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दुश्वार हुई विजय चौक से सिंभालका बाईपास की डगर
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शामली मेरठ मार्ग पर गांव सिम्भालके के पास टूटी सडक पर भरा पानी
- फोटो : SHAMLI
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शामली। बारिश ने जिले की प्रमुख सड़कों का हाल खराब कर दिया है। जिससे वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई सड़कों पर तो जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। मेरठ-करनाल हाईवे पर शहर के विजय चौक से लेकर शामली बाई पास तक ढाई किमी की दूरी में 40 से ज्यादा गड्ढे हैं। निर्माण एजेंसी गड्ढे भरवाती हैं, लेकिन बारिश में रोड़ी-तारकॉल उखड़ जाता है। सड़कों में फिर से गहरे गड्ढे बन जाते हैं। मेरठ-करनाल हाईवे, दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे व पानीपत-खटीमा हाईवे का निर्माण एनएचएआई की ओर से नामित एजेंसी कर रही हैं।
मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण राजस्थान की दिनेश चंद्र अग्रवाल एंड कंपनी निर्माण करा रही है। हरियाणा के करनाल बाईपास से लेकर मेरठ बाईपास तक हाईवे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। फिलहाल शामली जिले में बिड़ौली से लेकर टपराना बाईपास तक सिंभालका गांव में बाईपास से लेकर मुजफ्फरनगर, मेरठ जिले में निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण एजेंसी ने बाईपास की जद में गड्ढे भरने का कार्य किया है। पूरे सितंबर माह में रुक रुककर बारिश होती रही। जिससे सड़कें कई जगह गड्ढों में तब्दील हो गई।
शहर के विजय चौक से लेकर सिभांलका गांव के फ्लाईओवर तक ढाई किमी में 40 से ज्यादा गड्ढे हैं। सर्वेक्षण टीम के मुताबिक शहर के विजय चौक से अजंता चौक तक छह गड्ढे, अजंता चौक से लेकर बुढ़ाना फाटक तक 18 गड्ढे, सिभांलका गांव में शिव मंदिर से लेकर बाईपास तक तीन चार जानलेवा गड्ढे हैं। सिभांलका गांव के नागरिकों ने बताया कि निर्माण एजेंसी गड्ढे भरवाती है। बारिश होने के बाद सड़कों की रोड़ी-बजरी, तारकॉल उखड़ जाता है। सड़कों में गड्ढे बन जाते है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ललित अग्रवाल ने बताया कि बरसात खत्म होने के बाद सड़कों में गड्ढे भरवाने शुरू किए जाएंगे।
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पीडब्ल्यूडी को मांग का आधा ही मिला बजट
मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 2.40 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। वहां से 1.21 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए। इतनी ही धनराशि में सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा। जाहिर है कि कई सड़कें गड्ढामुक्त होने से रह जाएंगी। बारिश की वजह से अभी सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू नहीं हो पाया है।
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मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण राजस्थान की दिनेश चंद्र अग्रवाल एंड कंपनी निर्माण करा रही है। हरियाणा के करनाल बाईपास से लेकर मेरठ बाईपास तक हाईवे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। फिलहाल शामली जिले में बिड़ौली से लेकर टपराना बाईपास तक सिंभालका गांव में बाईपास से लेकर मुजफ्फरनगर, मेरठ जिले में निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण एजेंसी ने बाईपास की जद में गड्ढे भरने का कार्य किया है। पूरे सितंबर माह में रुक रुककर बारिश होती रही। जिससे सड़कें कई जगह गड्ढों में तब्दील हो गई।
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शहर के विजय चौक से लेकर सिभांलका गांव के फ्लाईओवर तक ढाई किमी में 40 से ज्यादा गड्ढे हैं। सर्वेक्षण टीम के मुताबिक शहर के विजय चौक से अजंता चौक तक छह गड्ढे, अजंता चौक से लेकर बुढ़ाना फाटक तक 18 गड्ढे, सिभांलका गांव में शिव मंदिर से लेकर बाईपास तक तीन चार जानलेवा गड्ढे हैं। सिभांलका गांव के नागरिकों ने बताया कि निर्माण एजेंसी गड्ढे भरवाती है। बारिश होने के बाद सड़कों की रोड़ी-बजरी, तारकॉल उखड़ जाता है। सड़कों में गड्ढे बन जाते है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ललित अग्रवाल ने बताया कि बरसात खत्म होने के बाद सड़कों में गड्ढे भरवाने शुरू किए जाएंगे।
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पीडब्ल्यूडी को मांग का आधा ही मिला बजट
मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 2.40 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। वहां से 1.21 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए। इतनी ही धनराशि में सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा। जाहिर है कि कई सड़कें गड्ढामुक्त होने से रह जाएंगी। बारिश की वजह से अभी सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू नहीं हो पाया है।

शामली बुढाना फाटक पर टूटी सडक- फोटो : SHAMLI