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आग बुझाने के नहीं हैं इंतजाम, कबाड़ में पड़े अग्निशमन यंत्र
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शामली। गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में जिले में आग लगने की घटना होती है तो हालात काफी भयावह हो सकते हैं। शुक्रवार को शहर में सरकारी और निजी भवनों में आग से बचाव के उपकरणों की स्थिति देखी तो हालात बदतर मिले । कहीं पर उपकरण ही नहीं लगे मिले तो कहीं पर कबाड़ में पड़े थे। ऐसे में इन स्थानों पर आग धधक जाए तो जान माल बचाना ही मुश्किल होगा। सरकारी भवनों का ज्यादा बुरा हाल है। तंग बाजारों में तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच पाएगी।
सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं पूरे इंतजाम
कलक्ट्रेट परिसर के कार्यालयों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। जबकि यहां पर कार्य दिवसों में लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में अग्निकांड हो जाए तो तुरंत आग पर काबू पाना मुश्किल होगा। रजिस्ट्री कार्यालय में अग्निशमन यंत्र कबाड़ में पड़े मिले। जिन पर काफी धूल जमी थी। इसके अलावा जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में भी अग्निशमन यंत्र दिखाई नहीं दिए।
कहीं फांक रहे धूल तो कहीं हो चुके एक्सपायर
दिल्ली अड्डे पर स्थित पेट्रोल पंप पर ही आग बुझाने के इंतजाम खस्ताहाल में थे। अधिकांश धूल फांक रहे थे और कुछ की प्रयोग की तिथि भी खत्म हो चुकी है। इस बाबत कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि नियमित चेकिंग होती है, लेकिन फिर भी एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं बदले गए, इस चुप्पी साध गए। टायर मार्केट में एक दुकान पर भी अग्निशमन यंत्र की प्रयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी।
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तंग बाजारों में ज्यादा है लापरवाही
जिले के कई बाजार काफी तंग गलियों में हैं। शहर के कबाड़ी बाजार, अंसारी बाजार, हलवाई हट्टा, ठाकुरद्वारा में रास्ते काफी तंग हैं। यदि यहां आग लगने की घटना होती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर तक नहीं पहुंच पाएगी। यहां भी लगभग सभी दुकानों पर अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
अग्निशमन यंत्रों की नियमित चेकिंग की जाती है, जिन जगहों पर लापरवाही मिलती है, उनके भवन स्वामियों को नोटिस भी भेजे जाते हैं। इसमें किसी तरह कोताही बर्दाश्त नहीं की जाती।- सीएफओ, दीपक शर्मा।
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सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं पूरे इंतजाम
कलक्ट्रेट परिसर के कार्यालयों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। जबकि यहां पर कार्य दिवसों में लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में अग्निकांड हो जाए तो तुरंत आग पर काबू पाना मुश्किल होगा। रजिस्ट्री कार्यालय में अग्निशमन यंत्र कबाड़ में पड़े मिले। जिन पर काफी धूल जमी थी। इसके अलावा जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में भी अग्निशमन यंत्र दिखाई नहीं दिए।
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कहीं फांक रहे धूल तो कहीं हो चुके एक्सपायर
दिल्ली अड्डे पर स्थित पेट्रोल पंप पर ही आग बुझाने के इंतजाम खस्ताहाल में थे। अधिकांश धूल फांक रहे थे और कुछ की प्रयोग की तिथि भी खत्म हो चुकी है। इस बाबत कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि नियमित चेकिंग होती है, लेकिन फिर भी एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं बदले गए, इस चुप्पी साध गए। टायर मार्केट में एक दुकान पर भी अग्निशमन यंत्र की प्रयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी।
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तंग बाजारों में ज्यादा है लापरवाही
जिले के कई बाजार काफी तंग गलियों में हैं। शहर के कबाड़ी बाजार, अंसारी बाजार, हलवाई हट्टा, ठाकुरद्वारा में रास्ते काफी तंग हैं। यदि यहां आग लगने की घटना होती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर तक नहीं पहुंच पाएगी। यहां भी लगभग सभी दुकानों पर अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
अग्निशमन यंत्रों की नियमित चेकिंग की जाती है, जिन जगहों पर लापरवाही मिलती है, उनके भवन स्वामियों को नोटिस भी भेजे जाते हैं। इसमें किसी तरह कोताही बर्दाश्त नहीं की जाती।- सीएफओ, दीपक शर्मा।