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UP: शामली में क्यों भिड़े हुए हैं साधु-संत और व्यापारी, महिलाओं का सड़क से थाने तक हंगामा, जानें पूरा मामला

Sun, 04 Jan 2026 11:44 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sun, 04 Jan 2026 11:44 AM IST
सार

Shamli News: शहर के कबाड़ी बाजार में प्रवीण बत्रा की दुकान है, जिस पर कब्जा पाने का केस जीतने की बात साधु कर रहे हैं। वहीं प्रवीण का कहना है कि उनके पास कोर्ट का स्टे है। इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों में हंगामा हो गया। 

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UP: Why are sages, saints and businessmen clashing in Shamli, women creating ruckus
दुकान के बाहर बैठा व्यापारी प्रवीण बत्रा का परिवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर के फव्वारा चौक कबाड़ी बाजार में दुकान पर मालिकाना हक और कब्जे को लेकर मंदिर समिति के साधु-संतों और व्यापारी पक्ष के बीच हंगामा हुआ। व्यापारी और उसके परिवार की महिलाओं ने जबरन दुकान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया और न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और मामले को शांत किया। करीब एक घंटे तक बाजार में हंगामा चलता रहा। 
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UP: Why are sages, saints and businessmen clashing in Shamli, women creating ruckus
दुकान खाली कराने पहुंचे साधु संत। - फोटो : अमर उजाला
भैरव मंदिर समिति टंकी रोड शामली के महंत पीर शेरनाथ के प्रतिनिधि पंडित लक्ष्मण कौशिक करीब 12 साधु संतों के साथ शनिवार को कबाड़ी बाजार में स्थित आशु उर्फ प्रवीण बत्रा की रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर पहुंचे और उन्हें दुकान खाली करने को कहा। व्यापारी ने दुकान खाली करने का विरोध किया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। 
 
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लक्ष्मण कौशिक ने बताया कि दुकान को लेकर न्यायालय में चल रहे वाद में फैसला मंदिर समिति के पक्ष में आया है, इसलिए दुकान पर अब मंदिर समिति का हक है, जबकि व्यापारी ने कहा कि उनके पास एक महीने का न्यायालय से स्टे मिला हुआ है। दुकान पर कब्जे व मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और हंगामा हो गया। 
 
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हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की। इसी दौरान व्यापारी के परिवार की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद भी साधु संतों पर दुकान पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे दुकान पर काबिज हैं और अपना काम कर रहे हैं। महिलाएं दुकान के बाहर बैठ गईं।
 

उन्होंने दुकान पर कब्जे के समय पुलिस पर भी मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे दुकान के सामने ही आत्मदाह कर लेंगी। पुलिस ने व्यापारी पक्ष के लोगों और महिलाओं को किसी तरह समझाकर शांत किया और दोनों पक्षों को कोतवाली में वार्ता के लिए बुलाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक बाजार में हंगामा चलता रहा। कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद समझौता हो गया।
 

एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि दुकान के मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। व्यापारी ने दो तीन दिन में दुकान का एग्रीमेंट मंदिर समिति के पक्ष में करने को कहा है। इसके बाद दुकान व्यापारी को किरायेनामे पर दी जाएगी। जब तक एग्रीमेंट होगा, तब तक दुकान बंद रहेगी।
 
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