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Shamli News: अपात्रों पर मेहरबानी, पात्रों को हो रही परेशानी
Fri, 03 Jul 2026 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:13 AM IST
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शामली। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर भ्रष्टाचार की दीमक लग गई है। योजना में पात्र अपना राशन कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं जबकि अपात्र मोटी रकम का सुविधा शुल्क देकर आसानी से अपना राशन कार्ड बनवा रहे हैं। यहां तक कि उनको राशन लेने में भी कोई परेशानी नहीं आ रही है जबकि पात्र कार्ड बनने के बाद भी राशन लेने के लिए भटक रहे हैं। रिपोर्टिंग टीम की पड़ताल में इस खेल का खुलासा हुआ है।
कैराना में दो हजार रुपये में कार्ड बनवाने का दावा
संवाददाता : भाई, मैं जीएसटी भरता हूं। राशन कार्ड बनवाना है, कितने रुपये लगेंगे?
दलाल : वैसे तो तीन से पांच हजार लगते हैं, मगर तुम दो हजार दे देना
संवाददाता : कितने दिन में मिल जाएगा?
दलाल : तीन-चार दिन में बनवा देंगे। अगले माह राशन भी मिल जाएगा।
संवाददाता : कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
दलाल : ऊपर तक अधिकारियों से हमारी सेटिंग है।
शामली में कर्मचारी के जरिए काम कराने की बात
संवाददाता : भाई, राशन कार्ड बनवाना है। कई माह से चक्कर काट रहा हूं, क्या करूं?
राशन डीलर : बिना रुपये के कुछ नहीं होता। आपूर्ति विभाग का एक कर्मचारी दो हजार रुपये में काम करा देगा। किसी को बताना मत।
संवाददाता : अगले माह से राशन मिल जाएगा?
डीलर : हां, वही सब व्यवस्था करा देगा।
पात्रों की फाइलें अटकीं, शिकायतें भी बेअसर
चौसाना क्षेत्र के जिजौला गांव निवासी नफीसा पत्नी जमशेद ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनका राशन कार्ड बना था और कुछ माह तक राशन भी मिला। बाद में नाम समान होने के कारण दूसरी महिला के नाम पर राशन जारी होने लगा और उनका राशन बंद हो गया। उनका आरोप है कि तब से वह पति के साथ कोटेदार, जनसेवा केंद्र और ग्राम सचिव के लगातार चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बेबी को हक नहीं मिल रहा
चौसाना निवासी बेबी पत्नी स्वर्गीय गुलाब ने बताया कि वह वर्षों से राशन कार्ड बनवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उसका राशन कार्ड नहीं बन पाया है।
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सर्वे में 1590 अपात्र मिले, फिर भी नहीं थमा खेल
जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच हुए सर्वे में 1590 अपात्र चिह्नित किए गए, जिनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए। इनमें जीएसटी रिटर्न भरने वाले, वाहन स्वामी समेत अन्य अपात्र शामिल हैं। अब विभाग यह जांच करा रहा है कि इनके राशन कार्ड कैसे बने।
राशन कार्ड बनवाने के नाम पर रुपये वसूलने का मामला गंभीर है। जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।
- आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
जिले में योजना
कुल राशन कार्ड धारक : 2,14,863
कुल यूनिट : 9,39,686
योजना का लाभ
योजना के तहत प्रति यूनिट हर माह 5 किलो मुफ्त राशन (3 किलो गेहूं व 2 किलो चावल) मिलता है। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन दिया जाता है।
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कैराना में दो हजार रुपये में कार्ड बनवाने का दावा
संवाददाता : भाई, मैं जीएसटी भरता हूं। राशन कार्ड बनवाना है, कितने रुपये लगेंगे?
दलाल : वैसे तो तीन से पांच हजार लगते हैं, मगर तुम दो हजार दे देना
संवाददाता : कितने दिन में मिल जाएगा?
दलाल : तीन-चार दिन में बनवा देंगे। अगले माह राशन भी मिल जाएगा।
संवाददाता : कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
दलाल : ऊपर तक अधिकारियों से हमारी सेटिंग है।
शामली में कर्मचारी के जरिए काम कराने की बात
संवाददाता : भाई, राशन कार्ड बनवाना है। कई माह से चक्कर काट रहा हूं, क्या करूं?
राशन डीलर : बिना रुपये के कुछ नहीं होता। आपूर्ति विभाग का एक कर्मचारी दो हजार रुपये में काम करा देगा। किसी को बताना मत।
संवाददाता : अगले माह से राशन मिल जाएगा?
डीलर : हां, वही सब व्यवस्था करा देगा।
पात्रों की फाइलें अटकीं, शिकायतें भी बेअसर
चौसाना क्षेत्र के जिजौला गांव निवासी नफीसा पत्नी जमशेद ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनका राशन कार्ड बना था और कुछ माह तक राशन भी मिला। बाद में नाम समान होने के कारण दूसरी महिला के नाम पर राशन जारी होने लगा और उनका राशन बंद हो गया। उनका आरोप है कि तब से वह पति के साथ कोटेदार, जनसेवा केंद्र और ग्राम सचिव के लगातार चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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बेबी को हक नहीं मिल रहा
चौसाना निवासी बेबी पत्नी स्वर्गीय गुलाब ने बताया कि वह वर्षों से राशन कार्ड बनवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उसका राशन कार्ड नहीं बन पाया है।
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सर्वे में 1590 अपात्र मिले, फिर भी नहीं थमा खेल
जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच हुए सर्वे में 1590 अपात्र चिह्नित किए गए, जिनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए। इनमें जीएसटी रिटर्न भरने वाले, वाहन स्वामी समेत अन्य अपात्र शामिल हैं। अब विभाग यह जांच करा रहा है कि इनके राशन कार्ड कैसे बने।
राशन कार्ड बनवाने के नाम पर रुपये वसूलने का मामला गंभीर है। जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।
- आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
जिले में योजना
कुल राशन कार्ड धारक : 2,14,863
कुल यूनिट : 9,39,686
योजना का लाभ
योजना के तहत प्रति यूनिट हर माह 5 किलो मुफ्त राशन (3 किलो गेहूं व 2 किलो चावल) मिलता है। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन दिया जाता है।