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Shamli News: ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर भी ठगी का रहा गिरोह
Wed, 08 May 2024 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 08 May 2024 01:21 AM IST
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शामली। ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर भी गिरोह साइबर ठगी कर रहा है। जिले के कुछ लोग गिरोह के झांसे में आ चुके हैं। पुलिस और साइबर सेल लोगों को गिरोह से बचाव की सलाह दे रहा है। यहीं नहीं, कुछ मामलों में लोन दिया नहीं और भरने के लिए पीड़ित के रिश्तेदारों और दोस्तों के पास भी कॉल की जा रही है।
शामली के काजीवाड़ा के रहने वाले जिशान ने बताया कि उसने ऑनलाइन लोन लेने के लिए एक साइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। उससे सिक्योरिटी के तौर पर पांच हजार रुपये जमा करा लिए गए मगर लोन नहीं दिया गया। यही नहीं मेरे रिश्तेदारों के पास कॉल कर 10 हजार रुपये की मांग भी गिरोह के सदस्यों ने की। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। बुढ़ाना रोड के रहने वाले अतुल कुमार से भी लोन के नाम पर पांच हजार की ठगी कर ली गई। पीड़ित अब पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर है। साइबर थाना प्रभारी संजीव भटनागर का कहना है कि कुछ साइबर ठगों ने फर्जी साइट लोन देने के लिए बना ली है। उनसे लोगों को दूर रहना चाहिए।
बैंक के बाहर भी चस्पा किए गए हैं जागरूकता के संदेश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इंस्टेंट एप को लेकर अलर्ट जारी किया है। बैंक की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि किसी भी तरह के अंजान लिंक को क्लिक न करें। साथ ही तुरंत लोन देने वाले फर्जी एप से बचने की जरूरत है।
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यह बरतें सावधानियां
साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर संजीव भटनागर के अनुसार
लोन लेने से पहले ऑफर, उसकी शर्तें और नियम की जानकारी ले लें।
किसी भी सस्पेक्टेड लिंक को क्लिक करने से बचें। उसे डाउनलोड करने से परहेज करें।
एप के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तहत रजिस्ट्रेशन को चेक करें।
एनबीएफसी और अन्य तरह की कंपनियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। कंपनी के एप में लोकेशन और अन्य तरह की जानकारी मांगने पर रिजेक्ट कर दें।
पाठक और उनके जवाब...
सवाल : मेरी फेसबुक आईडी हैक कर दोस्तों से रुपये मांगे गए थे। मामले की शिकायत पुलिस से की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। - सुधीर कुमार, गोहरनी
जवाब : शिकायती पत्र भेज दें, तुरंत कार्रवाई कराई जाएगी।
सवाल : एक माह पूर्व ही ओटीपी पूछकर खाते से 22 हजार रुपये निकाले गए थे। क्या करुं। - पंकज कुमार, लिलौन
जवाब : साइबर थाने में शिकायत करो, जांच के बाद कार्रवाई कराई जाएगी।
सवाल : साइबर क्राइम की शिकायत थाने पर भी की जा सकती है। - सुनीता, दिल्ली रोड शामली
जवाब : साइबर थाने के अलावा अन्य थानों पर भी साइबर क्राइम की शिकायत की जा सकती है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आपके साथ भी किसी तरह की साइबर ठगी या फिर ठगी का प्रयास हुआ तो अमर उजाला के मोबाइल नंबर 9548521732 पर व्हाट्सएप या फिर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। साइबर क्राइम को लेकर आपकी कोई शंका है कि हमें भेजें, साइबर एक्सपर्ट से उनका जवाब दिलाने का प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्या को अखबार में भी प्रकाशित किया जाएगा।
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शामली के काजीवाड़ा के रहने वाले जिशान ने बताया कि उसने ऑनलाइन लोन लेने के लिए एक साइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। उससे सिक्योरिटी के तौर पर पांच हजार रुपये जमा करा लिए गए मगर लोन नहीं दिया गया। यही नहीं मेरे रिश्तेदारों के पास कॉल कर 10 हजार रुपये की मांग भी गिरोह के सदस्यों ने की। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। बुढ़ाना रोड के रहने वाले अतुल कुमार से भी लोन के नाम पर पांच हजार की ठगी कर ली गई। पीड़ित अब पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर है। साइबर थाना प्रभारी संजीव भटनागर का कहना है कि कुछ साइबर ठगों ने फर्जी साइट लोन देने के लिए बना ली है। उनसे लोगों को दूर रहना चाहिए।
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बैंक के बाहर भी चस्पा किए गए हैं जागरूकता के संदेश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इंस्टेंट एप को लेकर अलर्ट जारी किया है। बैंक की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि किसी भी तरह के अंजान लिंक को क्लिक न करें। साथ ही तुरंत लोन देने वाले फर्जी एप से बचने की जरूरत है।
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साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर संजीव भटनागर के अनुसार
लोन लेने से पहले ऑफर, उसकी शर्तें और नियम की जानकारी ले लें।
किसी भी सस्पेक्टेड लिंक को क्लिक करने से बचें। उसे डाउनलोड करने से परहेज करें।
एप के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तहत रजिस्ट्रेशन को चेक करें।
एनबीएफसी और अन्य तरह की कंपनियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। कंपनी के एप में लोकेशन और अन्य तरह की जानकारी मांगने पर रिजेक्ट कर दें।
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सवाल : मेरी फेसबुक आईडी हैक कर दोस्तों से रुपये मांगे गए थे। मामले की शिकायत पुलिस से की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। - सुधीर कुमार, गोहरनी
जवाब : शिकायती पत्र भेज दें, तुरंत कार्रवाई कराई जाएगी।
सवाल : एक माह पूर्व ही ओटीपी पूछकर खाते से 22 हजार रुपये निकाले गए थे। क्या करुं। - पंकज कुमार, लिलौन
जवाब : साइबर थाने में शिकायत करो, जांच के बाद कार्रवाई कराई जाएगी।
सवाल : साइबर क्राइम की शिकायत थाने पर भी की जा सकती है। - सुनीता, दिल्ली रोड शामली
जवाब : साइबर थाने के अलावा अन्य थानों पर भी साइबर क्राइम की शिकायत की जा सकती है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आपके साथ भी किसी तरह की साइबर ठगी या फिर ठगी का प्रयास हुआ तो अमर उजाला के मोबाइल नंबर 9548521732 पर व्हाट्सएप या फिर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। साइबर क्राइम को लेकर आपकी कोई शंका है कि हमें भेजें, साइबर एक्सपर्ट से उनका जवाब दिलाने का प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्या को अखबार में भी प्रकाशित किया जाएगा।

रेवाड़ी। नेहरू पार्क में टूटे पड़े झूले। संवाद

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