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पशु आरोग्य शिविर में 135 पशुओं का उपचार
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पशु आरोग्य शिविर में 135 पशुओं का उपचार
शामली। ताजपुर सिंभालका गांव में ब्लॉक स्तरीय पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर एवं मेले में शुक्रवार को 135 पशुओं की चिकित्सा की गई। वहीं, संगोष्ठी में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने नवजात पशुओं के बच्चों की देखभाल करने, मिनरल, विटामिन एवं चारे की उपयोगिता से पशुपालकों का अवगत कराया।
ताजपुर सिंभालका गांव में शिविर मेले का शुभारंभ जयदेव सिंह मलिक ने गो पूजन करके किया। यहां कुल 263 पशुओं का पंजीकरण किया गया। जिनमें 135 पशुओं की चिकित्सा, 06 का कृत्रिम गर्भाधान, 56 पशुओं का कृमिनाशक दवापान,13 पशुओं का गर्भ परीक्षण, 05 पशुओं की शल्य चिकित्सा, 21 पशुओं का बधियाकरण एवं 27 पशुओं की बांझपन चिकित्सा की गई। इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने नवजात पशुओं के बच्चों की देखभाल करने, मिनरल, विटामिन एवं चारे की उपयोगिता, कृत्रिम गर्भाधान, थनैला रोग, कृमिनाशक दवापान से पशुपालकों का अवगत कराया गया। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे पालतू गोवंश को छुट्टा न छोडे़ं। पशुओं का टैगिंग कराकर टीकाकरण अवश्य कराएं। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह वर्मा, डॉ. मोहम्मद नदीम, डॉ. उदयभान भारती, डॉ. सऊद हसन, अरविंद कुमार, विकास कुमार, रवींद्र कुमार, रविकांत, पशुधन प्रसार अधिकारियों, एवं तेजपाल, नीरज, दिनेश कुमार, पंकज कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा विशेष सहयोग रहा।
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शामली। ताजपुर सिंभालका गांव में ब्लॉक स्तरीय पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर एवं मेले में शुक्रवार को 135 पशुओं की चिकित्सा की गई। वहीं, संगोष्ठी में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने नवजात पशुओं के बच्चों की देखभाल करने, मिनरल, विटामिन एवं चारे की उपयोगिता से पशुपालकों का अवगत कराया।
ताजपुर सिंभालका गांव में शिविर मेले का शुभारंभ जयदेव सिंह मलिक ने गो पूजन करके किया। यहां कुल 263 पशुओं का पंजीकरण किया गया। जिनमें 135 पशुओं की चिकित्सा, 06 का कृत्रिम गर्भाधान, 56 पशुओं का कृमिनाशक दवापान,13 पशुओं का गर्भ परीक्षण, 05 पशुओं की शल्य चिकित्सा, 21 पशुओं का बधियाकरण एवं 27 पशुओं की बांझपन चिकित्सा की गई। इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने नवजात पशुओं के बच्चों की देखभाल करने, मिनरल, विटामिन एवं चारे की उपयोगिता, कृत्रिम गर्भाधान, थनैला रोग, कृमिनाशक दवापान से पशुपालकों का अवगत कराया गया। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे पालतू गोवंश को छुट्टा न छोडे़ं। पशुओं का टैगिंग कराकर टीकाकरण अवश्य कराएं। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह वर्मा, डॉ. मोहम्मद नदीम, डॉ. उदयभान भारती, डॉ. सऊद हसन, अरविंद कुमार, विकास कुमार, रवींद्र कुमार, रविकांत, पशुधन प्रसार अधिकारियों, एवं तेजपाल, नीरज, दिनेश कुमार, पंकज कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा विशेष सहयोग रहा।
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