फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   tikaaith dm se bole, nahi banvaayegi to kisaan denge bangla

टिकैत डीएम से बोले, सरकार नहीं बनवाएगी तो किसान देंगे बंगला

Thu, 14 Feb 2019 11:20 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Thu, 14 Feb 2019 11:20 PM IST
विज्ञापन
tikaaith dm se bole, nahi banvaayegi to kisaan denge bangla
file - फोटो : amarujala
कलक्ट्रेट पर भाकियू के धरने के दौरान राकेश टिकैत ने डीएम के सामने शुगर मिल का बंगला खाली करने की बात उठा दी। प्रस्ताव दिया कि यदि उनका सरकारी आवास नहीं बनता तो किसान उनके रहने का इंतजाम करेंगे।  
विज्ञापन

टिकैत ने कहा कि सरकार ने अभी तक यहां के डीएम का आवास नहीं बनवाया है। वे शामली शुगर मिल के गेस्ट हाउस में ही रहते हैं। ऐसे में दबाव भी रहता होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद भाकियू डीएम को शुगर मिल के बंगले में नहीं रहने देगी। यदि सरकार उनके आवास का इंतजाम नहीं करती तो भाकियू इसकी व्यवस्था करेगी। कई किसानों के पास बड़े बड़े घेर हैं। जिलाधिकारी जहां चाहें रह सकते हैं।  भाकियू के अचानक ये मुद्दा उठाते ही खुद डीएम भी हैरान रह गए । कहा कि पता नहीं ये मुद्दा कहां से आ गया। कहा कि शायद ऐसी नौबत ही नहीं आएगी। मुझसे पूर्व में डीएम भी यहीं रहते आए हैं। वैसे उनका सरकारी आवास बन रहा है। बजट की वजह से काम अधूरा है उम्मीद है कि बहुत जल्द ये बजट आ जाएगा और सरकारी आवास बन जाएगा। डीएम ने कहा कि वैसे भी पता नहीं वह कब तक यहां रहें। डीएम ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए जनहित ही सर्वोपरि है। 
विज्ञापन


हमें मुहूर्त निकवाले की जरूरत नहीं फिर टेक देंगे धरना 
रोज आठ करोड़ का गन्ना देते हैं। ये तो ढाई दिन का रुपया है। इस भुगतान को 14 दिन पर लाओ। लेट पर ब्याज भी किसान को चाहिए। यदि ये नहीं सुधरा तो फिर से धरना टेक देंगे। कहो तो अभी आंदोलन कर रुख थानाभवन की तरफ मोड़ दें। वहीं पर हो जाएगी बात। मंत्री जी भी आ जाएंगे।  अनुज बालियान ने कहा कि जब तक मिलों से किसानों का भुगतान नहीं होता जब तक उनके विद्युत कनेक्शन ना काटें जाएं। दीपक शर्मा, राजेंद्र आदि ने कहा कि कैपिस्टर चार्ज के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। बाद में किसानों ने अपनी 18 सूत्रीय मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसा ही चला तो मैं भी सस्पेंड हो जाऊंगा 
शामली। वार्ता के दौरान मौजूद विद्युत निगम ने एक अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया कि बिजली की खपत से एक तिहाई भी वसूली नहीं हो रही। इसी चक्कर में एक अधिकारी सस्पेंड हो चुके हैं। उनका भी नाम जा चुका है। वे भी कभी भी सस्पेंड हो सकते हैं, बताओ क्या करें। उन्हें भी बाल बच्चे पालने हैं। उनकी बात सुनकर अधिकारी भी सन्न रह गए ।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed