{"_id":"69f104e864e800410d003b57","slug":"up-wheat-stuck-at-haryana-border-farmers-worried-shamli-news-c-26-1-sal1002-164315-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: हरियाणा बॉर्डर पर अटका यूपी का गेहूं, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: हरियाणा बॉर्डर पर अटका यूपी का गेहूं, किसान परेशान
Wed, 29 Apr 2026 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
बिडौली बॉर्डर पर रोके गए गेहूं से भरे वाहन। संवाद
बिडौली। हरियाणा-यूपी सीमा पर बिडौली स्थित यमुना नदी पुल पर हरियाणा प्रशासन द्वारा यूपी के किसानों का गेहूं अब भी रोका जा रहा है, जिससे किसान निराश और बेबस नजर आ रहे हैं।
बिडौली के किसान मनवीर, शहजाद, मोहित का कहना है कि सरकार के इस सख्त रवैये के चलते उनकी फसल समय पर मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, किसान यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि करीब एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार से कोई ठोस वार्ता नहीं की है।
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र खोले जाने के दावे भी जमीनी हकीकत में कमजोर नजर आ रहे हैं। कई केंद्रों पर व्यवस्थाएं ठप हैं। कहीं बायोमेट्रिक मशीनें काम नहीं कर रहीं, तो कहीं संसाधनों की कमी के चलते खरीदारी नहीं हो पा रही है। कुछ स्थानों पर ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी अब तक नहीं हो सकी है, जिससे खरीदा गया गेहूं उठान के अभाव में अटका पड़ा है।
विज्ञापन
यूपी के कई किसानों ने हरियाणा की मंडियों में बैठे आढ़तियों से पहले ही अग्रिम राशि ले रखी है। अब जब फसल वहां नहीं पहुंच पा रही है, तो किसान न तो अपना कर्ज चुका पा रहे हैं और न ही आगे की आर्थिक व्यवस्था बना पा रहे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
किसानों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उनकी फसल समय पर बिक सके और वे आगामी फसल की तैयारी कर सकें।
विज्ञापन
बिडौली के किसान मनवीर, शहजाद, मोहित का कहना है कि सरकार के इस सख्त रवैये के चलते उनकी फसल समय पर मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, किसान यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि करीब एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार से कोई ठोस वार्ता नहीं की है।
विज्ञापन
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र खोले जाने के दावे भी जमीनी हकीकत में कमजोर नजर आ रहे हैं। कई केंद्रों पर व्यवस्थाएं ठप हैं। कहीं बायोमेट्रिक मशीनें काम नहीं कर रहीं, तो कहीं संसाधनों की कमी के चलते खरीदारी नहीं हो पा रही है। कुछ स्थानों पर ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी अब तक नहीं हो सकी है, जिससे खरीदा गया गेहूं उठान के अभाव में अटका पड़ा है।
विज्ञापन
यूपी के कई किसानों ने हरियाणा की मंडियों में बैठे आढ़तियों से पहले ही अग्रिम राशि ले रखी है। अब जब फसल वहां नहीं पहुंच पा रही है, तो किसान न तो अपना कर्ज चुका पा रहे हैं और न ही आगे की आर्थिक व्यवस्था बना पा रहे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
किसानों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उनकी फसल समय पर बिक सके और वे आगामी फसल की तैयारी कर सकें।