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Shamli News: इस बार 15 दिन के होंगे पितृ श्राद्ध, पूर्णिमा का पहला श्राद्ध आज
Sat, 26 Sep 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:05 AM IST
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शामली। इस बार पितरों के श्राद्ध और तर्पण 15 दिन के होंगे। 26 सितंबर से श्राद्ध शुरू होंगे और 10 अक्तूबर को अमावस्या के साथ श्राद्ध संपन्न होंगे। 11 अक्तूबर को श्री दुर्गा नवरात्र व्रत शुरू होंगे। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएगी।
भाद्र महीना समाप्त होने के बाद शनिवार से पितरों के पूर्णिमा श्राद्ध शुरू हो रहे हैं। पंडित कुशलानंद शास्त्री और प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक सप्तमी और अष्टमी एक दिन शनिवार को हो रही है। जिससे एक श्राद्ध कम हो गया है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध, 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध, 28 सितंबर द्वितीया श्राद्ध, 29 सितंबर को तृतीय श्राद्ध, 30 सितंबर को चतुर्थी श्राद्ध दोपहर दोपहर बाद 2.55 बजे तक, एक अक्तूबर पंचमी श्राद्ध दोपहर 12.35 बजे तक, दो अक्तूबर को षष्टमी श्राद्ध 10.15बजे तक, तीन अक्तूबर सप्तमी श्राद्ध शनिवार सुबह 7.59 बजे तक, अष्टमी श्राद्ध शनिवार 7.59 बजे सुबह से होगा। नवमी श्राद्ध चार अक्तूबर को रविवार को रात्रि 3.53 बजे तक होगी।
दशमी का श्राद्ध पांच अक्तूबर को रात्रि दो बजकर सात मिनट तक, एकादशी का श्राद्ध छह अक्तूबर को रात्रि 12.34 बजे तक, द्वादशी का श्राद्ध सात अक्तूबर की रात्रि 11.16 बजे तक, त्रयोदशी आठ अक्तूबर को रात्रि 10.15 बजे तक, चतुर्दशी श्राद्ध 9 अक्तूबर रात्रि 9 बजकर 35 मिनट, अमावस्या श्राद्ध 10 अक्तूबर की रात्रि 9.19 मिनट बजे तक रहेगा। 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे श्री दुर्गा नवरात्र 19 अक्तूबर को श्री दुर्गा नवमी को सिद्धि दात्री पूजा के साथ के साथ संपन्न होंगे।
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भाद्र महीना समाप्त होने के बाद शनिवार से पितरों के पूर्णिमा श्राद्ध शुरू हो रहे हैं। पंडित कुशलानंद शास्त्री और प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक सप्तमी और अष्टमी एक दिन शनिवार को हो रही है। जिससे एक श्राद्ध कम हो गया है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध, 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध, 28 सितंबर द्वितीया श्राद्ध, 29 सितंबर को तृतीय श्राद्ध, 30 सितंबर को चतुर्थी श्राद्ध दोपहर दोपहर बाद 2.55 बजे तक, एक अक्तूबर पंचमी श्राद्ध दोपहर 12.35 बजे तक, दो अक्तूबर को षष्टमी श्राद्ध 10.15बजे तक, तीन अक्तूबर सप्तमी श्राद्ध शनिवार सुबह 7.59 बजे तक, अष्टमी श्राद्ध शनिवार 7.59 बजे सुबह से होगा। नवमी श्राद्ध चार अक्तूबर को रविवार को रात्रि 3.53 बजे तक होगी।
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दशमी का श्राद्ध पांच अक्तूबर को रात्रि दो बजकर सात मिनट तक, एकादशी का श्राद्ध छह अक्तूबर को रात्रि 12.34 बजे तक, द्वादशी का श्राद्ध सात अक्तूबर की रात्रि 11.16 बजे तक, त्रयोदशी आठ अक्तूबर को रात्रि 10.15 बजे तक, चतुर्दशी श्राद्ध 9 अक्तूबर रात्रि 9 बजकर 35 मिनट, अमावस्या श्राद्ध 10 अक्तूबर की रात्रि 9.19 मिनट बजे तक रहेगा। 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे श्री दुर्गा नवरात्र 19 अक्तूबर को श्री दुर्गा नवमी को सिद्धि दात्री पूजा के साथ के साथ संपन्न होंगे।
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