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अधर में लटका पूर्वी यमुना नहर का जीर्णोद्धार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सहारनपुर के हथनी कुंड ताजेवाला बांध से लेकर दिल्ली सीमा तक 205 किमी लंबाई वाली पूर्वी यमुना नहर का 296 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये की लागत से जीर्णोद्धार होना था, लेकिन तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने के बाद धनाभाव के चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटका है। इस परियोजना का
लक्ष्य नहर की क्षमता को बढ़ाना था।
पूर्वी यमुना नहर पर 515 पुल, 41 फाल, 25 रेगुलेटर, 139 हैड रेगुलेटर, 18 क्रॉस ड्रेनेज रेगुलेटर काम कर रहे हैं। नहर की पानी क्षमता 4400 क्यूूूसेक है। हथनीकुंड ताजेवाला के पास से निकलने वाली 205 किमी लंबाई वाली पूर्वी यमुना नहर प्रणाली सालों से खस्ता हाल में है।
2015-16 में नहर का पांच राज्यों में जल वितरण के उद्देश्य से जीर्णोद्धार करने के लिए 296 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये की लागत से परियोजना तैयार की गई थी।
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इसका प्रारूप उत्तर प्रदेश शासन को भेजा था। 2015-16 में दस करोड़ रुपये प्रोविजनल बजट का प्राविधान रखा गया था। तकनीकी समिति की रिपोर्ट की स्वीकृति पहले प्राप्त हो गई थी। पूर्वी यमुना नहर खंड दिल्ली ओखला में तैनात मुख्य अभियंता बुलेशचंद गर्ग ने बताया कि सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव स्तर पर पूर्वी यमुना नहर खंड का 296 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये का प्रोजेक्ट लंबित था।
बाद में धनाभाव बताकर इसे अस्वीकृत कर दिया गया। अपर खंड पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह, वीरपाल सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत पूर्वी यमुना नहरों एवं सभी रजवाहे के खस्ताहाल पुलों का निर्माण, नहरों एवं रजवाहों की सफाई करके नहरों की पानी क्षमता का विस्तार किया जाना था।
यहां खर्च होनी थी धनराशि
पुलों पर - 11,017.96 लाख रुपये
एस्केप- 324.93 लाख रुपये
भवन - 604.35 लाख रुपये
रेगुलेटर - 3678.73 लाख रुपये
फाल- 1288.16 लाख रुपये
मिट्टी वर्क- 4568.83 लाख रुपये
लेबर बजट - 274.37 लाख रुपये
सर्वे कार्य- 239.40 लाख रुपये
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लक्ष्य नहर की क्षमता को बढ़ाना था।
पूर्वी यमुना नहर पर 515 पुल, 41 फाल, 25 रेगुलेटर, 139 हैड रेगुलेटर, 18 क्रॉस ड्रेनेज रेगुलेटर काम कर रहे हैं। नहर की पानी क्षमता 4400 क्यूूूसेक है। हथनीकुंड ताजेवाला के पास से निकलने वाली 205 किमी लंबाई वाली पूर्वी यमुना नहर प्रणाली सालों से खस्ता हाल में है।
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2015-16 में नहर का पांच राज्यों में जल वितरण के उद्देश्य से जीर्णोद्धार करने के लिए 296 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये की लागत से परियोजना तैयार की गई थी।
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इसका प्रारूप उत्तर प्रदेश शासन को भेजा था। 2015-16 में दस करोड़ रुपये प्रोविजनल बजट का प्राविधान रखा गया था। तकनीकी समिति की रिपोर्ट की स्वीकृति पहले प्राप्त हो गई थी। पूर्वी यमुना नहर खंड दिल्ली ओखला में तैनात मुख्य अभियंता बुलेशचंद गर्ग ने बताया कि सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव स्तर पर पूर्वी यमुना नहर खंड का 296 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये का प्रोजेक्ट लंबित था।
बाद में धनाभाव बताकर इसे अस्वीकृत कर दिया गया। अपर खंड पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह, वीरपाल सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत पूर्वी यमुना नहरों एवं सभी रजवाहे के खस्ताहाल पुलों का निर्माण, नहरों एवं रजवाहों की सफाई करके नहरों की पानी क्षमता का विस्तार किया जाना था।
यहां खर्च होनी थी धनराशि
पुलों पर - 11,017.96 लाख रुपये
एस्केप- 324.93 लाख रुपये
भवन - 604.35 लाख रुपये
रेगुलेटर - 3678.73 लाख रुपये
फाल- 1288.16 लाख रुपये
मिट्टी वर्क- 4568.83 लाख रुपये
लेबर बजट - 274.37 लाख रुपये
सर्वे कार्य- 239.40 लाख रुपये