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Shamli News: दुकानदार है अनजान, उनके नाम से बना दिए बिल
Wed, 14 Oct 2026 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:25 AM IST
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शामली। केंद्रीय भंडार गृह शामली की मोहर का इस्तेमाल कर मेडिकल स्टोर और स्टेशनरी की दुकानों के फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए। शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने 50 से अधिक बिल फर्जी मिलने पर डीएम से शिकायत की है। डीएम आलोक यादव ने जांच एसडीएम शामली सचिन कुमार को सौंपी है। केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के अनुसार फर्जी बिलों में 50 से अधिक दुकानों के नाम सामने आए हैं। बुधवार को इस मामले में वह शामली कोतवाली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। संवाद
भारत मेडिकल स्टोर के नाम पर 1080 रुपये का बिल
भारत मेडिकल स्टोर के नाम से 1080 रुपये का बिल तैयार किया गया। स्टोर संचालक देवराज मलिक ने बताया कि उन्होंने यह बिल जारी नहीं किया। उनके अनुसार बिल पर जीएसटी नंबर गलत है, जबकि मोबाइल नंबर उनका दर्ज है। हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। आशंका है कि उनके नाम के अन्य बिल बनाकर लाखों रुपये का भुगतान कराया गया। 27 जुलाई को उस्मान मेडिकल स्टोर के नाम से 1565 रुपये का बिल बनाया गया। इसमें बुखार और अन्य दवाइयों का विवरण दर्ज था। स्टोर संचालक ने बिल को फर्जी बताते हुए कहा कि उन्होंने इसे जारी नहीं किया।
डॉक्टर बोले, मेरे नाम से किसने बनाया पर्चा?
डॉ. अकबर खान के नाम से भुवयांश यादव का 14 अगस्त का पर्चा बनाया गया। डॉ. खान ने इस तरह का कोई पर्चा जारी करने से इन्कार किया है। उन्होंने मामले की शिकायत डीएम से करने की बात कही है। वर्मा डेंटल क्लीनिक के नाम से 29 जुलाई का पर्चा तैयार किया गया। डॉ. अजय ने इसे अपना पर्चा मानने से इन्कार करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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स्टेशनरी के नाम पर 1330, इलेक्ट्रिकल सामान का 650 रुपये का बिल
शहर के सिटी मैगजीन स्टेशनरी दुकान के नाम से 1330 रुपये का बिल तैयार किया गया। इसमें कागज, टेप, पैड और रजिस्टर का विवरण दर्ज था। दुकान मालिक रजत ने बिल जारी करने से इन्कार किया। वहीं, श्रीराम इलेक्ट्रिक के नाम से 27 अगस्त को मोटर पंप और अन्य सामान का 650 रुपये का बिल दर्शाया गया। दुकान संचालक ने बिल पर दर्ज हस्ताक्षरों को अपना नहीं बताया।
बोले अधिकारी
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि मामले का पता लगा है। जांच कमेटी गठित कर दी है। जांच में जो भी दोषी मिलता है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केंद्रीय भंडार गृह के प्रबंधक संदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी कि संस्था के नाम से फर्जी बिल किसने बनाए और कहां तैयार किए गए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भारत मेडिकल स्टोर के नाम पर 1080 रुपये का बिल
भारत मेडिकल स्टोर के नाम से 1080 रुपये का बिल तैयार किया गया। स्टोर संचालक देवराज मलिक ने बताया कि उन्होंने यह बिल जारी नहीं किया। उनके अनुसार बिल पर जीएसटी नंबर गलत है, जबकि मोबाइल नंबर उनका दर्ज है। हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। आशंका है कि उनके नाम के अन्य बिल बनाकर लाखों रुपये का भुगतान कराया गया। 27 जुलाई को उस्मान मेडिकल स्टोर के नाम से 1565 रुपये का बिल बनाया गया। इसमें बुखार और अन्य दवाइयों का विवरण दर्ज था। स्टोर संचालक ने बिल को फर्जी बताते हुए कहा कि उन्होंने इसे जारी नहीं किया।
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डॉक्टर बोले, मेरे नाम से किसने बनाया पर्चा?
डॉ. अकबर खान के नाम से भुवयांश यादव का 14 अगस्त का पर्चा बनाया गया। डॉ. खान ने इस तरह का कोई पर्चा जारी करने से इन्कार किया है। उन्होंने मामले की शिकायत डीएम से करने की बात कही है। वर्मा डेंटल क्लीनिक के नाम से 29 जुलाई का पर्चा तैयार किया गया। डॉ. अजय ने इसे अपना पर्चा मानने से इन्कार करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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स्टेशनरी के नाम पर 1330, इलेक्ट्रिकल सामान का 650 रुपये का बिल
शहर के सिटी मैगजीन स्टेशनरी दुकान के नाम से 1330 रुपये का बिल तैयार किया गया। इसमें कागज, टेप, पैड और रजिस्टर का विवरण दर्ज था। दुकान मालिक रजत ने बिल जारी करने से इन्कार किया। वहीं, श्रीराम इलेक्ट्रिक के नाम से 27 अगस्त को मोटर पंप और अन्य सामान का 650 रुपये का बिल दर्शाया गया। दुकान संचालक ने बिल पर दर्ज हस्ताक्षरों को अपना नहीं बताया।
बोले अधिकारी
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि मामले का पता लगा है। जांच कमेटी गठित कर दी है। जांच में जो भी दोषी मिलता है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केंद्रीय भंडार गृह के प्रबंधक संदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी कि संस्था के नाम से फर्जी बिल किसने बनाए और कहां तैयार किए गए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।