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घायल सैनिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:46 PM IST
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accident
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली/गढीपुख्ता। हिंड रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से घायल हुए फौजी ने मेरठ अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। फौजी गोकुल की नौ फरवरी को ही शादी होने वाली थी, जिसके लिए वह छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। गढ़ीपुख्ता थाना के क्षेत्र के गांव धनेना निवासी गोकुल कश्यप (23) तीन साल पूर्व ही आर्मी की एडी (एयर डिफेंस) रेजिमेंट में भर्ती हुआ था।
इन दिनों उसकी तैनाती मुंबई में चल रही थी। परिवार के लोगों ने गोकुल का रिश्ता बनत निवासी युवती से तय कर दिया था और नौ फरवरी को शादी होेने वाली थी। इसी के चलते छुट्टी लेकर गोकुल घर आया था। रविवार को गोकुल अपने रिश्तेदार को हिंड रेलवे स्टेशन पर छोड़ने गया था। इसी दौरान एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में गोकुल पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पहले तो उसको शामली के अस्पताल में उपचार दिलाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के चलते उसे मेरठ ले जाकर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान गोकुल ने दम तोड़ दिया।
सोमवार दोपहर बाद गोकुल का शव लेकर सैनिकों का दल गांव धनेना पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह और गोकुल के चाचा सूबेदार सलेकचंद ने बताया कि गोकुल ही इस परिवार का सहारा था। गोकुल की मौत से धनेना गांव के लोग गमजदा हैं।
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पिता दिव्यांग, मां का दस साल पूर्व हुआ निधन
गोकुल के पिता रामपाल सिंह दिव्यांग हैं, जबकि 10 वर्ष पूर्व उसकी मां का निधन हो चुका है। गोकुल का एक भाई गुरनाम (18), दो बहनें रवीता और कविता हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन रेनू अविवाहित है। गोकुल की मौत के कारण परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
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इन दिनों उसकी तैनाती मुंबई में चल रही थी। परिवार के लोगों ने गोकुल का रिश्ता बनत निवासी युवती से तय कर दिया था और नौ फरवरी को शादी होेने वाली थी। इसी के चलते छुट्टी लेकर गोकुल घर आया था। रविवार को गोकुल अपने रिश्तेदार को हिंड रेलवे स्टेशन पर छोड़ने गया था। इसी दौरान एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में गोकुल पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पहले तो उसको शामली के अस्पताल में उपचार दिलाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के चलते उसे मेरठ ले जाकर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान गोकुल ने दम तोड़ दिया।
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सोमवार दोपहर बाद गोकुल का शव लेकर सैनिकों का दल गांव धनेना पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह और गोकुल के चाचा सूबेदार सलेकचंद ने बताया कि गोकुल ही इस परिवार का सहारा था। गोकुल की मौत से धनेना गांव के लोग गमजदा हैं।
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पिता दिव्यांग, मां का दस साल पूर्व हुआ निधन
गोकुल के पिता रामपाल सिंह दिव्यांग हैं, जबकि 10 वर्ष पूर्व उसकी मां का निधन हो चुका है। गोकुल का एक भाई गुरनाम (18), दो बहनें रवीता और कविता हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन रेनू अविवाहित है। गोकुल की मौत के कारण परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।