{"_id":"586a9f064f1c1b1c7e1587eb","slug":"the-issue-will-notbandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी को बनाएंगे मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी को बनाएंगे मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
meeting
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। नोटबंदी के फैसले के 50 दिन पूरे होने पर अब कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए माहौल बनाने की रणनीति शुरू कर दी है। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर नोटबंदी के कारण आमजन को हुई परेशानी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए आरोपों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसी के चलते जिला और ब्लाक स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों को मीटिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्र यादव शामली में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के कैंप कार्यालय पर पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने छह पेज का प्रेस नोट जारी किया, जिसमें नोटबंदी को गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग तथा छोटे कारोबारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कहा गया। साथ ही कहा कि इस कारण तरक्की का पहिया जाम हो गया और देश में आर्थिक अराजकता छा गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्र यादव ने कहा कि नोटबंदी के दिन कोलकाता के बैंक में भाजपा के खाते में पांच सौ और एक हजार के नोटों में तीन करोड़ रुपये जमा
कराए गए, मगर भाजपा ने इसकी जांच नहीं कराई। नोटबंदी से ठीक पहले सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां देशभर में खरीदी गईं। एक सितंबर से 15 सितंबर के दौरान बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये फिक्सड डिपॉजिट किए गए, जो नोटबंदी के फैसले की जानकारी कुछ लोगों को पहले से होने का प्रमाण है।
विज्ञापन
गाजियाबाद में कार सवार सिद्धार्थ शुक्ला और अनूप अग्रवाल से तीन करोड़ रुपये जब्त किए गए, वह रकम भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से लखनऊ में भाजपा
के प्रदेश कार्यालय भेजी जा रही थी, भाजपा ने इसकी जांच क्यों नहीं कराई कि यह पैसा कहां से आया। इसके अलावा कहा कि नोटबंदी के बाद कमीशन पर कालेधन को सफेद बनाने तथा नए नोटों में बदलने वालों का रैकेट खड़ा हो गया, मगर उसकी जांच भी नहीं हुई।
वहीं, उन्होंने कहा कि कर्नाटक के भाजपा नेता जनार्दन रेड्डी के सहयोगी रमेश गौड़ा ने आत्महत्या कर सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें 100 करोड़ रुपये के कालाधन को बदलने का आरोप लगा, मगर उसकी जांच भी भाजपा ने नहीं कराई। इसके अलावा बिड़ला और सहारा ग्रुप से नरेंद्र मोदी के नाम पर जारी रकम के बारे में भी उन्होंने कहा। स्वतंत्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की आम जनता को संकट में डाल दिया। कांग्रेस की मांग है कि बैंक से पैसा निकालने की पाबंदी हटाई जाए।
भोजन के अधिकार के तहत राशन की कीमत को एक साल के लिए आधा किया जाए। बीपीएल परिवार की महिलाओं के खातों में 25-25 हजार रुपये जमा कराए जाएं। एक साल के लिए मनरेगा मजदूरों के काम के दिन और दिहाड़ी दोगुनी की जाए। नोटबंदी के बाद बेरोजगार हुए लोगों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। साथ ही छोटे दुकानदारों व उद्योगों को इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, हरीश चौधरी, प्रवीण पांचाल, बाबू खान, राजेश कश्यप, फरमान अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्र यादव शामली में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के कैंप कार्यालय पर पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने छह पेज का प्रेस नोट जारी किया, जिसमें नोटबंदी को गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग तथा छोटे कारोबारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कहा गया। साथ ही कहा कि इस कारण तरक्की का पहिया जाम हो गया और देश में आर्थिक अराजकता छा गई।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्र यादव ने कहा कि नोटबंदी के दिन कोलकाता के बैंक में भाजपा के खाते में पांच सौ और एक हजार के नोटों में तीन करोड़ रुपये जमा
कराए गए, मगर भाजपा ने इसकी जांच नहीं कराई। नोटबंदी से ठीक पहले सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां देशभर में खरीदी गईं। एक सितंबर से 15 सितंबर के दौरान बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये फिक्सड डिपॉजिट किए गए, जो नोटबंदी के फैसले की जानकारी कुछ लोगों को पहले से होने का प्रमाण है।
विज्ञापन
गाजियाबाद में कार सवार सिद्धार्थ शुक्ला और अनूप अग्रवाल से तीन करोड़ रुपये जब्त किए गए, वह रकम भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से लखनऊ में भाजपा
के प्रदेश कार्यालय भेजी जा रही थी, भाजपा ने इसकी जांच क्यों नहीं कराई कि यह पैसा कहां से आया। इसके अलावा कहा कि नोटबंदी के बाद कमीशन पर कालेधन को सफेद बनाने तथा नए नोटों में बदलने वालों का रैकेट खड़ा हो गया, मगर उसकी जांच भी नहीं हुई।
वहीं, उन्होंने कहा कि कर्नाटक के भाजपा नेता जनार्दन रेड्डी के सहयोगी रमेश गौड़ा ने आत्महत्या कर सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें 100 करोड़ रुपये के कालाधन को बदलने का आरोप लगा, मगर उसकी जांच भी भाजपा ने नहीं कराई। इसके अलावा बिड़ला और सहारा ग्रुप से नरेंद्र मोदी के नाम पर जारी रकम के बारे में भी उन्होंने कहा। स्वतंत्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की आम जनता को संकट में डाल दिया। कांग्रेस की मांग है कि बैंक से पैसा निकालने की पाबंदी हटाई जाए।
भोजन के अधिकार के तहत राशन की कीमत को एक साल के लिए आधा किया जाए। बीपीएल परिवार की महिलाओं के खातों में 25-25 हजार रुपये जमा कराए जाएं। एक साल के लिए मनरेगा मजदूरों के काम के दिन और दिहाड़ी दोगुनी की जाए। नोटबंदी के बाद बेरोजगार हुए लोगों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। साथ ही छोटे दुकानदारों व उद्योगों को इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, हरीश चौधरी, प्रवीण पांचाल, बाबू खान, राजेश कश्यप, फरमान अली आदि मौजूद रहे।