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भूरा गांव में ढाई क्विंटल मावा बरामद

Mon, 21 Oct 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2019 12:09 AM IST
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Two and a half quintal adulterated mawa recovered
शामली: कैराना के गांव भूरा में मावे की भटी से पकडा गया सिंथेटिक मावा - फोटो : SHAMLI
ढाई क्विंटल मिलावटी मावा बरामद
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शामली/कैराना। पुलिस ने गांव भूरा में एक मकान में छापा मारकर मावा बनाने की भट्ठी पकड़ी है। पुलिस ने मौके से करीब ढाई क्विंटल मिलावटी मावा, 20 किलो मिल्क पाउडर और 50 किलो वनस्पति घी बरामद किया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कोतवाली पहुंचकर नमूने लिए और बरामद खाद्य सामग्री को गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया गया।
शनिवार की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि गांव भूरा में मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा है। कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने बताया कि इस सूचना पर ताहिर के मकान पर दबिश दी, तो वहां पर भट्ठी पर मावा तैयार किया जा रहा था। पुलिस को देखकर मौके से दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मिलावटी होने के शक में भट्ठी पर तैयार किया गया करीब ढाई क्विंटल मिलावटी मावा, 20 किलो मिल्क पाउडर व 50 किलो वनस्पति घी बरामद किया और कोतवाली ले गई। पुलिस की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार टीम के साथ कोतवाली पहुंचे। टीम ने बरामद मावे की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बरामद हुए मावा और वनस्पति घी का एक-एक नमूना लिया गया है, जिसे जांच हेतु प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। प्रथम दृष्टया मावे का रंग मैला होने के कारण मिलावटी होना प्रतीत हुआ। इसके बाद मावा, वनस्पति घी और पाउडर को गड्ढे में दबाकर नष्ट कराया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने बताया कि पुलिस ने आरोपी ताहिर और भूरा का जीडी में तस्करा दर्ज किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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बिना दूूूध के तैयार हो रहा मावा
कैराना। कैराना क्षेत्र में मावा बनाने की भट्ठियां बिना लाइसेंस के चल रही है। शाम होते ही कई गांवों में भट्ठियां धधकने लगती है। दीपावली या अन्य कोई त्योहार पर मावे की डिमांड अधिक होने के कारण भट्ठियों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा तैयार किया जाता है। इन भट्ठियों पर बिना किसी मानक के मावा तैयार किया जाता है। बताया जाता है कि इन भट्ठियों पर तैयार होने वाले मावे में बनाने की भट्ठियां बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहीं है। बिना किसी मानक के ही मावे की भट्ठियों पर पाउडर, वनस्पति घी, शैंपू, यूरिया और अन्य केमिकल का इस्तेमाल कर मावा तैयार किया जाता है। दूध का इस्तेमाल नाम मात्र को किया जाता है। इसके बाद मिलावटी मावे को मिठाई की दुकानों पर सप्लाई किया जाता है।
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क्या कर रहा था खाद्य सुरक्षा विभाग ?
भूरा गांव में पुलिस ने छपा मारकर मावा भट्ठी पकड़ी है, पुलिस की इस कार्रवाई से खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल गई है। सवाल उठते हैं कि विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। दिवाली का सीजन है इसके बाद भी विभाग अलर्ट नहीं है।
ऐसे करें मावा की पहचान
-मावा को अपने अंगुठे के नाखून पर रगड़े, अगर असली है तो इसमें घी जैसी महक आएगी और खुुशबू देर तक बनी रहेगी।
- हथेली पर मावा की गोली बनाए अगर यह फटने लगे तो मिलावट है।
- मावे में थोड़ी चीनी डालकर गरम करने पर अगर यह पानी छोड़ने लगे तो वह मिलावटी है।
असली मावे को खाने पर कच्चे दूूध जैसा स्वाद आएगा।
कोट
पिछले तीन दिन से जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा चुके हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

-सुनील कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

शामली: कैराना के गांव भूरा में मावे की भटी से पकडे गये सिंथेटिक मावे का सैम्पल लेते खाद्य विभाग के

शामली: कैराना के गांव भूरा में मावे की भटी से पकडे गये सिंथेटिक मावे का सैम्पल लेते खाद्य विभाग के - फोटो : SHAMLI

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