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बारिश, ओलावृष्टि से हाल बेहाल, किसान परेशान
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कैराना गांव पंजीठ में बारिश व ओलो के कारण गिरी फसल व भरा पानी
- फोटो : SHAMLI
शामली। लगातार तीसरे दिन बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उधर बारिश के चलते यमुना का भी जलस्तर बढ़ गया है। बीमित किसानों से भी नुकसान की शिकायत टोल फ्री नंबर पर करने को कहा है। प्रभारी मंत्री अजित पाल सिंह ने शामली विधायक और एसडीएम को साथ लेकर करनाल हाईवे पर खेतों में जाकर खेतों में हुए नुकसान का जायजा लिया।
शनिवार सुबह गढ़ीपुख्ता और कैराना क्षेत्र में बारिश के साथ जबर्दस्त ओले पड़े। ओलावृष्टि से खेतों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल गिर गई और सरसों के पत्ते टूट गए। बारिश की वजह से शहर के अलावा कस्बों में भी कई जगह जलभराव के हालात बने हैं। जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर चौधरी ने बताया कि 11 मार्च तक जिले में कहीं से भी फसल नुकसान की सूचना नहीं थी, लेकिन उसके बाद से ऊन ब्लॉक क्षेत्र में गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने भी दो दिन में बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान की संभावना जताई है और मौसम खुलने के बाद सर्वे की बात कही है।
प्रभारी मंत्री ने देखा फसलों का हाल
शामली। जिले के प्रभारी मंत्री अजित पाल सिंह भी जिले में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम शामली के अलावा शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा नेता अजय संगल आदि के साथ मेरठ-करनाल हाईवे पर टिटौली से हरियाणा बॉर्डर के बिड़ौली तक दौरा कर बारिश और ओलावृष्टि से हुई नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में जाकर भी जांच की। उन्हें जहां भी खेतों में फसल गिरी नजर आई, वहीं पर गाड़ी रुकवाकर खेत में जाकर फसलों को देखा। उन्होंने आसपास मिले किसानों से भी बात की। प्रभारी मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि केवल विभागीय रिपोर्ट पर ही निर्भर ना रहे। सरकारी जनप्रतिनिधि भी खेतों पर जाकर जांच करें। इसलिए ही वे यहां आए हैं। वो यहां की स्थिति की रिपोर्ट सरकार को देंगे।
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बारिश से यमुना का जलस्तर एक मीटर बढ़ा
कैराना। क्षेत्र में हो रही रुक रुककर बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पहले यमुना 228 मीटर पर बह रही थी, लेकिन बरसात के चलते शनिवार को जलस्तर 229 मीटर पर बह रहा था, खतरे का निशान 231 मीटर है। यमुना में बढ़ा हुआ जलस्तर केवल मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बताया जा रहा है, जबकि हथिनीकुंड बैराज पर भी पानी का कोई दबाव नहीं है। हथिनीकुंड बैराज के कंट्रोल रूम आपरेटर ने बताया कि सामान्य दिनों में हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 352 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जाता था, लेकिन बारिश के कारण पानी में थोड़ी सी बढ़त के चलते शनिवार सुबह 9 बजे और 10 बजे पानी छोड़ने की मात्रा 3708 क्यूसेक प्रति सेकेंड रही है जो बाद में और कम हो गई।
कोट
ऊन क्षेत्र में गेहूं की अगेती फसल खेतों में नमी की वजह से झुक गई है। ओलावृष्टि की वजह से भी कुछ नुकसान की बात कही जा रही है। करीब 10 प्रतिशत नुकसान की बात कही जा रही है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया हुआ है वह अपने नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दें ताकि कृषि विभाग, बीमा कंपनी और राजस्व विभाग मिलकर नुकसान का आंकलन कर सकें। सरकारी स्तर पर नुकसान का मुआवजा 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर मिलता है। उसके लिए बारिश के बाद अधिकारियों के निर्देशानुसार सर्वे संभव है। - हरिशंकर चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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शनिवार सुबह गढ़ीपुख्ता और कैराना क्षेत्र में बारिश के साथ जबर्दस्त ओले पड़े। ओलावृष्टि से खेतों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल गिर गई और सरसों के पत्ते टूट गए। बारिश की वजह से शहर के अलावा कस्बों में भी कई जगह जलभराव के हालात बने हैं। जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर चौधरी ने बताया कि 11 मार्च तक जिले में कहीं से भी फसल नुकसान की सूचना नहीं थी, लेकिन उसके बाद से ऊन ब्लॉक क्षेत्र में गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने भी दो दिन में बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान की संभावना जताई है और मौसम खुलने के बाद सर्वे की बात कही है।
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प्रभारी मंत्री ने देखा फसलों का हाल
शामली। जिले के प्रभारी मंत्री अजित पाल सिंह भी जिले में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम शामली के अलावा शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा नेता अजय संगल आदि के साथ मेरठ-करनाल हाईवे पर टिटौली से हरियाणा बॉर्डर के बिड़ौली तक दौरा कर बारिश और ओलावृष्टि से हुई नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में जाकर भी जांच की। उन्हें जहां भी खेतों में फसल गिरी नजर आई, वहीं पर गाड़ी रुकवाकर खेत में जाकर फसलों को देखा। उन्होंने आसपास मिले किसानों से भी बात की। प्रभारी मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि केवल विभागीय रिपोर्ट पर ही निर्भर ना रहे। सरकारी जनप्रतिनिधि भी खेतों पर जाकर जांच करें। इसलिए ही वे यहां आए हैं। वो यहां की स्थिति की रिपोर्ट सरकार को देंगे।
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बारिश से यमुना का जलस्तर एक मीटर बढ़ा
कैराना। क्षेत्र में हो रही रुक रुककर बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पहले यमुना 228 मीटर पर बह रही थी, लेकिन बरसात के चलते शनिवार को जलस्तर 229 मीटर पर बह रहा था, खतरे का निशान 231 मीटर है। यमुना में बढ़ा हुआ जलस्तर केवल मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बताया जा रहा है, जबकि हथिनीकुंड बैराज पर भी पानी का कोई दबाव नहीं है। हथिनीकुंड बैराज के कंट्रोल रूम आपरेटर ने बताया कि सामान्य दिनों में हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 352 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जाता था, लेकिन बारिश के कारण पानी में थोड़ी सी बढ़त के चलते शनिवार सुबह 9 बजे और 10 बजे पानी छोड़ने की मात्रा 3708 क्यूसेक प्रति सेकेंड रही है जो बाद में और कम हो गई।
कोट
ऊन क्षेत्र में गेहूं की अगेती फसल खेतों में नमी की वजह से झुक गई है। ओलावृष्टि की वजह से भी कुछ नुकसान की बात कही जा रही है। करीब 10 प्रतिशत नुकसान की बात कही जा रही है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया हुआ है वह अपने नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दें ताकि कृषि विभाग, बीमा कंपनी और राजस्व विभाग मिलकर नुकसान का आंकलन कर सकें। सरकारी स्तर पर नुकसान का मुआवजा 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर मिलता है। उसके लिए बारिश के बाद अधिकारियों के निर्देशानुसार सर्वे संभव है। - हरिशंकर चौधरी, जिला कृषि अधिकारी

कैराना गांव पंजीठ में बारिश व ओलो के कारण गिरी फसल- फोटो : SHAMLI

कांधला में गेंहू की फसल को देखक कर उदास बैठा किसान- फोटो : SHAMLI

ऊन बरसात में छाता लगा कर जाते स्कूली बच्चे- फोटो : SHAMLI

ऊन बरसात में पन्नी ओंढ कर जाता बाइक सवार- फोटो : SHAMLI

ऊन बरसात में छाता लगा कर जाते स्कूली बच्चे- फोटो : SHAMLI

कैराना में बढता युमना नदी का जल स्तर- फोटो : SHAMLI

शामली बरसात में गुजरते वाहन- फोटो : SHAMLI