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साप्ताहिक बंदी को लेकर व्यापारी नेताओं में रार

Thu, 07 Apr 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 12:36 AM IST
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There is a ruckus among the business leaders regarding the weekly closure
साप्ताहिक बंदी को लेकर व्यापारी नेताओं में रार
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शमली, झिंझाना। साप्ताहिक बाजार बंदी को लेकर व्यापारी नेताओं में रार बढ़ गई है। एक गुट सोमवार को तो दूसरा बुधवार को बाजार बंद रखने पर अड़े हैं। जिसके चलते किसी भी दिन साप्ताहिक बंदी लागू नहीं हो पा रही है।
कोरोना काल से पहले झिंझाना में कई वर्षों तक सोमवार को बाजार बंद होता था। कोरोना काल में प्रशासन ने सोमवार के स्थान पर बुधवार का दिन तय कर दिया था। व्यापारियों के एक गुट के नगर अध्यक्ष आशीष मित्तल है तो दूसरे गुट के विनोद सिंघल हैं। विनोद सिंघल और उनके समर्थक सोमवार को ही साप्ताहिक अवकाश मानते हैं। सोमवार में ही बाजार बंद रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि सोमवार को बाजार बंदी होती आई है। इस दिन कोई देहात का व्यक्ति बाजार नहीं आता। इसलिए सोमवार को ही बाजार बंदी उचित है।
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दूसरे गुट के आशीष मित्तल का कहना है कि बुधवार प्रशासन ने तय किया हुआ है। उन्होंने भी मोबाइल पर कई बार मेसेज करके बुधवार को बंद रखने का आदेश अपने साथियों को दिया, मगर बुधवार को किसी ने दुकान बंद नहीं है। बाजार के दुकानदार एक दूसरे को देख कर अपनी दुकान खोलते हैं। इस तरह झिंझाना में बाजार बंदी एक मजाक बनकर रह गया है।
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श्रम विभाग के लेबर असिस्टेंट कमिश्नर संतोष कुमार अग्रहरि का कहना है कि वैसे तो बुधवार का दिन निश्चित है। मगर व्यस्तता के चलते वह कस्बे में नहीं जा पा रहे हैं।
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