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Shamli News: टैरिफ की चोट से टूटी कमर, थम गया कारोबार का सफर

Fri, 08 Aug 2025 12:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 12:26 AM IST
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The tariff hit a roadblock and the business journey came to a halt
शामली की रिम फैक्ट्री में काम करते कर्मचारी। उद्यमी - फोटो : शहर के अमनशहीद चौराहा के पास भारी भरकम गड्ढे से बचकर निकलते वाहन सवार। संवाद
- टैरिफ की चोट से हिल गया कारोबार, उद्यमियों की टूटी उम्मीदें
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– अमेरिका ने लगाया 50 फीसदी शुल्क, करोड़ों के ऑर्डर अटक गए, जिले के उद्यमी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया है। इसका सीधा असर यहां से अमेरिका को होने वाले रिम निर्यात पर पड़ा है। पहले करोड़ों रुपये के ऑर्डर होल्ड पर थे, अब बाकी कंपनियों ने भी माल लेने से इनकार कर दिया है। टैरिफ की चोट से उद्यमियों की कमर टूट गई है।
30 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 7 अगस्त से लागू हुआ। अब ट्रंप सरकार ने और 25 प्रतिशत बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ कर दिया है। यानी अब भारत से सामान मंगाने पर अमेरिकी कंपनियों को दोगुना टैक्स देना होगा। इस फैसले ने शामली के उद्यमियों की नींद उड़ा दी है।
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आईआईए के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष जैन ने बताया कि वे हर साल अमेरिका को करीब 8-9 करोड़ रुपये का रिम भेजते थे। अब टैरिफ के कारण कंपनियों ने माल लेने से हाथ खींच लिया है। पहले से ही करीब दो करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड पर हैं।
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उद्यमी अपूर्व जैन ने बताया कि अब अमेरिका को भेजना घाटे का सौदा हो गया है। इसलिए अब वे यूरोप, इंग्लैंड जैसे देशों में माल भेजने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस टैरिफ संकट का कोई समाधान निकाला जाए।
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने कहा कि अमेरिका ने भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से टैरिफ बढ़ाया है, जिसका असर केवल शामली नहीं, बल्कि पूरे देश के छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ेगा।

उद्यमी आशीष अग्रवाल ने कहा कि वे भी अमेरिका में रिम भेजने की तैयारी में थे, लेकिन अब योजना टालनी पड़ी है। सरकार से उम्मीद है कि वह अमेरिका से बात कर इसका हल निकालें, ताकि छोटे-छोटे निर्यातकों की कमर न टूटे।
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