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Shamli News: मानकों पर खरा उतरने वाली क्षय रोग मुक्त पंचायतें होंगी पुरस्कृत
Sat, 21 Oct 2023 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:13 AM IST
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शामली। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाली क्षय रोग मुक्त पंचायत का चयन किया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायत को जिला प्रशासन की तरफ से विश्व क्षय रोग दिवस पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोग मुक्त पंचायतों का चयन किया जाएगा। क्षय रोग मुक्त पंचायतों को सेंट्रल क्षय रोग डिविजन की तरफ से निर्धारित सूचकांक यानि मानकों को पूरा करना होगा। जो ग्राम पंचायत निर्धारित मानक पूरा करेगी, उन पंचायतों के प्रधान ब्लाॅक स्तर से बीडीओ के समक्ष क्षय रोग मुक्त होने का दावा प्रस्तुत करेंगे। बीडीओ के माध्यम से यह दावा जिला क्षय रोग अधिकारी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम व जिला क्षय रोग अधिकारी टीम के साथ उस ग्राम पंचायत में सूचकांक मानकों के आधार पर सर्वें करेगी। सर्वे में जो पंचायतें मानकों पर खरा उतरेंगी, उन्हें क्षय रोग मुक्त पंचायत घोषित कर डीएम के यहां भेजा जाएगा।
जनपद स्तरीय 26 मास्टर नियुक्त
क्षय रोग मुक्त पंचायत कार्यक्रम के लिए सीएमओ कार्यालय सभागार में छह अक्तूबर को कंसलटेंट डाॅ. उमर अकील, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त पीपीएम शबी आजम ने प्रशिक्षण देकर जनपद स्तरीय 26 मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए गए। इनमें 21 स्वास्थ्य विभाग से और पांच पंचायती राज विभाग से बनाए गए हैं।
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कांस्य, रजत व स्वर्ण पदक से सम्मानित होंगी पंचायतें
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मानकों को पूरा करने वाली ग्राम पंचायत को एक वर्ष तक की वैद्यता के प्रमाण पत्र के साथ कांस्य पदक से सम्मानित किया जाएगा। अगर वहीं ग्राम पंचायत लगातार दूसरे वर्ष भी क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होती है तो उसे रजत और लगातार तीसरे साल घोषित होने पर स्वर्ण पदक देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
क्षय रोग मुक्त पंचायत में इन मानकों का होगा सर्वे
- एक हजार की आबादी पर 30 संभावित क्षय रोगियों की जांच।
- एक या एक से कम रोगी को नोटिफिेशन होना।
- क्षय रोग उपचार की सफलता दर 85 प्रतिशत होना।
- 60 प्रतिशत क्षय रोगियों की सीबी नेट जांच होना।
- निक्षय पोषण योजना का सभी मरीजों को शत प्रतिशत लाभ मिलना।
- निक्षय पोषण पोटली योजना का शत प्रतिशत लाभ मिलना।
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प्रधानमंत्री के क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोग मुक्त पंचायतों का चयन किया जाएगा। क्षय रोग मुक्त पंचायतों को सेंट्रल क्षय रोग डिविजन की तरफ से निर्धारित सूचकांक यानि मानकों को पूरा करना होगा। जो ग्राम पंचायत निर्धारित मानक पूरा करेगी, उन पंचायतों के प्रधान ब्लाॅक स्तर से बीडीओ के समक्ष क्षय रोग मुक्त होने का दावा प्रस्तुत करेंगे। बीडीओ के माध्यम से यह दावा जिला क्षय रोग अधिकारी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम व जिला क्षय रोग अधिकारी टीम के साथ उस ग्राम पंचायत में सूचकांक मानकों के आधार पर सर्वें करेगी। सर्वे में जो पंचायतें मानकों पर खरा उतरेंगी, उन्हें क्षय रोग मुक्त पंचायत घोषित कर डीएम के यहां भेजा जाएगा।
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जनपद स्तरीय 26 मास्टर नियुक्त
क्षय रोग मुक्त पंचायत कार्यक्रम के लिए सीएमओ कार्यालय सभागार में छह अक्तूबर को कंसलटेंट डाॅ. उमर अकील, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त पीपीएम शबी आजम ने प्रशिक्षण देकर जनपद स्तरीय 26 मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए गए। इनमें 21 स्वास्थ्य विभाग से और पांच पंचायती राज विभाग से बनाए गए हैं।
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कांस्य, रजत व स्वर्ण पदक से सम्मानित होंगी पंचायतें
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मानकों को पूरा करने वाली ग्राम पंचायत को एक वर्ष तक की वैद्यता के प्रमाण पत्र के साथ कांस्य पदक से सम्मानित किया जाएगा। अगर वहीं ग्राम पंचायत लगातार दूसरे वर्ष भी क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होती है तो उसे रजत और लगातार तीसरे साल घोषित होने पर स्वर्ण पदक देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
क्षय रोग मुक्त पंचायत में इन मानकों का होगा सर्वे
- एक हजार की आबादी पर 30 संभावित क्षय रोगियों की जांच।
- एक या एक से कम रोगी को नोटिफिेशन होना।
- क्षय रोग उपचार की सफलता दर 85 प्रतिशत होना।
- 60 प्रतिशत क्षय रोगियों की सीबी नेट जांच होना।
- निक्षय पोषण योजना का सभी मरीजों को शत प्रतिशत लाभ मिलना।
- निक्षय पोषण पोटली योजना का शत प्रतिशत लाभ मिलना।