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अवकाश लिया, तैयारी की और पाया अपना मुकाम
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शामली में यूपीएससी में 53वीं रैंक प्राप्त करने वाले अर्पित संगल को स्मृति चिन्ह देते सेंट आरसी स्?
- फोटो : SHAMLI
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शामली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा 2021 के घोषित परिणाम में शामली निवासी अर्पित संगल ने 53वीं रैंक पाई है। बेटे की कामयाबी पर परिवार में जश्न का माहौल है। माता-पिता समेत पूरे परिवार का कहना है कि उन्हें अर्पित पर गर्व है, जिसने परिवार के साथ अपने शहर और जिले का नाम रोशन किया है। पिछले साल तीसरे प्रयास में अर्पित का 239वीं रैंक मिलने पर आईपीएस में चयन हुआ था। इस बार उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हुआ है।
यूपीएससी-2021 की परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित हुआ। शामली के तालाब रोड निवासी अर्पित संगल ने 53वीं रैंक प्राप्त कर परिवार व जिले का मान बढ़ाया है। पिता सुशील संगल का नई मंडी में मूंगफली का कारोबार हैं और मां कुमकुम संगल गृहणी हैं। बड़े भाई शशांक बिजनेस करते हैं और पिता के कारोबार में सहयोग करते रहते हैं। साथ ही वे सीए की परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं। छोटी बहन खुशी कक्षा 10 में पढ़ती है।
अर्पित ने 2014 में सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल शामली से इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद आईआईटी एडवांस में 283वीं रैंक पाई और दिल्ली में चार साल तक बीटेक किया। बीटेक करते हुए तीसरे साल में ही उन्हें सैमसंग कंपनी में बैंगलोर में 22 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने ज्वाइन न करते सिविल सर्विस की तैैयारी की। तीसरे प्रयास में पिछले साल यूपीएससी में 239वीं रैंक प्राप्त की और आईपीएस के लिए चयनित हुए, लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था।
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इसके लिए उन्होंने एक साल का अवकाश लिया और तैयारी की, जिसमें उन्हें कामयाबी मिली। अर्पित ने बताया कि इस सफलता में उसे पूरे परिवार का सहयोग मिला है। बड़े भाई ने हर कदम पर उसका साथ दिया। पिता सुशील संगल और मां कुमकुम संगल, भाई और बहन अर्पित की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अर्पित की मेहनत पर भरोसा था। आज उसकी मेहनत सबके सामने हैं। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और बहुत खुश है। अर्पित को बधाई देने व मिठाई खिलाने वालों का सिलसिला उनके आवास पर चल रहा है।
पढ़ाई में जो कमी रह गई थी, उसे पूरा कर पाया मुकाम
शामली। अर्पित संगल ने युवाओं के लिए कहा कि हौसला, आत्मविश्वास को मजबूत बनाएं। लक्ष्य तय करें और सच्ची लगन के साथ मेहनत करें, सफलता अवश्य मिलती है। अगर कभी फेलियर का भी सामना करना पड़े, तो निराश नहीं होना है। यूपीएससी जो चाहती है, उसे समझे और लगातार पढ़ाई करें।
पिछले साल आईपीएस में चयनित होने के बाद उसे लगा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है, इसके लिए उसने फिर से तैयारी शुरू की। पिछली बार पढ़ाई में जो कमी रह गई थी, उनमें सुधार करते हुए मेहनत के साथ पूरा किया। अर्पित ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की और यूपीएससी के सिलेबस और पिछले सालों के पेपर के आधार पर तैयारी की। बैडमिंटन खेलना और शायरी सुनना पसंद है। वे आमजन और अधिकारियों के बीच की दूरी कम करेंगे और आम लोगों की जो समस्याएं हैं, उनका समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।
स्कूल की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर दी बधाई
