फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The potholes are built, who will make the toilets

गड्ढे तो खुदवा दिए, शौचालय कौन बनवाएगा

Sun, 28 May 2017 12:37 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 28 May 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
The potholes are built, who will make the toilets
Cleanliness drive - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
चौसाना। ग्राम पंचायत पांथुपुरा का मजरा है ताहरपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों से गड्ढे तो खुदवा दिए, लेकिन निर्माण नहीं हुआ।
विज्ञापन


प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार ग्रामीणों में अधिकारियों के साथ ही राजनीतिक लोगों के प्रति रोष बना हुआ है। हालात ऐसे है कि  800 की आबादी वाले इस गांव में हैंडपंप खराब हैं, तो गलियों में नालियों का गंदा पानी भरा रहता है।      
विज्ञापन


ताहरपुर गांव के लोगों ने विधानसभा चुनाव के दौरान भी विकास में पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था और मतदान का बहिष्कार कर दिया था। तब अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को भरोसा जताया था कि समस्याओं का समाधान कराया जाए तथा विकास भी होगा। ताज्जुब है कि चुनाव संपन्न हुए कई महीने बीत गए, लेकिन ताहरपुर गांव की समस्याएं अधिकारियों और नेताओं के याद नहीं रहीं। इस वजह से ग्रामीणों को परेशानियों में जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम यह है कि गांव में पक्की नालियां नहीं है, तो नालियों का गंदा पानी गलियों में भरा रहता है। ग्रामीणों को गंदे पानी से ही गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।

इसके अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए गांव में लगाए गए हैंडपंप खराब हैं। खराब हैंडपंप ठीक कराने के लिए ग्रामीणों ने ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ ही जल निगम से भी शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों को शौचालय निर्माण का सपना दिखाया गया, लेकिन फरवरी माह में गड्ढे खुदवाने के बाद अधिकारियों ने इस तरफ मुड़कर नहीं देखा। एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मकानों में शौचालय के गड्ढे खोदे गए, लेकिन शौचालय नहीं बन सके।  

चुनाव के समय ही आते हैं नेता
ग्रामीण रविता, जोगेंद्र,  सोमती, मोहन, जग्गा, प्रदीप, प्रवीण, मिंटू, सतीश और कृपाल आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान नेता उनके गांव में आकर वोट मांगते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को दूर करने में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान पांथुपुरा के रहने वाले हैं, जिस कारण ताहरपुर में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।       


शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों ने किसी को सूचना दिए बगैर खुद ही गड्ढे खुदवा लिए। जितनी धनराशि आई थी, उसके हिसाब से 50 शौचालय का निर्माण करा दिया गया। उनका कहना है कि विकास कराने में किसी तरह का पक्षपात नहीं किया जा रहा है। पांथुपुरा और ताहरपुर को बराबर मानते हुए कार्य कराए हैं।
- विनोद कुमार, ग्राम प्रधान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed