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Shamli News: शिवरात्रि को पूरे दिन और पूरी रात होगी भगवान आशुतोष की विशेष पूजा और जलाभिषेक

Fri, 14 Jul 2023 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jul 2023 11:33 PM IST
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There will be special worship and Jalabhishek of Lord Ashutosh all day and night on Shivratri
- शनिवार को सायं काल की बेला में त्रयोदशी- चतुर्दशी का बना सालो बाद विशेष संयोग
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- भगवान अर्धनारीश्वर के रूप में शिव पार्वती की संयुक्त रूप से होगी पूजा अर्चना

संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। सावन माह की शिवरात्रि शनिवार को मनाई जाएगी। शिवरात्रि का जलाभिषेक और विशेष पूजा अर्चना सुबह चार बजे शिवालयों में शुरू हो जाएगी। शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक त्रयोदशी और शनिवार को शाम को त्रयाेदशी और चतुर्दशी का मिलन होने से शिवरात्रि का विशेष संयोग बनने पर भगवान आशुतोष की विशेष पूजा अर्चना और अनुष्ठान और जलाभिषेक होगा। शनिवार को शिवरात्रि और श्री शनिवार का दिन होने से महाकाल और शनिदेव की विशेष पूजा अर्चना होगी।
शुक्रवार को द्वादशी और त्रयोदशी प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बनने के बाद त्रयोदशी को भगवान आशुतोष की पूजा अर्चना और जलाभिषेक सुबह चार बजे से शुरू होकर दिन और रात तक होगा। रविवार को सुबह तक शिवराात्रि की विशेष पूजा- अर्चना एवं जलाभिषेक होगा। शनिवार रात्रि 8 बजकर 33 मिनट पर त्रयोदशी और चतुर्दशी का मिलन होने पर शिवरात्रि अर्धनारीश्वर शिव पार्वती का विशेष संयोग बना रहा है। शामली के पंड़ित कुशलानंद शास्त्री के मुताबिक, त्रयोदशी और चतुर्दशी का सायं काल के मिलन का विशेष संयोग बन रहा है। इस शिवरात्रि काे अर्धनारीश्वर के रूप में मनाई जाती है। ऐसा विशेष संयोग सालों बाद आता है। रविवार को सुबह दस बजकर आठ बजे तक चतुर्दशी होगी। जिसमें जलाभिषेक पुण्य कारी और उत्तम होगा। स्कंद पुराण के अनुसार शिवरात्रि पूजन और रात्रि जागरण करने से मनुष्य के संसार में आवागमन से मुक्त हो जाता है।
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पूजन जलाभिषेक के लिए यह करें
पूजन जलाभिषेक के लिए शिवरात्रि व्रत से पहले प्रहर में स्नान करके पशुपतये नम:का उच्चारण करते हुए ईशानकोण, पूरब या उत्तर की ओर मुख करके आसन पर बैठे। शिवज्योर्ति लिंग पर पंचामृत दूध- दही, घी, शहद, शर्करा, गंगाजल बेलपत्र, कनेर, सफेद आख्या और धतूरे के फूल,कमल गटठा, नील कमल से अभिषेक करने से रोग शोक से मुक्ति और सुख समृद्धि प्राप्त होती है। सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रु का दमन होता है। गन्ने के रस से अभिषेक करने से कर्ज से मुक्ति, अनार के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है, गंगा जल से अभिषेक करने से आयु में वृद्धि होती है।
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शुभ और मनोकामनाओं की पूर्ति वाला होता है शिवरात्रि का दिन
पंडित प्रभु शंकर शास्त्री के मुताबिक शिवरात्रि का दिन अत्यंत ही शुभ और मनोकामनाओं की पूर्ति वाला होता है। यदि शुद्ध सच्चे मन से मात्र शिवलिंग पर जल चढ़ाने से ही भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों के दुख दूर कर देते हैं, भक्त को शिव लोक में स्थान प्राप्त होता है। शिवरात्रि का दिन भगवान आदिदेव शिव को प्रसन्न करने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है। श्रावण शिवरात्रि के दिन शिव चालीसा का पाठ करने से नौकरी व्यापार की समस्या खत्म होती है। शिव पुराण के मुताबिक, शिवपुराण पाठ को पढ़ने से रोग और दोषों का नाश होता है।


कैसे करे पूजा अर्चना
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहने, अपना मुंह पूर्व दिशा में रखें और साफ आसन पर बैठे। शिव पूजा में धूप दीप सफेद चंदन माला और सफेद आंखें के पांच फूल अर्पित करें। मान्यता है की सावन शिवरात्रि का व्रत करने से शांति, सुरक्षा, सौभाग्य की प्राप्ति होती है, रोग दूर होते हैं, आरोग्य की प्राप्ति होती है।



शिवरात्रि का चार पहर का पूजन मुर्हूत
प्रात: 05:40 से 08:25 तक
शाम 19:28 से 21:30 तक

शाम 21:30 से 23:33 तक (निशीथकाल समय)

रात्रि 23:33 से 24:10 तक (महानिशिथकाल समय)
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