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Shamli News: हर दिन दांव पर नौनिहालों की जिंदगी
Thu, 30 Jul 2026 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:00 AM IST
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कैराना में जान जोखिम में डालकर नेशनल हाईवे पार करते पंजीठ जूनियर हाई स्कूल के मासूम छात्र-संवाद
कैराना। पंजीठ गांव के जूनियर हाईस्कूल के 148 नौनिहाल रोजाना नेशल हाईवे-709 डी को पार करते हुए स्कूल पहुंचते हैं। फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज या सुरक्षित क्रॉसिंग नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पानीपत के सिवाह से कोटद्वार तक बने नेशनल हाईवे-709 एडी का निर्माण वर्ष 2022 में पूरा हुआ था। निर्माण के दौरान ही पंजीठ चौराहे पर फ्लाईओवर की मांग को लेकर कई दिनों तक ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चला। इस दौरान हाईवे निर्माण कार्य भी रोक दिया गया था।
उस समय एनएचएआई और प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया था। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी न फ्लाईओवर बना और न ही पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था हो सकी।
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हाईवे के दूसरी और स्कूल है। बस्ती क्षेत्र से छात्र-छात्राओं को रोजाना हाईवे पार करते हुए स्कूल में पहुंचना पड़ता है। हालांकि छुट्टी के समय विद्यालय के शिक्षक हाईवे पर वाहनों को रोककर बच्चों को हाईवे पार कराते हैं। लोगों को भी वाहनों की रफ्तार के बीच से ही हाईवे क्रॉस करना पड़ रहा है।
ग्रामीण पुष्कर सैनी, अनिल और अन्य लोगों का कहना है कि यदि किसी दिन जरा-सी भी चूक हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि प्रशासन किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले ही बच्चों की सुरक्षा के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास तथा सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग की व्यवस्था कराए।
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पानीपत के सिवाह से कोटद्वार तक बने नेशनल हाईवे-709 एडी का निर्माण वर्ष 2022 में पूरा हुआ था। निर्माण के दौरान ही पंजीठ चौराहे पर फ्लाईओवर की मांग को लेकर कई दिनों तक ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चला। इस दौरान हाईवे निर्माण कार्य भी रोक दिया गया था।
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उस समय एनएचएआई और प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया था। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी न फ्लाईओवर बना और न ही पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था हो सकी।
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हाईवे के दूसरी और स्कूल है। बस्ती क्षेत्र से छात्र-छात्राओं को रोजाना हाईवे पार करते हुए स्कूल में पहुंचना पड़ता है। हालांकि छुट्टी के समय विद्यालय के शिक्षक हाईवे पर वाहनों को रोककर बच्चों को हाईवे पार कराते हैं। लोगों को भी वाहनों की रफ्तार के बीच से ही हाईवे क्रॉस करना पड़ रहा है।
ग्रामीण पुष्कर सैनी, अनिल और अन्य लोगों का कहना है कि यदि किसी दिन जरा-सी भी चूक हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि प्रशासन किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले ही बच्चों की सुरक्षा के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास तथा सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग की व्यवस्था कराए।

कैराना में जान जोखिम में डालकर नेशनल हाईवे पार करते पंजीठ जूनियर हाई स्कूल के मासूम छात्र-संवाद