर में गठित टीम में एसडीएम सदर बृजेश के साथ जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरीशंकर सिंह, जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त, दूसरी टीम में एसडीएम कैराना संदीप सिंह, तीसरी टीम में एसडीएम ऊन विशुराजा के साथ उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कैराना अमित कुमार, उप निदेशक कृषि शिव कुमार केसरी थे। इन टीमों ने संयुक्त रुप से सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राईवेट लिमिटेड ऊन, कैराना रोड औद्योगिक क्षेत्र में कैरियर व्हील प्राईवेट लिमिटेड, अमर स्पिलिंटस प्राईवेट लिमिटेड, मैसर्स नवदुर्गा एगोसंस प्राईवेट लिमिटेड, निकिता पेपर मिल प्राईवेट लिमिटेड औद्योगिक इकाईयों में गहनता से जांच की गई। जिसमें चिन्ह्ति उत्पाद के निर्माण में उपयोग हेतु अनुदानित यूरिया इस्तेमाल होता नहीं पाया गया।

शामली यूरिया खाद गोदाम में निरीक्षण करते अधिकारी- फोटो : SHAMLI