शामली। सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल शामली के चेयरमैन अरविंद संगल ने यूपीएससी में 53वीं रैंक प्राप्त करने पर अर्पित संगल को बधाई देते हुए स्मृति चिह्न भेंट किया। अर्पित ने इंटर की पढ़ाई इसी स्कूल से की है। अरविंद ने बताया कि जिले में अंग्रेजी माध्यम स्कूल से अर्पित शायद पहला ऐसा छात्र है, जो यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की और आईएएस में चयनित हुए। इस सफलता पर स्कूल परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने अर्पित संगल के माता, पिता समेत पूरे परिवार को भी बधाई दी।
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यूपीएससी-2021 की परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित हुआ। शामली के तालाब रोड निवासी अर्पित संगल ने 53वीं रैंक प्राप्त कर परिवार व जिले का मान बढ़ाया है। पिता सुशील संगल का नई मंडी में मूंगफली का कारोबार हैं और मां कुमकुम संगल गृहणी हैं। बड़े भाई शशांक बिजनेस करते हैं और पिता के कारोबार में सहयोग करते रहते हैं। साथ ही वे सीए की परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं। छोटी बहन खुशी कक्षा 10 में पढ़ती है।
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अर्पित ने 2014 में सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल शामली से इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद आईआईटी एडवांस में 283वीं रैंक पाई और दिल्ली में चार साल तक बीटेक किया। बीटेक करते हुए तीसरे साल में ही उन्हें सैमसंग कंपनी में बैंगलोर में 22 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने ज्वाइन न करते सिविल सर्विस की तैैयारी की। तीसरे प्रयास में पिछले साल यूपीएससी में 239वीं रैंक प्राप्त की और आईपीएस के लिए चयनित हुए, लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था।
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इसके लिए उन्होंने एक साल का अवकाश लिया और तैयारी की, जिसमें उन्हें कामयाबी मिली। अर्पित ने बताया कि इस सफलता में उसे पूरे परिवार का सहयोग मिला है। बड़े भाई ने हर कदम पर उसका साथ दिया। पिता सुशील संगल और मां कुमकुम संगल, भाई और बहन अर्पित की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अर्पित की मेहनत पर भरोसा था। आज उसकी मेहनत सबके सामने हैं। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और बहुत खुश है। अर्पित को बधाई देने व मिठाई खिलाने वालों का सिलसिला उनके आवास पर चल रहा है।
पढ़ाई में जो कमी रह गई थी, उसे पूरा कर पाया मुकाम
शामली। अर्पित संगल ने युवाओं के लिए कहा कि हौसला, आत्मविश्वास को मजबूत बनाएं। लक्ष्य तय करें और सच्ची लगन के साथ मेहनत करें, सफलता अवश्य मिलती है। अगर कभी फेलियर का भी सामना करना पड़े, तो निराश नहीं होना है। यूपीएससी जो चाहती है, उसे समझे और लगातार पढ़ाई करें।
पिछले साल आईपीएस में चयनित होने के बाद उसे लगा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है, इसके लिए उसने फिर से तैयारी शुरू की। पिछली बार पढ़ाई में जो कमी रह गई थी, उनमें सुधार करते हुए मेहनत के साथ पूरा किया। अर्पित ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की और यूपीएससी के सिलेबस और पिछले सालों के पेपर के आधार पर तैयारी की। बैडमिंटन खेलना और शायरी सुनना पसंद है। वे आमजन और अधिकारियों के बीच की दूरी कम करेंगे और आम लोगों की जो समस्याएं हैं, उनका समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।
स्कूल की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर दी बधाई
शामली। सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल शामली के चेयरमैन अरविंद संगल ने यूपीएससी में 53वीं रैंक प्राप्त करने पर अर्पित संगल को बधाई देते हुए स्मृति चिह्न भेंट किया। अर्पित ने इंटर की पढ़ाई इसी स्कूल से की है। अरविंद ने बताया कि जिले में अंग्रेजी माध्यम स्कूल से अर्पित शायद पहला ऐसा छात्र है, जो यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की और आईएएस में चयनित हुए। इस सफलता पर स्कूल परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने अर्पित संगल के माता, पिता समेत पूरे परिवार को भी बधाई दी।