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Shamli News: इस बार पंद्रह दिन के श्राद्ध, नौ दिन के श्री दुर्गा नवरात्र
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: 7 सितंबर से श्राद्ध की शुरुआत, 22 सितंबर से नवरात्र, दो अक्टूबर को दशहरा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस बार 15 दिन के श्राद्ध और नौ दिन के श्री दुर्गा नवरात्र होंगे। रविवार सात सितंबर को पूर्णिमा से श्राद्ध शुरू होकर 21 सितंबर को अमावस्या पर श्राद्ध समाप्त होंगे। इसके बाद 22 सितंबर से श्री दुर्गा नवरात्र आरंभ होकर 1 अक्तूबर को सिद्धिदात्री पूजन के साथ संपन्न होंगे। दो अक्तूबर को दशहरा और विजयदशमी मनाई जाएगी।
शामली के पंडित कुशलानंद शास्त्री और पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के अनुसार, इस बार छठ और सप्तमी तिथि एक साथ होने से एक दिन का श्राद्ध कम होगा। रविवार सात सितंबर को रात 9:57 बजे से 1:27 बजे तक खग्रास चंद्रग्रहण भी दिखाई देगा। ग्रहण लगते ही सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा और मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
- श्राद्ध में पितरों का तर्पण
प्रातः स्नान, ध्यान के बाद भोजन की थाली की जल से परिक्रमा कर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद भोजन की थाली गाय और कन्याओं को अर्पित करने का विधान है।
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- खग्रास चंद्र ग्रहण सात सितंबर रात्रि 9 बजकर 57 मिनट पर होगा शुरू
सात सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा रात्रि 9 बजकर 57 मिनट से लेकर रात्रि एक बजे 27 मिनट तक होने वाला खग्रास चंद्रग्रहण देश में दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण भाद्र पद पूर्णिमा सात और आठ सितंबर की मध्यगत रात्रि होगा। सात सितंबर दोपहर 12.57 दिन से शुरु होगा। उसके बाद सूतक काल शुरु होगा। मदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
श्राद्ध तिथियां
पूर्णिमा श्राद्ध – 7 सितंबर, रविवार
प्रतिपदा श्राद्ध – 8 सितंबर, सोमवार
द्वितीया श्राद्ध – 9 सितंबर, मंगलवार
तृतीया श्राद्ध – 10 सितंबर, बुधवार
चतुर्थी श्राद्ध – 11 सितंबर, गुरुवार
पंचमी श्राद्ध – 12 सितंबर, शुक्रवार
षष्ठी श्राद्ध – 13 सितंबर, शनिवार
सप्तमी श्राद्ध – 13 सितंबर, शनिवार
अष्टमी श्राद्ध – 14 सितंबर, रविवार
नवमी श्राद्ध – 15 सितंबर, सोमवार
दशमी श्राद्ध – 16 सितंबर, मंगलवार
एकादशी श्राद्ध – 17 सितंबर, बुधवार
द्वादशी श्राद्ध – 18 सितंबर, गुरुवार
त्रयोदशी श्राद्ध – 19 सितंबर, शुक्रवार
चतुर्दशी श्राद्ध – 20 सितंबर, शनिवार
अमावस्या श्राद्ध – 21 सितंबर, रविवार
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस बार 15 दिन के श्राद्ध और नौ दिन के श्री दुर्गा नवरात्र होंगे। रविवार सात सितंबर को पूर्णिमा से श्राद्ध शुरू होकर 21 सितंबर को अमावस्या पर श्राद्ध समाप्त होंगे। इसके बाद 22 सितंबर से श्री दुर्गा नवरात्र आरंभ होकर 1 अक्तूबर को सिद्धिदात्री पूजन के साथ संपन्न होंगे। दो अक्तूबर को दशहरा और विजयदशमी मनाई जाएगी।
शामली के पंडित कुशलानंद शास्त्री और पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के अनुसार, इस बार छठ और सप्तमी तिथि एक साथ होने से एक दिन का श्राद्ध कम होगा। रविवार सात सितंबर को रात 9:57 बजे से 1:27 बजे तक खग्रास चंद्रग्रहण भी दिखाई देगा। ग्रहण लगते ही सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा और मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
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- श्राद्ध में पितरों का तर्पण
प्रातः स्नान, ध्यान के बाद भोजन की थाली की जल से परिक्रमा कर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद भोजन की थाली गाय और कन्याओं को अर्पित करने का विधान है।
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- खग्रास चंद्र ग्रहण सात सितंबर रात्रि 9 बजकर 57 मिनट पर होगा शुरू
सात सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा रात्रि 9 बजकर 57 मिनट से लेकर रात्रि एक बजे 27 मिनट तक होने वाला खग्रास चंद्रग्रहण देश में दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण भाद्र पद पूर्णिमा सात और आठ सितंबर की मध्यगत रात्रि होगा। सात सितंबर दोपहर 12.57 दिन से शुरु होगा। उसके बाद सूतक काल शुरु होगा। मदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
श्राद्ध तिथियां
पूर्णिमा श्राद्ध – 7 सितंबर, रविवार
प्रतिपदा श्राद्ध – 8 सितंबर, सोमवार
द्वितीया श्राद्ध – 9 सितंबर, मंगलवार
तृतीया श्राद्ध – 10 सितंबर, बुधवार
चतुर्थी श्राद्ध – 11 सितंबर, गुरुवार
पंचमी श्राद्ध – 12 सितंबर, शुक्रवार
षष्ठी श्राद्ध – 13 सितंबर, शनिवार
सप्तमी श्राद्ध – 13 सितंबर, शनिवार
अष्टमी श्राद्ध – 14 सितंबर, रविवार
नवमी श्राद्ध – 15 सितंबर, सोमवार
दशमी श्राद्ध – 16 सितंबर, मंगलवार
एकादशी श्राद्ध – 17 सितंबर, बुधवार
द्वादशी श्राद्ध – 18 सितंबर, गुरुवार
त्रयोदशी श्राद्ध – 19 सितंबर, शुक्रवार
चतुर्दशी श्राद्ध – 20 सितंबर, शनिवार
अमावस्या श्राद्ध – 21 सितंबर, रविवार