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इसी साल पूरा हो जाएगा बिड़ौली में यमुना पर दो लेन का पुल
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिड़ौली के पास बह रही यमुना नदी पर दो लेन का पुल अगले आठ माह में बनकर तैयार होगा। अगले साल 2023 की शुरूआत में यमुना नदी का दो लेन का 498 मीटर लंबाई के पुल आम नागरिकों के लिए चालू कर दिया जाएगा। हाईवे की निर्माण एजेंसी ने यमुना में नदी में पिलर पर गर्डर रखने शुरू कर दिए हैं। इसके बाद लिंटर डाला जाएगा।
मेरठ-करनाल मार्ग पहले सात मीटर चौड़ा था। बिड़ौली में यमुना नदी पर दो लेन का पुल पहले से बना है। वर्ष 2015 में इसे स्टेट हाईवे घोषित कर चौड़ीकरण की शुरूआत हुई थी। वर्ष 2017 तक आते-आते हरियाणा के करनाल जिले की सीमा से मेरठ तक इसका निर्माण पूरा कर दिया गया था। भाजपा सरकार बनने के बाद इस हाईवे को एनएचएआई को हस्तांरित कर दिया गया। एनएचएआई ने इसके चौड़ीकरण की कार्ययोजना बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी थी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद करनाल से मेरठ तक हाईवे को चौड़ा करने और हाईवे पर पुलों व फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है।
करनाल बाईपास से लेकर बिडौली में यमुना नदी तक 85 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कंपनी के उप महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 498 मीटर लंबाई वाले यमुना पुल पर 52 गर्डर में से 44 रखे जा चुके हैं। आठ गर्डर और रखने के बाद पुल पर लिंटर डालकर चौड़ा करने कार्य होगा। उन्होंने बताया कि पुल तैयार होने पर वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। वाहनों को पुल जाम की स्थिति से छुटकारा मिलेगा। अगले साल की शुरूआत में नए पुल को तैयार करके चालू कर दिया जाएगा।
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हरियाणा, पंजाब और पउप्र के कई जिलों को जोड़ता है यमुना का पुल
बिड़ौली में यमुना नदी का पुल हरियाणा, पंजाब और पउप्र के शामली, सहारनपुर समेत कई जिलों को जोड़ता है। हरियाणा और पंजाब पाकिस्तान के लाहौर दूसरी ओर बंगाल जाने के लिए मेरठ-करनाल हाईवे का महत्व है। बिड़ौली में यमुना नदी पर 40 साल पहले हरियाणा और यूपी सरकार की संयुक्त धनराशि से दो लेन का पुल तैयार किया था। पुल पर आए दिन जाम लगा लगा रहता था। लेकिन अब बिड़ौली में एनएचएआई की ओर से दूसरा पुल बनने जाने के बाद आवागमन को सुविधा मिलेगी।
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मेरठ-करनाल मार्ग पहले सात मीटर चौड़ा था। बिड़ौली में यमुना नदी पर दो लेन का पुल पहले से बना है। वर्ष 2015 में इसे स्टेट हाईवे घोषित कर चौड़ीकरण की शुरूआत हुई थी। वर्ष 2017 तक आते-आते हरियाणा के करनाल जिले की सीमा से मेरठ तक इसका निर्माण पूरा कर दिया गया था। भाजपा सरकार बनने के बाद इस हाईवे को एनएचएआई को हस्तांरित कर दिया गया। एनएचएआई ने इसके चौड़ीकरण की कार्ययोजना बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी थी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद करनाल से मेरठ तक हाईवे को चौड़ा करने और हाईवे पर पुलों व फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है।
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करनाल बाईपास से लेकर बिडौली में यमुना नदी तक 85 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कंपनी के उप महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 498 मीटर लंबाई वाले यमुना पुल पर 52 गर्डर में से 44 रखे जा चुके हैं। आठ गर्डर और रखने के बाद पुल पर लिंटर डालकर चौड़ा करने कार्य होगा। उन्होंने बताया कि पुल तैयार होने पर वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। वाहनों को पुल जाम की स्थिति से छुटकारा मिलेगा। अगले साल की शुरूआत में नए पुल को तैयार करके चालू कर दिया जाएगा।
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हरियाणा, पंजाब और पउप्र के कई जिलों को जोड़ता है यमुना का पुल
बिड़ौली में यमुना नदी का पुल हरियाणा, पंजाब और पउप्र के शामली, सहारनपुर समेत कई जिलों को जोड़ता है। हरियाणा और पंजाब पाकिस्तान के लाहौर दूसरी ओर बंगाल जाने के लिए मेरठ-करनाल हाईवे का महत्व है। बिड़ौली में यमुना नदी पर 40 साल पहले हरियाणा और यूपी सरकार की संयुक्त धनराशि से दो लेन का पुल तैयार किया था। पुल पर आए दिन जाम लगा लगा रहता था। लेकिन अब बिड़ौली में एनएचएआई की ओर से दूसरा पुल बनने जाने के बाद आवागमन को सुविधा मिलेगी।