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शामली: मेरठ-करनाल मार्ग जाम, यमुना पुल पर धान लेकर डटे किसान, वाहनों की 10 किलोमीटर तक लगी कतार

Sat, 22 Oct 2022 12:22 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Sat, 22 Oct 2022 12:22 AM IST
सार

किसानों ने शुक्रवार को दिन भर मेरठ-करनाल मार्ग जाम लगाए रखा। वहीं वाहनों की 10 किलोमीटर तक कतार लग गई। इस दौरान किसान यमुना पुल पर धान लेकर डटे रहे।

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UP: Meerut-Karnal road jammed, farmers standing on Yamuna bridge carrying paddy, vehicles queued
धरने पर बैठे किसान। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के धान को हरियाणा में वहां की पुलिस घुसने नहीं दे रही है। इसके चलते मेरठ करनाल मार्ग पर यमुना नदी पर बने बिडौली पुल पर शामली की सीमा में ट्रक और ट्रैक्टर ट्रालियों की करीब दस किमी से अधिक लाइनें नजर आ रही हैं। धान न आने देने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को पूरा यातायात ठप करा दिया है और दूसरे दिन भी यहां किसानों का धरना जारी रहा। 

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ग्राम डोकपुरा के किसानों के साथ हरियाणा पुलिस के मारपीट के मामले और यूपी से हरियाणा जा रहे धान को रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार की सुबह से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मेरठ-करनाल हाईवे स्थित बिड़ौली पुल पर धरना शुरू कर दिया था, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। इसके चलते लगे जाम में दो दिन से वाहन फंसे हैं और उनके चालकों को खाने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेरठ-करनाल मार्ग पर जगह-जगह सड़क के दोनों ओर ट्रकों के खड़े होने से यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
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अन्य पुलों  को भी जाम करने की चेतावनी दी
शामली में शुक्रवार दोपहर बाद प्रेस वार्ता में भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खटियान ने कहा कि उनकी मांगे नहीं मानीं तो कैराना पुल, यमुना नगर पुल, लखनौती पुल को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानीपत, यमुनानगर आदि पुलों से हरियाणा में किसान धान ले जा रहे हैं तो बिड़ौली पुल से ले जाने पर करनाल प्रशासन को क्या एतराज है। 
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कपिल खाटियान ने बताया कि दो दिन पूर्व किसान जसवंत सिंह ने डोकपुरा के किसान के साथ बर्बरता का वीडियो करनाल एसपी को भेजा था, लेकिन अभी तक एसपी करनाल ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हरियाणा पुलिस दिन में रोक लगाती है और रात में पैसे लेकर धान के वाहनों को निकालती है। राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांग हैं कि मंगलौरा चौकी के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। किसानों की धान की फसल करनाल मंडी में बिना रोक-टोक ले जाने दिया जाए।

कर की समय सीमा खत्म, सड़ने लगे फल 
जाम में फंसे ट्रक चालकों में खुलविंदर सिंह मंडी गोविंदगढ़ पंजाब ने बताया कि टैक्स घंटों के हिसाब से होता है। किसी गाड़ी का 24 घंटे, 36 घंटे कई गाड़ियों का 15 से 17 घंटे के हिसाब से वाणिज्य कर का पर्चा बनता है। सभी ट्रक चालकों को सही समय पर सामान को पहुंचाना होता है। अगर सेल टैक्स का समय रास्ते में ही खत्म हो जाए तो सेल टैक्स अधिकारी कई गुना जुर्माना वसूलते हैं। मुजफ्फरनगर निवासी ट्रक चालक मोहम्मद कासिम का कहना है कि वह कश्मीर से सेब लेकर बिहार जा रहा था, उसे दो दिन में पहुंचाना था। उसने बताया कि उसके ट्रक में 1250 पेटी सेब लगभग 30 लाख की कीमत का है। जो अब सड़ने लगा है।

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यात्रियों को चलना पड़ रहा कई किमी पैदल
दो दिन से लगे जाम के कारण करनाल से बिडौली आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन्हें कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। बिडौली से झिंझाना, शामली आदि स्थानों पर दैनिक रूप से आवागमन करने वाले यात्रियों और इसके अलावा बीमारों, किसी कार्य से आने जाने वाले यात्रियों को रूट डायवर्जन से भी काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है।

किसानों के प्रवेश देने के लिए भाकियू हरियाणा ने भी करनाल में किया प्रदर्शन
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने करनाल लघु सचिवालय पर इसके विरोध में नारेबाजी की और उपायुक्त अनीश यादव, एसपी गंगाराम पूनिया से मिलकर किसानों को हरियाणा में प्रवेश देने की मांग की। 

बाद में ये यमुना पुल पर जाकर भी किसानों के धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने किसानों को देश में कहीं भी अपनी फसल ले जाने की छूट दी है तो यूपी के किसानों को हरियाणा में प्रवेश करने क्यों नहीं दिया जा रहा है। भाकियू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान के अलावा अंबाला मंडलाध्यक्ष बलदेव सिंह, मेहताब कादियान, प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, शहर शहरी क्षेत्र प्रधान कृष्ण जागलान, वेदग सांगवान आदि भाकियू नेता शामिल थे।

खरीद में गड़बड़ी की आशंका में रोका धान
जिले की जुंडला, निसिंग आदि कई राइस मिलों में यूपी का धान और चावल मिला है। करनाल मंडी में भी यूपी से आया धान पकड़ा गया है, जिससे धान खरीद और सीएमआर में भारी गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की गई है। पहले पीआर (मोटा धान) की ट्रैक्टर ट्रालियों को हरियाणा में आने से रोका जा रहा था, अब पूसा बासमती आदि धान को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। 

 प्रदेश सरकार अनाधिकृत तरीके से यूपी और अन्य राज्यों के किसानों को हरियाणा में आने से रोक रही है, यूपी की सीमा में यूपी, उत्तराखंड सहित कई राज्यों से आए हजारों किसान खड़े हैं, रास्ता जाम है। ये बेहद खराब स्थिति है, सरकार को तत्काल प्रभाव से किसानों को हरियाणा में प्रवेश देना चाहिए। -रजनीश चौधरी, स्टेट चेयरमैन हरियाणा आढ़ती अनाज मंडी एसोसिएशन।  

हरियाणा-यूपी बार्डर पर हजारों किसान और वाहन चालक तीन दिनों से भूखे प्यासे धान लेकर रुके हुए हैं, जिन्हें पुलिस हरियाणा में घुसने नहीं दे रही है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान अपनी फसल कहीं भी ले जा सकता है तो किसानों को क्यों रोका जा रहा है। इसे लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। -रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष भाकियू (टिकैत) हरियाणा।  
 
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