नदी को दूषित कर रहीं फैक्ट्रियां
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सोमवार को कैराना रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पर पत्रकारों से बातचीत में सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि जिले में प्रदूषित पानी को लेकर वह शीघ्र ही कार्ययोजना बना रहे हैं।
इसी लिहाज से दिल्ली की संस्था स्वनीति से जुड़े अभीक बंसल, आरग्यम फाउंडेशन बंगलूरु के डाक्टर अनिल गौतम तथा लोक विज्ञान संस्था देहरादून के देवांश शर्मा को साथ लेकर जिले में विभिन्न स्थानों पर पानी की जांच कराई। गांव बुच्चा खेडी, सहपत, मवी, कुतुबगढ़, मुल्लापुर, कृष्णा नदी किनारे बसे काबड़ौत और बनत में पानी का सैंपल लिया।
उन्होंने बताया कि उक्त सभी स्थानों पर हरा और पीले रंग का पानी आ रहा है, जिसमें खतरनाक रसायन मिले होने की आशंका है। पानी के सैंपल की जांच आने पर इसका पता चलेगा कौन कौन से रसायन हैं। वहीं, कैराना में मीट फैक्ट्री के आसपास हैंडपंपों से लाल रंग का पानी निकल रहा है।
अभीक बंसल ने बताया कि कृष्णा नदी के किनारे गांवों में पानी में टीडीएस की मात्रा 1000 से ऊपर पहुंच रही है, जबकि वह अधिकतम 500 होनी चाहिए। सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि प्रदूषित और केमिकलयुक्त पानी का प्रवाह नदियों में करने वाले फैक्ट्री संचालकों से जल्द ही बात की जाएगी। यदि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के तहत फैक्ट्रियों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए गए, तो फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान डाक्टर मनोज शर्मा, पुनीत द्विवेदी और राजन बत्रा भी मौजूद रहे।