{"_id":"58cd7ec64f1c1b275a32bb8f","slug":"trench-test-sowing","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेंच विधि से बुवाई को परखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेंच विधि से बुवाई को परखा
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
agricultural
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। भैंसवाल गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में गन्ना विभाग एवं चीनी मिल के अफसरों ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई के लाभ गिनाए। जिला गन्ना अधिकारी डा. अनिल भारती और अपर दोआब शुगर मिल के अतिरिक्त गन्ना महाप्रबंधक नरेश कुमार ने भैंसवाल के प्रगतिशील किसान अजेंद्र के खेत पर पहुंचकर ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई का मुआवना किया।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई से गन्ने का जमाव 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक होता है। इससे मिल को स्वस्थ गन्ने की आपूर्ति होती है।
विधि से बुआई करने पर सभी गन्ने की लंबाई-मोटाई और वजन एक समान होने से बेहतर उत्पादन होता है और चीनी की रिकवरी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि बुआई करने पर बंधाई की जो मजदूरी जाती है, उसकी पूरी बचत है। इस दौरान विक्की, हरीश, सतपाल, नवीन समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई से गन्ने का जमाव 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक होता है। इससे मिल को स्वस्थ गन्ने की आपूर्ति होती है।
विज्ञापन
विधि से बुआई करने पर सभी गन्ने की लंबाई-मोटाई और वजन एक समान होने से बेहतर उत्पादन होता है और चीनी की रिकवरी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि बुआई करने पर बंधाई की जो मजदूरी जाती है, उसकी पूरी बचत है। इस दौरान विक्की, हरीश, सतपाल, नवीन समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन