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समूह की महिलाएं बना रहीं स्वदेशी राखियां

Thu, 30 Jul 2020 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:45 PM IST
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The women of the group are making indigenous ash
शामली के उंचा गांव में राखी बनाती महिला साहयता समहू की महिलाएं - फोटो : SHAMLI
समूह की महिलाएं बना रहीं स्वदेशी राखियां
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शामली। रक्षाबंधन के त्योहार पर कोरोना और चीन से निपटने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित ऊंचागांव में कान्हा- नवज्योति स्वयं सहायता समूह की 15 महिलाओं के द्वारा प्रतिदिन 250 से 300 स्वदेशी राखी तैयार की जा रही है। समूह की महिलाएं कच्चे माल को पानीपत शामली से खरीद कर तैयार कर रही हैं। समूह की दीदियों द्वारा तैयार की जा रही स्वदेशी राखियों में रेशम का धागा, रंग बिरंगी मोतियां राखी, कलावा चमकीली पन्नी आदि का प्रयोग किया जा रहा है। समूह की महिलाएं तैयार राखियों को गांव में स्टॉल लगाकर विक्रय कर रही हैं। प्रति राखी पर 8 से 10 रुपये की बचत समूह की महिलाओं को हो जा रही है, जिससे समूह की महिलाएं अपनी आजीविका चला रही हैं। राखी निर्माण में कविता, पूजा, लक्ष्मी, गुड्डी, मुनेश, पिंकी, बबीता, ज्योति आदि महिलाएं कार्य कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेंद्र कुमार व्यास ने बताया कि समूह से जुड़ी महिलाएं गांव में स्टाल लगाकर राखियों की बिक्री कर रही हैं। कान्हा नवज्योति समूह से जुड़ी कविता ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन में गांव में फेेरीवालों पर प्रतिबंध लगा होने से सहायता समूह की महिलाएं घरों में राखियां बेच रही हैं।

शामली के  उंचा गांव में राखी बनाती महिला साहयता समहू की महिलाएं

शामली के उंचा गांव में राखी बनाती महिला साहयता समहू की महिलाएं- फोटो : SHAMLI

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